लॉर्ड कर्जऩ की हवेली को ‘ए’ सर्टिफिकेट, मेकर्स नाराज़

मुंबई। बॉलीवुड अभिनेता और फिल्ममकार अंशुमन झा अपनी डायरेक्टोरियल डेब्यू फिल्म लॉर्ड कर्जऩ की हवेली को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (सीबीएफसी) से ‘ए’ सर्टिफिकेट मिलने पर खुश नहीं है। तीन जनवरी 2025 को फिल्म लॉर्ड कर्जऩ की हवेली की सेंसर स्क्रीनिंग हुई थी और चार महीने से ज़्यादा लंबी प्रक्रिया के बाद फिल्म को मंजूरी मिली है, लेकिन मेकर्स इस सर्टिफिकेट से खुश नहीं हैं। निर्देशक अंशुमन झा ने बताया कि सीबीएफसी एक महिला किरदार द्वारा बोले गए एक गाली को हटाने या म्यूट करने को कहा क्योंकि उसमें महिला-संबंधित शब्द जुड़ा हुआ था, जबकि फिल्म को पहले ही ए सर्टिफिकेट दिया जा चुका है।
इसके अलावा, बोर्ड को फिल्म की भाषा से भी आपत्ति थी क्योंकि फिल्म 50 प्रतिशत हिंदी और 50 प्रतिशत अंग्रेज़ी में है। इस बात से भी निर्देशक नाखुश हैं। सेंसर सर्टिफिकेट मिलने पर अंशुमन झा ने कहा कि हमें आखिरकार सर्टिफिकेशन मिल गया है, ये राहत की बात है। लेकिन ये सफर आसान नहीं था। हम हमेशा वही फिल्म बनाना चाहते थे जो हमने सोची थी। इतनी देर के बाद फिर ए सर्टिफिकेट मिलना और फिर भी सीन काटना या म्यूट करना। यह सब निराशाजनक है। मैं नियम मानने को तैयार हूं, पर ज़रूरत है कि यह प्रक्रिया समान और पारदर्शी हो।









