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शिक्षा क्षेत्र को गति देने के लिए लीक से हटकर कदम उठा रहे हैं: मुख्यमंत्री भगवंत मान

चंडीगढ़, 27 जून:
पंजाब के मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान ने आज कहा कि राज्य सरकार पंजाब में शिक्षा क्षेत्र को प्रगति देने के लिए लीक से हटकर कदम उठा रही है।

नीट परीक्षा उत्तीर्ण करने वाले सरकारी स्कूलों के छात्रों को सम्मानित करने के लिए आयोजित समारोह में उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले तीन वर्षों में शिक्षा क्षेत्र में अनुकरणीय बदलाव देखने को मिले हैं। उन्होंने कहा कि इन क्रांतिकारी कदमों से शिक्षा क्षेत्र को नई ऊर्जा मिली है, जिसके चलते आज पंजाब के छात्र प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के झंडे गाड़ रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि पंजाब के 509 सरकारी स्कूलों के छात्रों ने प्रतिष्ठित नीट परीक्षा में सफलता प्राप्त की है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य, बुनियादी ढांचा, उद्योग, खेल, रोजगार और नशा उन्मूलन, राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार ने ‘ युद्ध नशों विरुद्ध”’ के रूप में एक व्यापक जन आंदोलन शुरू किया है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि नशा तस्करी में शामिल दोषियों को सख्ती से सलाखों के पीछे डाला जा रहा है और नशे की जड़ों को उखाड़ फेंकने के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इन छात्रों ने अपनी कड़ी मेहनत और संघर्ष से यह सफलता हासिल की है और अब यह छात्र पूरे समाज के लिए एक प्रेरणा बनेंगे। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों द्वारा 70 वर्षों से फैलाई गई अव्यवस्थाओं को सुधारने के लिए मौजूदा सरकार ने अपने पहले दिन से ही काम शुरू कर दिया था। मुख्यमंत्री ने अफसोस जताते हुए कहा कि पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण राज्य के अनेक युवाओं की आयु सरकारी नौकरियों के लिए निर्धारित सीमा से पार हो गई।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज सरकारी स्कूलों के माध्यम से माता-पिता के सपने साकार हो रहे हैं, जो अब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह दुर्भाग्य की बात है कि जहाँ राजनीतिक नेताओं के लिए चुनाव लड़ने की कोई आयु सीमा नहीं है, वहीं सरकारी नौकरियों के लिए आयु सीमा निर्धारित है।

मुख्यमंत्री ने चंडीगढ़ स्थित उस भवन का भी विशेष उल्लेख किया, जहाँ यह कार्यक्रम आयोजित किया गया। उन्होंने कहा कि यह भवन हजारों युवाओं को सरकारी नियुक्ति पत्रों का साक्षी बना है, इसलिए इसे ‘नियुक्ति पत्र भवन’ कहा जा सकता है। उन्होंने गर्व से कहा कि पंजाब सरकार अब तक 54,000 से अधिक युवाओं को मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियाँ प्रदान कर चुकी है। यह राज्य के लिए शुभ संकेत है कि अब पंजाब प्रवासी युवाओं की वापसी का साक्षी बन रहा है, क्योंकि अब सरकारी नौकरियाँ उपलब्ध होने के कारण युवा विदेशों से लौट रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि पूरी भर्ती प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी और निष्पक्ष रही है, जिससे अब युवाओं का राज्य सरकार पर विश्वास बढ़ा है और वे विदेश जाने की सोच छोड़कर सरकारी नौकरियों की तैयारी में जुटे हुए हैं। उन्होंने कहा कि मेहनती और संघर्षशील पंजाबी हर स्तर पर अग्रणी रहे हैं और पंजाब के पास उपजाऊ भूमि और साहसी लोगों की संपत्ति है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों की उपेक्षा के कारण कई होशियार युवा विदेशों में जा बसे। लेकिन मौजूदा सरकार द्वारा परिस्थितियाँ बदलने के साथ ही अब बड़ी संख्या में छात्र सरकारी नौकरियों में शामिल होकर राज्य के सामाजिक और आर्थिक विकास का अभिन्न हिस्सा बन रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को देश का अग्रणी राज्य बनाने के लिए युवाओं की सक्रिय भागीदारी और सहयोग अत्यंत आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक सकारात्मक बदलाव के तहत अब सरकारी स्कूलों में भी माता-पिता शिक्षक मीटिंग्स (पी.टी.एम.) का आयोजन किया जा रहा है, जो पहले केवल निजी स्कूलों तक ही सीमित थीं। उन्होंने कहा कि यह एक बेहतरीन पहल है, जिसके माध्यम से माता-पिता और शिक्षकों के बीच विद्यार्थियों की पढ़ाई को लेकर बेहतर तालमेल स्थापित हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने पंजाब में शिक्षा क्रांति की शुरुआत की है और इसे और अधिक गति देने के लिए कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एक अन्य महत्वपूर्ण कदम के तहत राज्य सरकार ने जनता के लिए आधुनिक पुस्तकालयों की स्थापना भी शुरू की है, ताकि छात्रों में पढ़ने की रुचि बढ़े। उन्होंने कहा कि इन पुस्तकालयों को वाई-फाई, सोलर पावर, डिजिटल एनालॉग और अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। उन्होंने बताया कि इन पुस्तकालयों में विश्व स्तर की साहित्यिक पुस्तकों के साथ-साथ पाठ्यक्रम संबंधी पुस्तकें भी उपलब्ध हैं, जो छात्रों के सीखने के अनुभव को और बेहतर बना रही हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन पुस्तकालयों में दुर्लभ और अनमोल पुस्तकों का भंडार है, जो पुस्तक प्रेमियों को अपनी ओर आकर्षित करता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है और जनता के जीवन स्तर को सुधारने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में मिसाल कायम करने वाले कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा कि गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों का समाधान रियायतें या मुफ्त सुविधाएँ नहीं, बल्कि शिक्षा के माध्यम से ही संभव है। केवल शिक्षा ही लोगों को दलदल से निकाल कर सशक्त बना सकती है।

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