महाराष्ट्र के स्कूलों में अब हिंदी अनिवार्य नहीं, सरकार ने तीन भाषा नीति पर दोनों आदेश वापस लिए

मुंबई
महाराष्ट्र सरकार ने रविवार को तीन भाषा नीति से जुड़े अपने दो आदेश (जीआर) रद्द कर दिए। सरकार के इस आदेश के खिलाफ विपक्ष लगातार विरोध कर रहा था। इसके तहत सरकार ने इसी साल अप्रैल में कक्षा पहली से पांचवीं तक तीसरी भाषा के तौर पर हिंदी को अनिवार्य करने का आदेश जारी किया था। सीएम देवेंद्र फडऩवीस और दोनों डिप्टी सीएम ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की। सीएम ने कहा कि तीन भाषा नीति को लेकर शिक्षाविद नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में कमेटी बनाई गई है। इसके रिपोर्ट के बाद ही हिंदी की भूमिका पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। ्रहिंदी को तीसरी भाषा के रूप में ‘थोपे जाने’ के आरोपों के बीच बढ़ते विरोध के चलते सरकार ने यह कदम उठाया है। इसके साथ ही सरकार ने इस नीति की समीक्षा और क्रियान्वयन के लिए एक नई समिति गठित करने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडऩवीस ने बताया कि यह निर्णय राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में लिया गया। उन्होंने कहा कि थ्री-लैंग्वेज पॉलिसी और उसके क्रियान्वयन के तरीके को लेकर डॉ. नरेंद्र जाधव की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी। इस समिति की रिपोर्ट आने के बाद ही नीति लागू की जाएगी।








