
पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैस और ‘आप’ पंजाब के इंचार्ज श्री मनीष सिसोदिया ने आज ‘हुनर शिक्षा स्कूल’ हैंडबुक लॉन्च की। इस अवसर पर उन्होंने शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए 40 स्कूलों में शुरू किए गए “हुनर शिक्षा स्कूल” कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसका उद्देश्य 11वीं और 12वीं कक्षा के छात्रों को नए युग की आवश्यकताओं के अनुसार अत्याधुनिक कौशल से लैस करना है। इस अवसर पर उन शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और तकनीकी सहयोगियों का सम्मान भी किया गया, जिन्होंने उद्योग-केंद्रित पाठ्यक्रम तैयार करने में योगदान दिया।
एम.सी. भवन में आयोजित समारोह के दौरान श्री हरजोत सिंह बैस ने कहा कि शिक्षा प्रणाली लंबे समय से उद्योग की जरूरतों को ध्यान में रखकर चल रही थी। उन्होंने बताया कि 2.8 लाख छात्रों के सर्वेक्षण और राष्ट्रीय आंकड़ों ने एक कड़वी सच्चाई पेश की कि स्कूल शिक्षा पूरी करने के बाद 45 प्रतिशत से अधिक छात्र नौकरी के लिए तैयार नहीं होते, जिसका मुख्य कारण सही कौशल प्रशिक्षण का अभाव और कमजोर सामाजिक-आर्थिक पृष्ठभूमि है। इस कारण पंजाब सरकार ने देशभर में कौशल शिक्षा को सुदृढ़ करने के लिए यह पहल शुरू की है।
इस दौरान श्री बैस और श्री सिसोदिया ने शिक्षकों, विषय विशेषज्ञों और अन्य सहयोगियों के साथ विचार-विमर्श कर “हुनर शिक्षा स्कूल” कार्यक्रम के बारे में फीडबैक भी लिया। शिक्षा मंत्री ने बताया कि यह पहल सीनियर सेकेंडरी पाठ्यक्रम में तीन विषयों पर आधारित मॉडल के साथ कौशल शिक्षा में क्रांति लाएगी। इसे पारंपरिक पाठ्य आधारित शिक्षा से पूरी तरह अलग तैयार किया गया है।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के तहत छात्र चार उच्च मांग वाले क्षेत्रों में से किसी एक में कौशल हासिल कर सकते हैं, जो विशेषज्ञ और उद्योग नेताओं द्वारा तैयार और प्रमाणित पाठ्यक्रम के माध्यम से उपलब्ध हैं। इनमें शामिल हैं:
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मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार हेल्थकेयर साइंसेज एंड सर्विसेज,
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आईआईटी दिल्ली द्वारा विकसित डिजिटल डिजाइन एंड डेवलपमेंट,
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ओरेंन इंटरनेशनल द्वारा डिज़ाइन्ड ब्यूटी एंड वेलनेस,
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लेबरनेट सर्विसेज इंडिया लिमिटेड द्वारा तैयार बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज एंड इंश्योरेंस (बी.एफ.एस.आई)।
शिक्षा मंत्री ने बताया कि एजुकेशन अलायंस और माइकल एंड सुसन डेल फाउंडेशन ने तकनीकी सहयोग के रूप में इस पहल को मजबूती प्रदान की। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम पेशेवर कौशल विषयों को अनिवार्य बनाकर छात्रों के संपूर्ण विकास को सुनिश्चित करेगा।
कार्यस्थल की जरूरत के अनुसार कैंब्रिज यूनिवर्सिटी प्रेस एंड असेसमेंट ने ‘फंक्शनल इंग्लिश एंड कम्युनिकेशन’ का विशेष पाठ्यक्रम तैयार किया है। इसके अलावा करियर फाउंडेशन और डिजिटल साक्षरता कोर्स छात्रों को वित्तीय, कानूनी और तकनीकी समझ से लैस करेंगे।
श्री बैस ने कहा कि देशभर में स्कूल शिक्षा में पंजाब अग्रणी है, जो कक्षा में उद्योग की जरूरतों के अनुसार पाठ्यक्रम शामिल करके अपने शिक्षा मॉडल में क्रांति ला रहा है। ‘हुनर शिक्षा स्कूल’ कार्यक्रम छात्रों को एआई, डिजिटल डिजाइन और भविष्य-केंद्रित कार्यक्षेत्रों में कौशल से लैस करेगा, जिससे वे पहले दिन से ही नौकरी के लिए तैयार होंगे।
पंजाब सरकार बेहतर अनुभव सुनिश्चित करने के लिए अत्याधुनिक बुनियादी ढांचा, प्रयोगशालाएं और इंटर्नशिप के अवसर प्रदान कर रही है। इस दौरान उपस्थित शिक्षकों और सहयोगियों को संबोधित करते हुए श्री मनीष सिसोदिया ने रटने की शिक्षा से हटकर व्यवहारिक कौशल पर ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों को 10वीं कक्षा के बाद आईटी और अन्य क्षेत्रों में अवसरों की पड़ताल करने योग्य बनाना आवश्यक है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली सरकार ‘हुनर शिक्षा स्कूल’ के माध्यम से एक ऐसा माहौल सृजित कर रही है, जो स्कूल स्तर पर कौशल को तराशकर छात्रों को रोजगार के योग्य बनाएगी। इस अवसर पर स्कूल शिक्षा विभाग की प्रबंधकीय सचिव श्रीमती अनिंदिता मित्रा, मिशन डायरेक्टर पीएसडीएम अमृत सिंह, सदस्य पंजाब विकास आयोग अनुराग कुंडू, अतिरिक्त सचिव स्कूल शिक्षा कल्पना के., निदेशक सेकेंडरी शिक्षा गुरिंदर सिंह सोढ़ी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।









