आम आदमी की भलाई के लिए हर संभव प्रयास करें: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ऑल इंडिया और केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों से अपी

चंडीगढ़, 25 दिसंबर:
शासन में लोगों को प्राथमिकता देने का स्पष्ट मानदंड स्थापित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऑल इंडिया और केंद्रीय सेवाओं के अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने को कहा कि उनका प्रत्येक प्रशासनिक निर्णय आम आदमी की भलाई और राहत के लिए हो। यहां विशेष फाउंडेशन कोर्स (एसएफसी) के लिए महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (मगसीपा) पहुंचे 32 आईपीएस, आईआरएस और अन्य सेवाओं के अधिकारियों के साथ संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने इस बात पर जोर दिया कि पद के साथ जिम्मेदारी भी आती है और शासन का मूल्यांकन नागरिकों के जीवन पर उसके प्रभाव से किया जाना चाहिए।
उन्होंने ऐसे कार्यक्रम की मेजबानी कर देश की शीर्ष पांच राज्य स्तरीय प्रशासनिक प्रशिक्षण संस्थाओं में स्थान प्राप्त करने के लिए मगसीपा को बधाई दी, जो पंजाब की पेशेवर दृष्टि और जवाबदेह प्रशासन को दर्शाता है। प्रशिक्षण ले रहे अधिकारियों ने पंजाब सरकार की कई मार्गदर्शक पहलों की सराहना की और उनके जमीनी स्तर पर स्पष्ट परिणामों की ओर भी संकेत किया।
अधिकारियों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह जानकर खुशी हुई है कि लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी के सहयोग से वर्ष 2021 बैच के इन अधिकारियों के लिए 10 सप्ताह का विशेष फाउंडेशन कोर्स आयोजित किया जा रहा है। इस समूह में आईपीएस, भारतीय वन सेवा, आईआरएस (आयकर एवं सीमा शुल्क), भारतीय डाक सेवा, भारतीय सूचना सेवा, भारतीय सिविल लेखा सेवा, भारतीय पी एंड टी वित्त सेवा, भारतीय व्यापार सेवा और भारतीय कॉर्पोरेट लॉ सेवा के अधिकारी शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहली बार है जब मगसीपा, लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी की ओर से विशेष फाउंडेशन कोर्स (एसएफसी) का आयोजन कर रहा है। आम तौर पर ऐसे कोर्स राष्ट्रीय अकादमियों जैसे नेशनल पुलिस अकादमी और नेशनल अकादमी ऑफ डायरेक्ट टैक्सेज द्वारा कराए जाते हैं। उन्होंने कहा कि मगसीपा के बुनियादी ढांचे और उत्कृष्ट फैकल्टी को ध्यान में रखते हुए मसूरी अकादमी ने इसका चयन किया है।
उन्होंने कहा कि विशेष फाउंडेशन कोर्स का पाठ्यक्रम अत्यंत व्यापक है, जिसमें विभिन्न विषयों पर व्याख्यान, फील्ड विजिट (क्षेत्रीय दौरे) और अन्य विचार-विमर्श सत्र शामिल हैं।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों का स्वागत करते हुए कहा कि उन्हें खुशी है कि ये अधिकारी प्रशिक्षु चंडीगढ़ में हैं, जो विभिन्न संस्कृतियों का संगम है। इस शहर में विशेष रूप से पंजाबियत की झलक देखने को मिलती है। प्रशिक्षु इस शहर और पंजाब की गर्मजोशी भरी मेहमाननवाजी का भरपूर आनंद लेंगे।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने अधिकारियों को बताया कि पंजाब इतिहास, संस्कृति और परंपराओं की दृष्टि से अत्यंत समृद्ध है और प्रशिक्षुओं को इस पवित्र धरती से सीखने के अवसर का अधिकतम लाभ उठाना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने विश्वास जताया कि मगसीपा और उसकी फैकल्टी को भी विभिन्न राज्यों, कैडरों/सेवाओं और विविध अनुभवों वाले इन अधिकारी प्रशिक्षुओं से बहुत कुछ सीखने को मिलेगा। उन्होंने कहा, “मुझे यह बताते हुए खुशी है कि चंडीगढ़, इस क्षेत्र का प्रमुख केंद्र होने के नाते, सार्वजनिक सेवा के क्षेत्र में कई प्रतिष्ठित व्यक्तित्वों का निवास स्थान है, जिनमें से कई से इन अधिकारियों की मुलाकात हुई होगी। ये वे अधिकारी हैं जिन्होंने सार्वजनिक सेवा में दशकों समर्पित किए हैं और इस क्षेत्र में विशेष मुकाम हासिल किया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि वर्ष 2022 में उनकी सरकार के सत्ता में आने के बाद से पंजाब ने ‘शिक्षा क्रांति’ के माध्यम से शिक्षा के क्षेत्र में अभूतपूर्व प्रगति की है। उन्होंने कहा कि राज्य न केवल आने वाली पीढ़ियों पर ध्यान केंद्रित कर रहा है, बल्कि अपने मौजूदा कर्मचारियों की क्षमता बढ़ाने और उन्हें प्रशिक्षण देने के लिए भी प्रयासरत है ताकि वे पंजाब के लोगों की बेहतर सेवा कर सकें। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार इस बात पर विशेष जोर दे रही है कि यह एक सतत प्रक्रिया बने और शिक्षकों के कौशल को निरंतर निखारा जाए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले साढ़े तीन वर्षों में मगसीपा ने लगभग 1500 प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए हैं, जिनके माध्यम से प्रशासन और शासन के विभिन्न पहलुओं में 50,000 से अधिक कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण और शोध के क्षेत्रों में विशेषज्ञता, फैकल्टी और ज्ञान के आदान-प्रदान के लिए मगसीपा ने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं/संगठनों के साथ 33 समझौता ज्ञापनों पर हस्ताक्षर किए हैं।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने बताया कि मगसीपा द्वारा की गई उत्कृष्ट प्रगति के आधार पर भारत सरकार के कैपेसिटी बिल्डिंग कमीशन (सीबीसी) द्वारा इसे सर्वोच्च 3-स्टार (बहुत अच्छा) रेटिंग से मान्यता दी गई है। सभी राज्यों की प्रशिक्षण संस्थाओं में यह सबसे ऊंची रेटिंग है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब संतों, पीर-फकीरों की धरती है और पंजाब के पुत्रों ने महान गुरुओं और देशभक्तों की कुर्बानियों से बहुत कुछ सीखा है। उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने हमेशा अत्याचार, अन्याय और शोषण का विरोध कर लोकतांत्रिक मूल्यों को कायम रखा है। उन्होंने कहा कि पंजाबियों ने स्वतंत्रता संग्राम में महान बलिदान देने के साथ-साथ सीमाओं की रक्षा से लेकर देश को खाद्यान्न उत्पादन में आत्मनिर्भर बनाने और देश की एकता व अखंडता की रक्षा के लिए अतुलनीय योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश के विभाजन, भारत-पाक युद्धों और कई अन्य आघातों को झेला है, फिर भी पंजाब हर क्षेत्र में आगे रहा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाबी वैश्विक नागरिक हैं, जिन्होंने अपनी मेहनत और समर्पण से दुनिया भर में अलग पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि पंजाबी लोगों ने समर्पण और सहनशीलता की अद्वितीय भावना से विश्वभर में अपनी पहचान स्थापित की है। उन्होंने अधिकारियों से आग्रह किया कि आने वाले समय में वे अपनी कलम का प्रयोग सोच-समझकर जनकल्याण के लिए करें ताकि लोगों को इसका लाभ मिल सके।
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान से बातचीत के दौरान अधिकारियों ने शानदार शहरी नियोजन और सड़क बुनियादी ढांचे के लिए राज्य सरकार की सराहना की। उन्होंने शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में उदाहरणीय सुधारों के लिए भी राज्य सरकार की प्रशंसा की, जिससे आम आदमी को बड़ा लाभ हुआ है। उन्होंने यह भी कहा कि फूड प्रोसेसिंग जैसे नए और उभरते क्षेत्रों में राज्य की प्रगति वास्तव में सराहनीय है और साथ ही कहा कि गांवों का समग्र विकास देश के लिए एक रोल मॉडल है।
अधिकारियों ने बड़े खेल मैदान बनाकर खेलों को प्रोत्साहित करने की राज्य सरकार की पहल को भी एक विशिष्ट उपलब्धि बताया। उन्होंने राज्य सरकार, विशेष रूप से मुख्यमंत्री, की गर्मजोशी भरे और आरामदायक प्रवास तथा उत्कृष्ट मेहमाननवाजी के लिए भी सराहना की। अधिकारियों ने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार की मार्गदर्शक पहलों के कारण पंजाब वास्तव में देश का अग्रणी राज्य बन गया है।









