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वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बैंकों के लिए पेंशनर सेवा पोर्टल के पंजीकरण को पूरा करने हेतु समय-सीमा निर्धारित की।

चंडीगढ़, 25 दिसंबर

पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने पेंशनर सेवा पोर्टल पर राज्य के पेंशनरों की 100% पंजीकरण प्रक्रिया को तेज करने के उद्देश्य से आज यहां पेंशन वितरण करने वाले बैंकों के साथ एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की और प्रत्येक बैंक के केस लोड के अनुसार इस कार्य को पूरा करने के लिए समय-सीमाएं निर्धारित कीं। वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा कि यह डिजिटल परिवर्तन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार की एक प्रमुख प्राथमिकता है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पंजाब सरकार के पेंशनर सरकारी दफ्तरों में गए बिना अपने घरों से ही आवश्यक सेवाओं तक पहुंच बना सकें।

इस व्यापक प्रगति समीक्षा के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि पोर्टल की शुरुआत और उसके बाद जिला स्तरीय ‘सेवा मेलों’ के आयोजन के बाद अब तक 1,11,233 पेंशनर सफलतापूर्वक अपना ई-केवाईसी पूरा कर चुके हैं, और इस रफ्तार को और तेज करने की जरूरत है ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि शेष सभी पेंशनर भी इस सेवा के लिए पंजीकृत हो सकें। उन्होंने बैंक अधिकारियों को सेवानिवृत्त पेंशनरों की सहायता के लिए सक्रिय भूमिका निभाने के निर्देश दिए, विशेष रूप से शाखा प्रबंधकों को उन बुजुर्ग पेंशनरों को आवश्यक सहायता प्रदान करने के लिए कहा जो डिजिटल इंटरफेस से परिचित नहीं हैं। वित्त मंत्री ने चेतावनी दी कि बैंक स्तर पर किसी भी प्रकार की लापरवाही या तकनीकी बाधा, जो इस पंजीकरण प्रक्रिया में रुकावट डालती है, उसके प्रति सख्त जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी।

इस संबंध में उठाई गई चिंताओं को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री चीमा ने भरोसा दिलाया कि इस अनिवार्य पंजीकरण चरण के दौरान पेंशन वितरण बिना किसी बाधा के जारी रहेगा। बैठक के समापन अवसर पर वित्त मंत्री ने इस योजना में शामिल सभी भागीदारों से अपील की कि वे मिशन-मोड की भावना से कार्य करें, ताकि पंजाब को डिजिटल कल्याण सेवाओं में अग्रणी बनाया जा सके और यह सुनिश्चित हो सके कि राज्य के 3.15 लाख पेंशनरों को यह सुविधा बिना किसी रुकावट या कठिनाई के उपलब्ध कराई जा सके।

बैठक में अन्य के अलावा अतिरिक्त मुख्य सचिव (वित्त) आलोक शेखर, निदेशक खजाना अरविंद के. एम. के. तथा अतिरिक्त निदेशक खजाना सिमरजीत कौर भी उपस्थित थे।

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