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गाय जरूरतमंद परिवारों के लिए बनेगी रोजगार का साधन — धालीवाल

अमृतस, 27 दिसंबर :
आज अजनाला क्षेत्र में भयानक बाढ़ के दौरान पशुधन के नुकसान से प्रभावित किसानों/पशुपालकों को राहत देने के उद्देश्य से डिप्टी कमिश्नर श्री दलविंदरजीत सिंह के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा मिशन चढ़दी कला और मिशन सांझा उपराला के तहत कार्य करते हुए श्री राकेश हांडा के सहयोग से 23 और पशुपालकों को, जिनके पशु बाढ़ की भेंट चढ़ गए थे, साहीवाल नस्ल की गायें उपलब्ध करवाई गईं। उल्लेखनीय है कि इससे पहले भी 16 परिवारों को उक्त शख्सियतों द्वारा गायें प्रदान की जा चुकी हैं।
इस अवसर पर हलका विधायक एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री पंजाब सरदार कुलदीप सिंह धालीवाल, विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर, डिप्टी कमिश्नर श्री दलविंदरजीत सिंह, अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर श्री रोहित गुप्ता, श्री राकेश हांडा, जिला रेड क्रॉस सोसाइटी के सचिव श्री सैमसन मसीह तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
श्री राकेश हांडा की सहभागिता से 23 प्रभावित किसानों/पशुपालकों को गायों की नस्लों में सबसे उत्तम साहीवाल नस्ल की गायें भेंट की गईं। ये गायें श्री राकेश हांडा तथा उनके देश-विदेश में बसे पारिवारिक सदस्यों और मित्रों द्वारा दान की गई हैं।
प्रभावित किसानों को गायें दान करने की रस्म के दौरान विधायक एवं पूर्व मंत्री सरदार कुलदीप सिंह धालीवाल ने महंगे मूल्य की उत्तम नस्ल की गायें भेंट करने वाले राकेश हांडा और उनके सहयोगी परिवारों का विशेष रूप से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि गाय दान को सबसे श्रेष्ठ, संतोषजनक, पवित्र और शुभ दान माना गया है, वहीं ये गायें जरूरतमंद परिवारों के लिए रोजगार का साधन भी बनेंगी।
सरदार धालीवाल ने अपने विचारों में यह भी कहा कि गाय, जिसे गौ माता भी माना जाता है, की सेवा करने से घर में सुख-शांति बनी रहती है और धन-समृद्धि की कमी नहीं आती।
विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर ने अजनाला क्षेत्र सहित पूरे पंजाब में मिशन सांझा उपराला और मिशन रंगला पंजाब चढ़दी कला के तहत देश-विदेश से समाजसेवी, धार्मिक संस्थाएं, कर्मचारी संगठन और निजी दानदाताओं द्वारा बाढ़ पीड़ितों के पुनर्वास के लिए ढहे हुए घरों के पुनर्निर्माण, लंगर, पीने के पानी की व्यवस्था, जमीनों को खेती योग्य बनाने, विद्यार्थियों को पढ़ाई की सामग्री व बैग, बाढ़ पीड़ितों को चारपाइयां, बिस्तर, कंबल, दवाइयां आदि देने तथा कार सेवा वाले बाबाओं द्वारा टूटे हुए धूस्सी बांधों के निर्माण के लिए की जा रही सेवाओं की नतमस्तक होकर सराहना की।

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