
चंडीगढ़, 28 दिसंबर :
पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर में स्थापित वन स्टॉप सेंटरों के माध्यम से चालू वित्तीय वर्ष में नवंबर माह तक 5121 हिंसा पीड़ित महिलाओं को नि:शुल्क चिकित्सा एवं कानूनी सहायता प्रदान की गई है। यह जानकारी सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने दी।
इस संबंध में और जानकारी देते हुए डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है कि प्रत्येक महिला समाज में सम्मान, गरिमा और सुरक्षित जीवन जी सके। इसी उद्देश्य के तहत वन स्टॉप सेंटरों के माध्यम से हिंसा पीड़ित महिलाओं को एक ही स्थान पर नि:शुल्क चिकित्सा उपचार, कानूनी सहायता, पुलिस सहयोग, काउंसलिंग तथा अस्थायी आवास जैसी महत्वपूर्ण सुविधाएं उपलब्ध करवाई जा रही हैं।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि हिंसा पीड़ित किसी भी महिला को केवल आंकड़ों तक सीमित करके नहीं देखा जा सकता, क्योंकि उसके पीछे टूटा हुआ आत्मविश्वास, असुरक्षा से घिरा मन और न्याय की मजबूत आशा होती है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार की यह नैतिक और सामाजिक जिम्मेदारी है कि वह ऐसी हर महिला के साथ मजबूती से खड़ी रहे और उसे केवल सुरक्षा ही नहीं, बल्कि भरोसा, सहारा और नए जीवन की शुरुआत का अवसर भी प्रदान करे। वन स्टॉप सेंटरों के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि कोई भी महिला अपने दर्द के साथ अकेली न रहे और उसे न्याय व सम्मान के साथ जीवन जीने का पूरा अधिकार मिले।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मान सरकार महिलाओं की सुरक्षा और सशक्तिकरण को केवल योजनाओं तक सीमित नहीं रख रही, बल्कि इसे शासन की प्रमुख प्राथमिकता बनाया गया है। सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि हिंसा पीड़ित प्रत्येक महिला तक समय पर सहायता पहुंचे और उसे न्याय, सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ने के लिए पूरा सरकारी सहयोग मिले।
उन्होंने जोर देकर कहा कि मान सरकार महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान और पुनर्वास के लिए ऐसी पहलों को भविष्य में भी और अधिक सशक्त एवं प्रभावी बनाती रहेगी।






