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पंजाब में रोजगार के अपार अवसर: 59 हजार से अधिक सरकारी नौकरियों के अलावा निजी क्षेत्र में कुशल युवाओं को मिलीं हजारों नौकरियां

चंडीगढ़, 29 दिसंबर:
प्रदेश के युवाओं के विदेश जाने के रुझान पर रोक लगाने की दिशा में एक अहम कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने वर्ष 2025 के दौरान रोजगार सृजन के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं। पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास एवं प्रशिक्षण मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि विभाग की बहुआयामी रणनीति के तहत रोजगार के हजारों नए अवसर सृजित किए गए हैं। अप्रैल 2022 से अब तक 59,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ प्रदान की गई हैं तथा कुशल युवाओं के पलायन को रोकने के लिए व्यापक कौशल विकास पहलें शुरू की गई हैं।
प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सुनिश्चित करने हेतु किए गए ठोस प्रयासों को रेखांकित करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि अप्रैल 2022 से अब तक 59,702 युवाओं को विभिन्न विभागों में सरकारी नौकरियाँ दी गई हैं। इसी प्रकार, वर्ष 2025 के दौरान विभाग ने 959 प्लेसमेंट कैंपों के माध्यम से 48,912 उम्मीदवारों को रोजगार प्राप्त करने में सहायता की है। इसके अतिरिक्त, ऋण कैंपों के जरिए 10,064 युवाओं को स्वरोजगार शुरू करने के अवसर प्रदान किए गए हैं।
रोजगार सृजन मंत्री ने बताया कि पंजाब कौशल विकास मिशन (पी.एस.डी.एम.) ने 19,619 उम्मीदवारों को प्रशिक्षण प्रदान किया है, जिनकी प्लेसमेंट प्रक्रिया प्रगति पर है। पंजाब ने अपनी “पंजाब कौशल विकास योजना” तैयार की है और तकनीकी दिग्गज माइक्रोसॉफ्ट, आई.बी.एम. और नैसकॉम के सहयोग से युवाओं को वैश्विक और कॉरपोरेट क्षेत्र में बड़ी भूमिकाओं के लिए तैयार किया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि पंजाब के युवाओं का भविष्य अब राज्य की सीमाओं के भीतर ही है। “हमारा डेटा इसका प्रमाण है। हम केवल नौकरियों का वादा नहीं कर रहे, बल्कि योजनाबद्ध तरीके से नियुक्ति पत्र, कौशल प्रमाणपत्र और उद्यमिता को भी बढ़ावा दे रहे हैं। पंजाब के युवाओं को अब विकास के लिए विदेशों की ओर देखने की आवश्यकता नहीं है। हम एक आत्मनिर्भर पंजाब का निर्माण कर रहे हैं, जहाँ प्रतिभा को पहचान कर प्रशिक्षण और रोजगार दिया जा रहा है।”
प्रदेश का आधिकारिक पोर्टल पी.जी.आर.के.ए.एम. (https://punjabrozgar.org.in/) रोजगार बाजार में एक बड़े परिवर्तन के रूप में उभरा है, जिस पर 22,41,165 से अधिक नौकरी तलाशने वाले और 20,669 नियोक्ता पंजीकृत हैं। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से 1,316 रोजगार मेलों का आयोजन किया गया है, जिससे रोजगार के नए अवसरों तक पहुँच संभव हुई और कौशल व रोजगार के बीच की खाई को पाटने में मदद मिली है।
उन्होंने बताया कि एक बड़ी उपलब्धि के रूप में पंजाब की रक्षा प्रशिक्षण संस्थाओं ने राष्ट्रीय स्तर पर मानक स्थापित किए हैं। महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज़ प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट (एम.आर.एस.ए.एफ.पी.आई.) ने एन.डी.ए. में 82.45 प्रतिशत सफलता दर दर्ज की है। इसके तहत वर्ष 2025 में 34 कैडेट नेशनल डिफेंस अकादमी (एन.डी.ए./समकक्ष अकादमियों) में शामिल हुए और 17 कैडेटों को रक्षा बलों में अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त हुआ।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार ने माई भागो आर्म्ड फोर्सेज़ प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट में लड़कियों के लिए राज्य द्वारा संचालित देश का पहला एन.डी.ए. प्रिपरेटरी विंग शुरू किया है, जिसमें 40 लड़कियों को कमीशंड अधिकारी बनने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसके अलावा विभिन्न प्रशिक्षण अकादमियों में प्रवेश के लिए 10 महिला कैडेटों का चयन किया गया है तथा 7 महिला कैडेटों को अधिकारी के रूप में कमीशन प्राप्त हुआ है। साथ ही इस वर्ष 74 महिला कैडेटों ने सी.डी.एस./ए.एफ.सी.ए.टी./एन.डी.ए. की लिखित परीक्षाएँ भी उत्तीर्ण की हैं।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि पंजाब के सी-पाइट केंद्रों ने सशस्त्र एवं अर्धसैनिक बलों के लिए 8,017 युवाओं को प्रशिक्षण दिया है, जिनमें से वर्तमान वित्तीय वर्ष में 1,236 उम्मीदवारों को नौकरियाँ प्राप्त हुई हैं। ये केंद्र युवाओं को देश की सेवा के लिए सक्षम बना रहे हैं।
मुख्यमंत्री मान के नेतृत्व वाली सरकार की युवाओं को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि प्रदान की गई हर नौकरी, हर कौशल प्रशिक्षण और तैयार किए गए प्रत्येक उद्यमी राज्य की सबसे मूल्यवान पूंजी हैं, जो कुशल युवाओं के पलायन को रोकने में सहायक सिद्ध होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार के प्रयास रोजगार के नए अवसरों के लिए एक मजबूत वातावरण तैयार कर रहे हैं, जिससे युवाओं को पंजाब के भीतर ही एक व्यावहारिक और पसंदीदा भविष्य मिल रहा है।

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