वर्ष 2025 के दौरान प्रशासनिक सेवाओं में पंजाब डिजिटल सुधारों का साक्षी बना: नागरिकों को उनके द्वार पर मिल रही हैं सेवाएं: अमन अरोड़ा

हिंदी अनुवाद:
सेवाओं को वास्तविक समय में ट्रैक करने के लिए एक डैशबोर्ड लागू किया गया है। इस डिजिटल निगरानी उपकरण ने एक वर्ष में राज्य की सेवा लंबितता को घटाकर 0.33 प्रतिशत करने में मदद की है। इस बड़ी डिजिटल उपलब्धि के चलते राज्य को राजस्थान में आयोजित टेक्नोलॉजी सभा सम्मेलन में प्रथम पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि विभाग ने 13 प्रमुख सेवाओं (आय, निवास और जाति प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाओं सहित) के लिए कागजी फॉर्म भरने की जटिल प्रक्रिया को समाप्त कर दिया है। इन सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए अब नागरिकों को कागजी फॉर्म जमा कराने की आवश्यकता नहीं है।
‘आप की सरकार, आप के द्वार’ योजना के तहत राज्य सरकार जमीनी स्तर पर लोगों को सेवाएं प्रदान कर रही है। इसके अंतर्गत वर्ष भर में पूरे राज्य में 11,151 कैंप लगाए गए, जिनमें 52,380 शिकायतों का सफलतापूर्वक निपटारा किया गया। इसके साथ ही गांवों और कस्बों में 5.10 लाख से अधिक सेवाएं प्रदान की गईं। इन कैंपों के माध्यम से नागरिकों की तकनीक तक पहुंच भी सुनिश्चित की गई।
श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य 100 प्रतिशत सुचारु, कागज रहित और संपर्क-रहित सेवा प्रणाली लागू करना है। नागरिकों का समय, संतुष्टि और विश्वास हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2025 के दौरान पंजाब के प्रशासनिक विभाग में की गई पहलों को एक ऐतिहासिक क्रांति के रूप में याद किया जाएगा, जब शासन केवल सत्ता के प्रदर्शन तक सीमित न रहकर नागरिकों को विश्वसनीय ढंग से सेवाएं प्रदान कर रहा है। सरकार अब लोगों से दूर रहने की पुरानी परंपरा के विपरीत स्वयं उनके पास पहुंचकर सेवाएं दे रही है।






