
मुक्तसर साहिब, 6 जनवरी
पंजाब सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पंजाब की कृषि को लाभकारी बनाने, किसानों की आय बढ़ाने और सहायक क्षेत्रों को सुदृढ़ करने के लिए अंतरराष्ट्रीय अनुभव और आधुनिक तकनीक की अहम भूमिका है। उन्होंने ये विचार हाल ही में गांव दिऊण के जन्म स्थान एवं हॉल में ब्रिटिश कोलंबिया सरकार के कैबिनेट मंत्री जगदीप सिंह बराड़ के साथ हुई विस्तृत बैठक के दौरान व्यक्त किए।
बैठक में दोनों पक्षों ने पंजाब और कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया प्रांत के बीच कृषि सहयोग को और मजबूत करने पर जोर दिया। इस दौरान कृषि को व्यावसायिक और लाभकारी बनाने, किसानों की आय बढ़ाने के लिए नए मॉडल अपनाने तथा कृषि विविधीकरण पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया।
कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि पंजाब को फसल विविधीकरण, उच्च मूल्य वाली फसलें, बीज तकनीक, प्रिसीजन फार्मिंग और यंत्रीकृत खेती की ओर आगे बढ़ने की आवश्यकता है। उन्होंने बताया कि ब्रिटिश कोलंबिया में अपनाई जा रही आधुनिक कृषि तकनीक, कोल्ड चेन प्रबंधन और मार्केट-लिंकेज मॉडल पंजाब के किसानों के लिए लाभकारी सिद्ध हो सकते हैं।
बैठक में डेयरी और पशुपालन क्षेत्र पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों ने डेयरी फार्मिंग में आनुवंशिक सुधार, चारा प्रबंधन, पशु स्वास्थ्य सेवाओं, दूध प्रसंस्करण और वैल्यू एडिशन को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर सहमति जताई। इसके अलावा, मत्स्य पालन को किसानों के लिए आय का अतिरिक्त स्रोत बनाने हेतु आधुनिक मत्स्य पालन तकनीक, हैचरी विकास और विपणन प्रणाली पर भी विचार किया गया।
ब्रिटिश कोलंबिया सरकार के कैबिनेट मंत्री जगदीप सिंह बराड़ ने कहा कि कनाडा में कृषि, डेयरी और पशुपालन क्षेत्रों में उपयोग की जा रही नवीन तकनीक, शोध और नवाचार के अनुभव को पंजाब के साथ साझा किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान, प्रशिक्षण कार्यक्रमों और निवेश के अवसर खोले जा सकते हैं, जिससे किसानों को प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
बैठक के दौरान अंतरराष्ट्रीय सहयोग के तहत किसानों और युवाओं के लिए कौशल विकास, स्टार्टअप्स और एग्रो-प्रोसेसिंग क्षेत्र में संयुक्त पहलों पर भी चर्चा की गई।
अंत में कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि मुख्यमंत्री के दूरदर्शी नेतृत्व में पंजाब सरकार किसान-हितैषी नीतियां लागू कर रही है और ऐसे अंतरराष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से पंजाब की कृषि को आधुनिक, टिकाऊ और लाभकारी बनाने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं।






