
69वीं नेशनल स्कूल खेलों की मेज़बानी से पंजाब राष्ट्रीय स्तर पर स्पोर्ट्स हब के रूप में उभर रहा है: बैंस
• शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस द्वारा लुधियाना में 69वीं नेशनल स्कूल खेलों का उद्घाटन; 1000 से अधिक खिलाड़ी ले रहे हैं हिस्सा
• पंजाब की खेल नीति से मिल रहे हैं सकारात्मक परिणाम: बैंस
चंडीगढ़/लुधियाना, 06 जनवरी 2026
पंजाब के शिक्षा मंत्री सरदार हरजोत सिंह बैंस ने आज लुधियाना के गुरु नानक स्टेडियम में 69वीं नेशनल स्कूल खेलों का औपचारिक उद्घाटन किया। 16 जनवरी तक चलने वाले इन खेलों में केंद्रीय विद्यालय, नवोदय विद्यालय और विद्या भारती स्कूलों सहित सभी राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के खिलाड़ी भाग ले रहे हैं।
शिक्षा मंत्री बैंस ने कहा कि इन खेलों के दौरान जूडो अंडर-14 (लड़के व लड़कियां), ताइक्वांडो अंडर-14 (लड़कियां) और गत्तका अंडर-19 (लड़के व लड़कियां) की रोमांचक प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि ये मुकाबले स्थानीय बी.सी.एम. आर्य मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शास्त्री नगर, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पी.ए.यू., लुधियाना तथा ओपन एयर थिएटर पी.ए.यू., लुधियाना सहित विभिन्न स्थानों पर कराए जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि पंजाब के साथ-साथ लुधियाना शहर के लिए भी यह बड़े गर्व की बात है कि यहां 69वीं नेशनल स्कूल खेलों की मेज़बानी का अवसर मिला है। इन खेलों में पूरे पंजाब, जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, आंध्र प्रदेश और नॉर्थ ईस्ट से 1000 से अधिक खिलाड़ी तथा 350 से ज्यादा कोच पहुंचे हैं। उन्होंने बताया कि भले ही ठंड पड़ रही है, लेकिन प्रशासन द्वारा पहले से ही पुख्ता प्रबंध किए गए हैं, जिनमें खिलाड़ियों के लिए आवास, भोजन, परिवहन, सुरक्षा हेतु पी.सी.आर. टीमों की तैनाती और खेल मैदानों में सी.सी.टी.वी. कैमरे लगाना शामिल है।
शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में खेल बुनियादी ढांचे के विस्तार के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसके तहत गांवों और शहरों में 3100 खेल मैदानों का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। आने वाले समय में पंजाब के प्रत्येक गांव में खेल स्टेडियम होगा।
खेलों में राज्य को अग्रणी बनाने के लिए उन्होंने आगे बताया कि खेल नर्सरियों में बड़े पैमाने पर बॉक्सिंग, हॉकी, कबड्डी और अन्य विभिन्न खेलों के लिए कोचों की भर्ती की जा रही है तथा खिलाड़ियों के आहार में भी वृद्धि की गई है।
उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा एक नई खेल नीति बनाई गई है, जिसमें पहली बार यह प्रावधान किया गया है कि जब किसी खिलाड़ी का चयन एशियन गेम्स, कॉमनवेल्थ, वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक के लिए होता है, तो पंजाब सरकार चयनित खिलाड़ियों को अग्रिम भुगतान करेगी, ताकि खिलाड़ी अपनी सुविधा के अनुसार पूरी तैयारी कर सकें। जबकि अन्य राज्यों में खिलाड़ियों को पदक जीतने के बाद ही प्राथमिकता दी जाती है। उन्होंने कहा कि इस खेल नीति के लागू होने के बाद पंजाब में पदकों की संख्या में वृद्धि हुई है।
शिक्षा मंत्री बैंस ने कहा कि पंजाब के लिए यह बड़े गर्व की बात है कि भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम, भारतीय महिला क्रिकेट टीम और भारतीय हॉकी टीम पंजाबी खिलाड़ियों की कप्तानी में शानदार प्रदर्शन कर रही हैं। भारतीय हॉकी टीम में पंजाबियों की बड़ी संख्या इस बात का संकेत है कि हमारा पंजाब राज्य खेलों के क्षेत्र में अपनी पुरानी पहचान को फिर से स्थापित करने की ओर अग्रसर है।
इस अवसर पर विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर, डायरेक्टर सेकेंडरी शिक्षा गुरिंदर सिंह सोढ़ी, सीनियर डिप्टी मेयर राकेश पराशर, डिप्टी मेयर प्रिंस जौहर, जिला शिक्षा अधिकारी डिंपल मदान, जिला खेल अधिकारी कुलदीप चुघ सहित विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।






