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एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स–2024 में पंजाब को ‘लीडर स्टेट’ के रूप में मान्यता : संजीव अरोड़ा

चंडीगढ़, 17 जनवरी:

नीति आयोग द्वारा जारी किए गए एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स (ई.पी.आई.) 2024 में पंजाब ने ‘लीडर स्टेट’ के रूप में अपनी पहचान बनाई है। यह जानकारी पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और स्थानीय निकाय मंत्री संजीव अरोड़ा ने साझा की।

एक्सपोर्ट प्रिपेयर्डनेस इंडेक्स (ई.पी.आई.) एक व्यापक, डेटा-आधारित ढांचा है, जिसे नीति आयोग द्वारा भारत के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की निर्यात संबंधी तैयारी का मूल्यांकन करने के लिए विकसित किया गया है। इस ढांचे के अंतर्गत चार मुख्य स्तंभ—नीति ढांचा, व्यापारिक वातावरण, निर्यात इकोसिस्टम और निर्यात प्रदर्शन—के आधार पर संस्थागत क्षमता, अनुसंधान एवं विकास अवसंरचना, लॉजिस्टिक्स और परिवहन कनेक्टिविटी सहित 70 से अधिक संकेतकों का अध्ययन कर मूल्यांकन किया जाता है। यह सूचकांक जहां प्रतिस्पर्धी संघवाद को प्रोत्साहित करता है, वहीं राज्यों को वैश्विक व्यापार प्रतिस्पर्धा बढ़ाने के लिए रणनीतिक क्षेत्रों की पहचान करने में भी सक्षम बनाता है।

उल्लेखनीय है कि ई.पी.आई.-2024 रिपोर्ट नीति आयोग के सीईओ बी.वी.आर. सुब्रह्मण्यम और नीति आयोग के सदस्य अरविंद वीरमानी द्वारा जारी की गई, जिन्होंने इस वर्ष के मूल्यांकन में पंजाब के प्रदर्शन और उल्लेखनीय उपलब्धियों की सराहना की। यह मजबूत नीतिगत समर्थन, अवसंरचना विकास और निरंतर सशक्त हो रहे निर्यात वातावरण का प्रत्यक्ष प्रमाण है।

पंजाब के लिए गर्व की उपलब्धि

कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि ई.पी.आई.-2024 में पंजाब ने लैंडलॉक्ड राज्यों में दूसरा स्थान प्राप्त किया है और इसे ‘लीडर स्टेट’ घोषित किया गया है। यह उपलब्धि इसलिए भी विशेष और महत्वपूर्ण है क्योंकि शीर्ष सात स्थान प्राप्त करने वाले राज्यों में से पांच तटीय राज्य हैं, जिन्हें समुद्री बंदरगाहों तक सीधी पहुंच प्राप्त है।

लैंडलॉक्ड होने के बावजूद पंजाब का शीर्ष स्तर पर उभरना राज्य द्वारा लॉजिस्टिक चुनौतियों से सफलतापूर्वक निपटने को दर्शाता है, जो केंद्रित नीतिगत हस्तक्षेप, मजबूत आंतरिक कनेक्टिविटी और निरंतर अवसंरचना उन्नयन के माध्यम से संभव हुआ है।

सफलता की कुंजी: नीतिगत सुधार और सुशासन

श्री संजीव अरोड़ा ने जोर देते हुए कहा कि ई.पी.आई.-2024 में नीति क्रियान्वयन, प्रशासनिक सुधारों और परिणाम-आधारित प्रदर्शन पर विशेष ध्यान दिया गया है, जो राज्य के औद्योगिक और निर्यात क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को दर्शाता है। पंजाब की प्रगति कपड़ा उद्योग, कृषि-प्रसंस्करण, विनिर्माण और सहायक क्षेत्रों के लिए लागू प्रगतिशील एवं क्षेत्र-विशेष औद्योगिक नीतियों का परिणाम है।

उन्होंने कहा कि व्यापार करने में सुगमता से जुड़े सुधार, जिनमें सरल नियामकीय स्वीकृतियां और लाइफ-साइकिल सुधार शामिल हैं, राज्य की मजबूती का आधार बने हैं। यह एक सुदृढ़ निर्यात इकोसिस्टम है, जो एम.एस.एम.ई. के साथ-साथ बड़े निर्यातकों को भी समर्थन देता है और संस्थागत मजबूती व लॉजिस्टिक सुविधाएं प्रदान कर भौगोलिक बाधाओं के बिना प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता विकसित करता है।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब को लगातार राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता मिली है, जिसमें ईज ऑफ डूइंग बिजनेस 2024 में ‘टॉप अचीवर’ का दर्जा प्राप्त करना और ओडीओपी अवॉर्ड-2024 में राज्य श्रेणी में स्वर्ण पदक जीतना शामिल है। ये उपलब्धियां राज्य के व्यापार-अनुकूल और सुधार-आधारित शासन का जीवंत प्रमाण हैं।

कैबिनेट मंत्री ने इन सुधारों को और सुदृढ़ करने तथा निर्यात-उन्मुख अवसंरचना को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि पंजाब वैश्विक निर्यात पावरहाउस बनने की दिशा में भारत की यात्रा में एक महत्वपूर्ण और विशिष्ट भूमिका निभाता रहे।

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