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लुधियाना, जालंधर, संगरूर, पटियाला और बठिंडा में बस टर्मिनलों को संरचनात्मक पीपीपी मॉडल के माध्यम से किया जाएगा अपग्रेड: लालजीत सिंह भुल्लर

चंडीगढ़, 17 जनवरी 2026:

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने प्रदेश भर के प्रमुख बस टर्मिनलों के आधुनिकीकरण के लिए एक व्यापक योजना को मंजूरी दी है। यह योजना सार्वजनिक परिवहन के बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए परिवहन मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा कि इस योजना के तहत लुधियाना, जालंधर, संगरूर, पटियाला और बठिंडा में बस टर्मिनलों को सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) मॉडल के माध्यम से अपग्रेड किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसका उद्देश्य दक्षता, सुरक्षा, पहुंच और बेहतर सेवा सुनिश्चित करना है।

ये बस टर्मिनल ग्रामीण और शहरी आबादी दोनों के लिए महत्वपूर्ण परिवहन केंद्र के रूप में कार्य करते हैं और कामगारों, विद्यार्थियों, व्यापारियों, पर्यटकों तथा औद्योगिक श्रमिकों को रोज़ाना आवागमन की सुविधा प्रदान करते हैं।

मंत्री ने आगे बताया कि ये टर्मिनल अंतर-राज्यीय संपर्क में भी अहम भूमिका निभाते हैं और हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, दिल्ली और राजस्थान सहित पड़ोसी राज्यों के लिए आवागमन को सुगम बनाते हैं।

उन्होंने कहा कि लुधियाना और जालंधर बस टर्मिनलों पर प्रतिदिन 75,000 से 1 लाख यात्रियों की आवाजाही होती है, जबकि पटियाला और बठिंडा में रोज़ाना लगभग 50,000 यात्री आते हैं। यह आंकड़े पंजाब के गतिशीलता इकोसिस्टम में इन सुविधाओं के महत्व को दर्शाते हैं।

परिवहन मंत्री ने कहा कि पश्चिम में बठिंडा से लेकर दोआबा क्षेत्र के जालंधर तक, लुधियाना से संगरूर और मालवा क्षेत्र में पटियाला तक, सरकार उन बस टर्मिनलों को अपग्रेड कर रही है जहां पहले से ही बड़ी संख्या में नागरिक प्रतिदिन यात्रा करते हैं।

पीपीपी मॉडल के तहत इन पांचों टर्मिनलों को आम जनता के दैनिक आवागमन को प्रभावित किए बिना सुरक्षित, बेहतर और आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। यह विकास पंजाब के हर क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा और कामगारों, विद्यार्थियों सहित सभी वर्गों के लोगों की यात्रा को अधिक सुगम बनाएगा।

उन्होंने कहा कि बस टर्मिनलों के आधुनिकीकरण की यह पहल लंबे समय से चली आ रही बुनियादी ढांचे की कमियों, परिचालन संबंधी चुनौतियों और अपर्याप्त यात्री सुविधाओं को दूर करने के लिए तैयार की गई है। इन परियोजनाओं को डिजाइन-बिल्ड-फाइनेंस-ऑपरेट-ट्रांसफर (DBFOT) या बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर (BOT) मॉडल के माध्यम से लागू किया जाएगा। इससे स्थिरता, गुणवत्तापूर्ण सेवाएं, बेहतर परिवहन सुविधाएं, शहरी परिवहन प्रणालियों के साथ बेहतर एकीकरण और राज्य के वित्तीय संसाधनों का कुशल उपयोग सुनिश्चित किया जाएगा।

स. भुल्लर ने कहा कि योजनाबद्ध नवीनीकरण के तहत यात्रियों की सुविधाओं और संचालन प्रबंधन को बेहतर बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसमें बेहतर प्रतीक्षालय, उन्नत स्वच्छता सुविधाएं, बेहतर रोशनी और संकेतक, सुव्यवस्थित बोर्डिंग व्यवस्था तथा संरचित पार्किंग प्रणालियां शामिल होंगी। भीड़भाड़ वाले समय और अधिक यात्री आवागमन के दौरान सुचारू संचालन सुनिश्चित करने के लिए यातायात प्रवाह, सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

इस परियोजना में समाज के सभी वर्गों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखा जाएगा। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग व्यक्तियों के लिए सुगम पहुंच और आवागमन की सुविधाएं प्रदान की जाएंगी, ताकि सार्वजनिक परिवहन का बुनियादी ढांचा सभी के लिए सुलभ और सम्मानजनक बन सके।

अधिक जानकारी देते हुए मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर ने कहा, “परिवहन सुविधाओं के अलावा, आधुनिक बस टर्मिनलों को एकीकृत शहरी हब के रूप में विकसित किया जाएगा। लागू नियमों और योजना मानकों के तहत टर्मिनल परिसरों में व्यावसायिक और अन्य सार्वजनिक सुविधाएं जैसे खुदरा दुकानें, कार्यालय, कार्यस्थल और लॉजिस्टिक्स सहायता सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। यह एकीकृत दृष्टिकोण यात्रियों की सुविधा बढ़ाने, आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने और टर्मिनलों की दीर्घकालिक वित्तीय स्थिरता में योगदान देगा।”

परिवहन मंत्री ने आगे कहा, “इस पहल के माध्यम से पंजाब सरकार का उद्देश्य रोज़मर्रा के उपयोग वाले सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बेहतर बनाना, लाखों नागरिकों की दैनिक यात्रा को सुविधाजनक करना और प्रदेश में आधुनिक, कुशल एवं जनहितैषी बस टर्मिनलों के लिए एक नया मानक स्थापित करना है।”

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