
चंडीगढ़, 11 फरवरी :
पंजाब राज्य अनुसूचित जातियां आयोग की 28वीं पूर्ण आयोग बैठक की अध्यक्षता करते हुए आयोग के चेयरमैन सरदार जसवीर सिंह गढ़ी ने पंजाब पुलिस को निर्देश दिए कि एस.सी./एस.टी. एक्ट से संबंधित प्रशिक्षण प्रक्रिया को और तेज़ किया जाए, ताकि आयोग के पास पुलिस से जुड़ी आने वाली शिकायतों में कमी लाई जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने सामाजिक न्याय विभाग को रोस्टर रजिस्टर संबंधी समितियों को आरक्षण बिंदुओं और रोस्टर रजिस्टरों के बारे में प्रशिक्षण दिलाने के भी निर्देश दिए।
बैठक के दौरान उन्होंने सामान्य प्रशासन विभाग को निर्देश दिया कि पंजाब राज्य के प्रत्येक जिले में एस.सी./एस.टी. एक्ट के तहत दर्ज मामलों के निपटारे के लिए पंजाब पुलिस की तर्ज़ पर ए.डी.सी. स्तर के अधिकारी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाए, ताकि शिकायतों के निपटारे में और तेज़ी लाई जा सके।
उन्होंने बताया कि आज की बैठक में पुलिस, स्थानीय सरकारों, सामाजिक न्याय सहित अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों से अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम, 1989 के तहत दर्ज मामलों की स्थिति संबंधी रिपोर्ट ली गई।
इसके अलावा आयोग की 27वीं बैठक में पुलिस विभाग को दिए गए निर्देशों के अनुसार विशेष हेल्पलाइन नंबर स्थापित करने, भूरीवाले गद्दी (गरीब दासी परंपरा) संप्रदाय के धाम श्री राम मोक्ष धाम, खुर्दा टप्परियां (नवांशहर) तथा गद्दी नशीन आचार्य श्री चेतना नंद जी महाराज की सुरक्षा हेतु गार्ड नियुक्त करने और आयोग के एक सदस्य को सुरक्षा उपलब्ध कराने संबंधी आदेशों पर की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी ली गई।
साथ ही तपस्थल श्री खुरालगढ़ साहिब और चरण सोह गंगा श्री खुरालगढ़ साहिब के महापुरुषों की सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की गई।
सरदार गढ़ी ने बताया कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के अधिकारियों को बरनाला, फाज़िल्का, मालेरकोटला, पठानकोट और साहिबज़ादा अजीत सिंह नगर में अंबेडकर भवनों के निर्माण कार्यों में तेज़ी लाने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने बताया कि तरनतारन में अंबेडकर भवन मार्च 2026 तक पूर्ण हो जाएगा।
स्थानीय सरकारों के निदेशक से नगर परिषदों में ड्यूटी के दौरान मृत सफाई कर्मचारियों के परिवारों को अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने से संबंधित लंबित मामलों के शीघ्र निपटारे की जानकारी भी ली गई, जिसे संतोषजनक पाया गया।
उन्होंने यह भी बताया कि अंबेडकर इंस्टीट्यूट, मोहाली में छात्रों की क्षमता 50 से बढ़ाकर 100 करने के लिए सामाजिक अधिकारिता विभाग द्वारा सरकार को पत्र लिख दिया गया है। इसके साथ ही विभाग को निर्देश दिए गए कि वर्तमान में जांचाधीन 59 फर्जी अनुसूचित जाति प्रमाण पत्रों से संबंधित कार्रवाई को भी समय पर पूरा किया जाए।
आज की बैठक में आयोग के सदस्य-सचिव डॉ. नयन जसल, सदस्य रूपिंदर सिंह सीतल, गुरप्रीत सिंह इट्टांवाली, गुलज़ार सिंह बॉबी, पंजाब पुलिस के अतिरिक्त महानिदेशक श्री कोस्तुब शर्मा, स्थानीय सरकारों के निदेशक सरदार कुलवंत सिंह, सामाजिक न्याय, अधिकारिता एवं अल्पसंख्यक मामलों की निदेशक श्रीमती विमी भुल्लर, इसके अलावा ए.आई.जी. सुरिंदरजीत कौर, ए.आई.जी. ट्रेनिंग श्री गौतम सिंघल सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे।









