
श्री चमकौर साहिब, 11 फरवरी:
प्रशासनिक सचिव, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पंजाब सरदार अरशदीप सिंह थिंद के दिशा-निर्देशों के तहत तथा केन कमिश्नर पंजाब डॉ. अमरीक सिंह के सक्षम नेतृत्व में कृषि एवं किसान कल्याण विभाग पंजाब की गन्ना शाखा द्वारा सहकारी चीनी मिल मोरिंडा के गन्ना उत्पादकों के लिए आज श्री चमकौर साहिब में एक विशेष प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह शिविर पी.ए.यू. लुधियाना के गन्ना प्रजनन अनुसंधान केंद्र, कपूरथला तथा सहकारी चीनी मिल मोरिंडा के सहयोग से आयोजित किया गया।
शिविर के दौरान किसानों को गन्ने की वैज्ञानिक एवं उन्नत खेती के लिए आधुनिक तकनीकों की जानकारी दी गई। इसमें दो कतारी चौड़ी विधि से शीघ्र बुवाई, मूल गन्ने के अंतर्गत क्षेत्र बढ़ाने एवं उसकी देखभाल, बसंत ऋतु में उत्तम किस्मों की योजना, कीट प्रबंधन, जैविक खाद एवं गोबर खाद का उपयोग, तथा श्रम समस्या के समाधान हेतु केन हार्वेस्टर के प्रयोग संबंधी विस्तृत जानकारी साझा की गई।
इस अवसर पर वरिष्ठ कीट वैज्ञानिक डॉ. युवराज सिंह ने गन्ने के हानिकारक कीटों और उनके प्रभावी प्रबंधन पर प्रकाश डाला। कृषि वैज्ञानिक डॉ. जशनजोत कौर ने अधिक उपज प्राप्त करने के लिए वैज्ञानिक तरीकों, अंतर फसलों एवं खरपतवार प्रबंधन के बारे में जानकारी दी। बायोकेमिस्ट डॉ. इंदरपाल कौर ने गन्ने से अधिक रिकवरी तथा उत्तम गुड़ तैयार करने से संबंधित महत्वपूर्ण बिंदु साझा किए।
इस अवसर पर सहायक गन्ना विकास अधिकारी, लुधियाना डॉ. जसविंदर सिंह ने पी.ए.यू. लुधियाना द्वारा अनुशंसित गन्ने की किस्मों जैसे सी.ओ.पी.बी.-95, सी.ओ.पी.बी.-92, सी.ओ.जे.-85, सी.ओ.-118, सी.ओ.-15023 आदि तथा सी.आर.वी.सी. द्वारा अनुशंसित अगेती एवं पछेती किस्मों के अंतर्गत क्षेत्र बढ़ाने की अपील की।
केन कमिश्नर पंजाब डॉ. अमरीक सिंह ने कहा कि गन्ने में श्रमिकों की कमी को ध्यान में रखते हुए केन हार्वेस्टर और ट्रेंच प्लांटर जैसी मशीनरी के उचित उपयोग के लिए दो कतारी चौड़ी विधि से 4 फुट की दूरी पर बुवाई करनी चाहिए। उन्होंने बताया कि फरवरी-मार्च का समय गन्ने की बुवाई के लिए सबसे उपयुक्त है और इस दौरान उत्तम किस्मों की बुवाई करके उत्पादन एवं चीनी रिकवरी में वृद्धि की जा सकती है। उन्होंने किसानों को ट्रेंच विधि अपनाकर अंतर फसलों के माध्यम से आय बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
शिविर के अंत में सहकारी चीनी मिल मोरिंडा के उपाध्यक्ष सुरिंदर सिंह ने उपस्थित किसानों एवं वैज्ञानिकों का धन्यवाद किया। मंच संचालन मुख्य गन्ना विकास अधिकारी रविंदर सिंह ने किया। इस अवसर पर सहकारी चीनी मिल मोरिंडा के निदेशक सरदार रणधीर सिंह तथा क्षेत्र के प्रगतिशील किसान सुखविंदर सिंह, तलविंदर सिंह, कुलवंत सिंह, बहादर सिंह सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।









