
फिरोज़पुर, 19 फरवरी ( ):
पंजाब सरकार द्वारा चलाई जा रही युद्ध नशों के विरुद्ध मुहिम के दूसरे चरण के तहत आज सिविल सर्जन डॉ. राजीव पराशर ने फरीदकोट रोड पर स्थित लाइफ लाइन नशा मुक्ति केंद्र तथा मोगा रोड पर स्थित दियोड़ा मानसिक रोग अस्पताल का औचक निरीक्षण किया और वहां दी जा रही स्वास्थ्य सुविधाओं व व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस अवसर पर डॉ. गुरमेज राम, डिप्टी मेडिकल कमिश्नर तथा अंकुश भंडारी, डिप्टी मास मीडिया अधिकारी मौजूद थे। सिविल सर्जन के नेतृत्व में विभागीय टीम ने संबंधित केंद्रों के विभिन्न वार्डों का निरीक्षण किया और केंद्र में मौजूद मरीजों से बातचीत भी की।
सिविल सर्जन डॉ. राजीव पराशर ने नशा मुक्ति केंद्र में तैनात डॉक्टरों और स्टाफ को निर्देश दिए कि मरीजों से अधिक से अधिक शारीरिक गतिविधियां करवाई जाएं, ताकि वे नशे की बुरी आदत से हमेशा के लिए दूर हो सकें। उन्होंने स्टाफ की उपस्थिति रजिस्टर और दवाइयों के रिकॉर्ड की जांच की तथा निर्देश दिए कि रिकॉर्ड पूर्ण रखा जाए और मरीजों के इलाज में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
उन्होंने स्टाफ को कहा कि नशा छोड़ने वाले मरीजों के साथ प्रेम और सहानुभूति से भरा व्यवहार किया जाए। यदि कभी कोई मरीज किसी बात पर तीखी प्रतिक्रिया भी देता है, तो उसे प्यार और संयम के साथ संभाला जाए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का एकमात्र उद्देश्य यही है कि नशे और मानसिक रोगों से ग्रस्त मरीजों को केंद्र से पूरी तरह स्वस्थ कर उनके घर वापस भेजा जाए।









