
चंडीगढ़, 19 फरवरी:
छतबीड़ चिड़ियाघर में आयोजित एक भव्य समारोह के दौरान वन एवं वन्यजीव संरक्षण मंत्री लाल चंद कटारूचक ने मादा बाघिन गौरी से जन्मे तीन मादा शावकों के नाम गरिमा, गुंजन और ग़ज़ल रखे।
उल्लेखनीय है कि ये तीनों शावक पिछले वर्ष 5 नवंबर को जन्मे थे और अब तीन महीने की आयु पूरी होने के बाद उन्हें एक बड़े और सुरक्षित बाड़े में छोड़ा जाएगा। इनमें से दो शावक सफेद रंग के हैं, जबकि एक का रंग भूरा है। इसके साथ ही चिड़ियाघर में बाघों की कुल संख्या बढ़कर 10 हो गई है।
वन्यजीवों की देखभाल, संरक्षण और आम लोगों को उनकी भलाई एवं सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से पंजाब सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों के तहत मंत्री ने छतबीड़ चिड़ियाघर के फेसबुक और इंस्टाग्राम अकाउंट भी लॉन्च किए। सोशल मीडिया को वन्यजीव और प्रकृति संरक्षण का एक महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए मंत्री ने आशा जताई कि इससे वन्यजीव संरक्षण को लेकर राज्य सरकार के प्रयासों की पहुंच और अधिक बढ़ेगी।
एक अन्य महत्वपूर्ण जानकारी साझा करते हुए श्री कटारूचक ने बताया कि आगामी अप्रैल माह में चिड़ियाघर की स्वर्ण जयंती (50 वर्ष) पूरी हो जाएगी और विभाग इस अवसर को भव्य रूप से मनाने पर विचार कर रहा है।
इस अवसर पर अन्य गणमान्य व्यक्तियों के अलावा मुख्य वन्यजीव संरक्षक बसंता राज कुमार और छतबीड़ चिड़ियाघर के फील्ड डायरेक्टर नलिन यादव भी उपस्थित थे।









