
चंडीगढ़, 27 फ़रवरी 2026
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कथित दिल्ली शराब घोटाला मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक, सत्येंद्र जैन और अन्य नेताओं के बरी होने से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजनीतिक स्वार्थों से प्रेरित साज़िश पूरी तरह बेनकाब हो गई है।
शराब घोटाले के मामले में दिल्ली की अदालत द्वारा उन्हें क्लीन चिट दिए जाने के फ़ैसले पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए चीमा ने कहा कि इस निर्णय ने पूरे देश के सामने यह साफ कर दिया है कि यह केस केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग के ज़रिए आम आदमी पार्टी के नेतृत्व को बदनाम करने और राजनीतिक रूप से समाप्त करने की कोशिश के तहत गढ़ा गया था।
चीमा ने कहा कि जज का फ़ैसला अपने आप में उस साज़िश की गहराई को उजागर करता है जो भाजपा ने आम आदमी पार्टी के ख़िलाफ़ रची थी। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के दुरुपयोग के माध्यम से ‘आप’ की ईमानदारी पर सवाल उठाने की कोशिश की गई। आज देश के लोगों के सामने यह पूरी तरह स्पष्ट हो गया है कि किस तरह इन एजेंसियों का राजनीतिक हितों के लिए दुरुपयोग किया गया।
उन्होंने याद दिलाया कि आम आदमी पार्टी का जन्म भ्रष्टाचार के ख़िलाफ़ देशव्यापी आंदोलन से हुआ था और इसकी स्थापना उन नेताओं ने की थी जिन्होंने अपना जीवन स्वच्छ और ईमानदार राजनीति के लिए समर्पित कर दिया। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक और सत्येंद्र जैन ऐसे नेता हैं जिन्होंने आम आदमी पार्टी की नींव रखी और इसे पूरे देश में विस्तार दिया। आज उनकी प्रतिबद्धता और बलिदान के कारण ही पार्टी कई राज्यों में सरकार और विपक्ष की भूमिका में है।
चीमा ने ज़ोर देकर कहा कि यह फ़ैसला डॉ. बी.आर. अंबेडकर द्वारा बनाए गए संविधान की भी जीत है। डॉ. अंबेडकर, जो गरीबी से उठकर भारत का संविधान बनाने तक पहुंचे, उन्होंने हर नागरिक के लिए समानता, व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा और मौलिक अधिकारों को सुनिश्चित किया। यदि संविधान को ध्यान से पढ़ा जाए तो यह स्पष्ट होता है कि वह व्यक्तिगत स्वतंत्रता की कितनी गहराई से रक्षा करता है। आज दिल्ली की अदालत का निर्णय सिद्ध करता है कि संविधान सर्वोपरि है।
स्वयं कानून की प्रैक्टिस कर चुके चीमा ने कहा कि यह मामला देश के कानूनी इतिहास में याद रखा जाएगा। भारत के इतिहास में यह एक ऐसा केस है जिसमें भाजपा की सीबीआई पूरी तरह बेनकाब हो गई। कोई ठोस सबूत नहीं था, फिर भी एक कथित घोटाले की कहानी गढ़ी गई। भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री को बाबा साहेब अंबेडकर के कानून के ख़िलाफ़ खेली गई इस राजनीति का जवाब देना होगा।
उन्होंने न्यायपालिका का धन्यवाद करते हुए कहा कि अदालतें हमेशा न्याय और सत्य के साथ खड़ी रहती हैं। संविधान के तहत हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने, राजनीति में भाग लेने और जनता की सेवा करने का अधिकार है। आज का फ़ैसला इसी सिद्धांत की पुष्टि करता है।
चीमा ने भाजपा पर संविधानिक प्रावधानों का दुरुपयोग कर लोकतंत्र को कमज़ोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि संविधान भाजपा या किसी एक पार्टी का नहीं है, बल्कि बाबा साहेब अंबेडकर और 140 करोड़ भारतीयों का है। यह इसलिए बनाया गया था ताकि लोग सम्मान के साथ जीवन जी सकें और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त कर सकें। लेकिन भाजपा यह स्वीकार नहीं कर पा रही कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया गरीबों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों का आईआईटी जैसी प्रतिष्ठित संस्थाओं में चयन होना, गरीब परिवारों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलना और दिल्ली व पंजाब में भ्रष्टाचार व नशों के ख़िलाफ़ की जा रही कार्रवाई भाजपा को परेशान कर रही है। इसी कारण आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की गई, लेकिन आज पूरे देश में संविधान में विश्वास रखने वाले लाखों लोग जश्न मना रहे हैं। सच्चाई की जीत हुई है।
अंत में चीमा ने कठिन समय में पार्टी के साथ चट्टान की तरह खड़े रहने और भाजपा की कार्रवाइयों को उजागर करने के लिए ‘आप’ कार्यकर्ताओं का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि जहां कांग्रेस और भाजपा ने राजनीतिक लाभ के लिए डॉ. अंबेडकर के नाम का उपयोग किया, वहीं आम आदमी पार्टी ने उनकी विचारधारा को ज़मीनी स्तर पर लागू किया है।
चीमा ने दोहराया कि यह फ़ैसला सत्य की जीत है। आज देश के करोड़ों लोगों ने समझ लिया है कि भाजपा झूठ का सहारा लेती है, लेकिन अंततः जीत संविधान और न्याय की ही होती है।









