
चंडीगढ़, 28 फरवरी:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चलाए गए अभियान के दौरान, स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (एसएसओसी), एसएएस नगर ने विदेशी-आधारित आतंकवादी मॉड्यूल के दो आरोपियों को लगभग 2.5 किलोग्राम वजन वाले पूरी तरह असेंबल्ड आरडीएक्स से भरे इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (आईईडी), एक ग्लॉक पिस्टल और चार जिंदा कारतूसों सहित गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई से इस मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ और एक बड़ी आतंकवादी साजिश को सफलतापूर्वक नाकाम किया गया। यह जानकारी आज यहां डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब, गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान महावीर कुमार उर्फ़ काका, निवासी गांव कलाम, एसबीएस नगर, वर्तमान पता घनौली, रूपनगर, और मनप्रीत सिंह उर्फ़ मनी, निवासी गांव कलाम, एसबीएस नगर के रूप में हुई। बरामद आईईडी डिवाइस दोहरी विस्फोटक विधियों – रिमोट और टाइमर – से लैस थी।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में पता चला कि उक्त आरोपी विदेशी हैंडलरों के निर्देशों पर काम कर रहे थे और उन्होंने टारगेट संबंधी अन्य हिदायतों का इंतजार करते हुए आईईडी को एसबीएस नगर बायपास के पास छिपा दिया था। उन्होंने बताया कि यह डिवाइस पूरी तरह असेंबल्ड और प्रयोग के लिए तैयार थी, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिए एक बड़े खतरे को दर्शाता है।
डीजीपी ने यह भी बताया कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश करने और सप्लाई चेन एवं फंडिंग लिंक का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए एआईजी एसएसओसी एसएएस नगर, दीपक पारिक ने कहा कि खुफिया जानकारी के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने जिला एसबीएस नगर से शक के आधार पर महावीर उर्फ़ काका और उसके साथी मनप्रीत सिंह को गिरफ्तार किया। गिरफ्तारी के समय महावीर उर्फ़ काका के कब्जे से एक ग्लॉक पिस्टल बरामद हुई।
एआईजी ने बताया कि लगातार पूछताछ के दौरान महावीर ने खुलासा किया कि उसने आईईडी की एक खेप बरामद की थी, जिसे उसने एसबीएस नगर बायपास के पास छुपाया था और वह टारगेट के बारे में अन्य हिदायतों का इंतजार कर रहा था। आरोपी के खुलासों के आधार पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने आरोपी द्वारा बताए गए स्थान से आईईडी और एक रिमोट कंट्रोल डिवाइस बरामद किया।
इस संबंध में, थाना एसएसओसी मोहाली, एसएएस नगर में विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और हथियार अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत एक मामला दर्ज किया गया है।









