
चंडीगढ़, 28 फरवरी 2026
पंजाब के उज्ज्वल भविष्य के लिए दूरदर्शी सोच के साथ, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में ‘खेल पिटारा’ नामक एक व्यापक खेल-आधारित शिक्षण किट उपलब्ध कराएगी। इसका उद्देश्य छोटे बच्चों के लिए मनोरंजक तरीकों से सार्थक और प्रभावी शिक्षा सुनिश्चित करना है। यह पहल पंजाब के भविष्य में एक दीर्घकालिक निवेश को दर्शाती है। 3 से 8 वर्ष की आयु के बच्चों पर विशेष ध्यान केंद्रित करते हुए, सरकार प्रारंभिक स्तर पर सीखने की नींव को और मजबूत कर रही है, जो आगे चलकर शैक्षणिक सफलता, आत्मविश्वास और बौद्धिक विकास का आधार बनेगी।
यह पहल नर्सरी से दूसरी कक्षा तक के शुरुआती चरण में कक्षाओं को रोचक, बाल-केंद्रित और खेल-आधारित शिक्षण वातावरण में बदलने की भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। यह अपनी तरह की पहली पहल है, जिसे इस स्तर पर पंजाब सरकार द्वारा लागू किया जा रहा है। बच्चों की बेहतर समझ और अर्थपूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए इस योजना से संबंधित समस्त सामग्री पंजाबी भाषा में उपलब्ध कराई जा रही है।
खेल पिटारा क्या है?
खेल पिटारा एक व्यापक खेल-आधारित लर्निंग-टीचिंग मटीरियल किट है, जो 3 से 8 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए तैयार की गई है और नर्सरी से दूसरी कक्षा तक को कवर करती है। यह किट बच्चों को रटने के बजाय गतिविधियों, खेलों और आपसी सहभागिता के माध्यम से सीखने के लिए प्रेरित करती है। इसके जरिए अनुभवात्मक, गतिविधि-आधारित और आनंददायक सीखने को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे बच्चों में शुरुआत से ही जिज्ञासा, रचनात्मकता और आत्मविश्वास विकसित होता है।
यह पहल विद्यार्थियों की कैसे मदद करेगी
खेल पिटारा पहल कक्षाओं को बच्चों के अनुकूल बनाएगी और सीखने की प्रक्रिया को अधिक रचनात्मक बनाएगी। यह बुनियादी साक्षरता और गणितीय समझ को मजबूत करने, भाषा एवं संवाद कौशल निखारने, रचनात्मकता और कल्पनाशक्ति बढ़ाने, समस्या-समाधान क्षमताओं के विकास, सामाजिक एवं भावनात्मक विकास तथा शुरुआती स्कूली तनाव को कम करने में सहायक होगी। बच्चे कहानियों, खेलों, गतिविधियों और सहयोगात्मक कार्यों में भाग लेकर स्वाभाविक और आनंददायक तरीके से सीखेंगे।
किट में क्या शामिल है
इस किट में उम्र के अनुसार शिक्षण सामग्री शामिल है, जैसे—खिलौने और मैनिपुलेटिव्स, पहेलियां और खेल, स्टोरी कार्ड और फ्लैश कार्ड, पोस्टर और गतिविधि पुस्तकें, कठपुतलियां, खेल सामग्री तथा अध्यापकों के लिए संसाधन सामग्री। ये सभी सामग्री भाषा, गणित, रचनात्मकता और सामाजिक शिक्षा जैसे प्रमुख विकास क्षेत्रों को सहयोग प्रदान करती हैं।
लाभार्थी और वितरण
इस पहल से पूरे पंजाब में फाउंडेशनल स्टेज में पढ़ने वाले लगभग 7.5 लाख बच्चों को लाभ मिलेगा। ‘खेल पिटारा’ किटें प्रदेश के लगभग 12,856 सरकारी प्राथमिक स्कूलों में वितरित की जाएंगी। शिक्षकों को भी कक्षा में बेहतर क्रियान्वयन के लिए गतिविधि-आधारित शिक्षण सामग्री के माध्यम से संरचित सहायता प्रदान की जाएगी। इस पहल पर पंजाब सरकार लगभग 9.3 करोड़ रुपये का निवेश कर रही है। खरीद प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और 1 अप्रैल तक सभी सरकारी प्राथमिक स्कूलों में किटें वितरित कर दी जाएंगी।
इस संबंध में पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि भगवंत मान सरकार का मानना है कि शिक्षा में वास्तविक परिवर्तन की शुरुआत प्रारंभिक स्तर से होती है। उन्होंने कहा,
“3 से 8 वर्ष की आयु के बच्चों में निवेश कर, भगवंत मान सरकार पंजाब के भविष्य में एक रणनीतिक और दीर्घकालिक निवेश कर रही है। ‘खेल पिटारा’ के माध्यम से बच्चे स्कूल को बोझ नहीं बल्कि खोज, रचनात्मकता और आत्मविश्वास निर्माण का माध्यम समझेंगे। यह पहल मजबूत शैक्षणिक नींव रखने की हमारी प्रतिबद्धता को दर्शाती है, जिसके सकारात्मक परिणाम आने वाले दशकों तक दिखाई देंगे।”
प्राथमिक शिक्षा में बदलाव के प्रति भगवंत मान सरकार की प्रतिबद्धता
यह पहल भगवंत सिंह मान सरकार की प्राथमिक शिक्षा को सशक्त बनाने और हर बच्चे को आनंदपूर्ण व रोचक शिक्षण वातावरण उपलब्ध कराने की दृढ़ प्रतिबद्धता को उजागर करती है। रटने की पद्धति से हटकर खेल और गतिविधि-आधारित शिक्षा की ओर बढ़ते हुए, सरकार न केवल पाठ्यक्रम में सुधार कर रही है, बल्कि अपने सबसे छोटे नागरिकों में निरंतर और दूरदर्शी निवेश के माध्यम से पंजाब के भविष्य को नया आकार दे रही है।









