
मलेरकोटला, 6 मार्च –
स्वास्थ्य विभाग की ओर से महिलाओं में पाई जाने वाली घातक बीमारी सर्वाइकल कैंसर (गर्भाशय के मुंह का कैंसर) से बचाव के लिए ह्यूमन पैपिलोमा वायरस (एचपीवी) वैक्सीन अभियान की औपचारिक शुरुआत की गई है। यह अभियान सिविल सर्जन डॉ. रमणदीप सिंगला के दिशा-निर्देशों के तहत जिला सिविल अस्पताल से शुरू किया गया है।
इस मौके पर सिविल सर्जन डॉ. रमणदीप सिंगला ने बताया कि एचपीवी वैक्सीन 14 से 15 वर्ष की लड़कियों के लिए बहुत प्रभावी और सुरक्षित है। उन्होंने कहा कि विश्व स्तर पर सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य विभाग द्वारा यह अभियान शुरू किया गया है, ताकि भविष्य में इस बीमारी के मामलों को कम किया जा सके।
जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. रंजीव बैंस ने जानकारी देते हुए बताया कि सर्वाइकल कैंसर का मुख्य कारण ह्यूमन पैपिलोमा वायरस है। उन्होंने कहा कि यदि सही उम्र में यह टीकाकरण कर लिया जाए तो इस कैंसर के खतरे को लगभग 90 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे किसी भी प्रकार की अफवाह या गलतफहमी से बचते हुए अपनी बेटियों का टीकाकरण अवश्य करवाएं। यह वैक्सीन सरकारी अस्पतालों में मुफ्त उपलब्ध करवाई जा रही है।
इस मौके पर वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुखविंदर सिंह ने कहा कि फील्ड स्टाफ द्वारा गांव स्तर पर लोगों को एचपीवी वैक्सीनेशन के बारे में जागरूक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि भारत में गर्भाशय के मुंह का कैंसर महिलाओं में होने वाले कैंसरों में दूसरे स्थान पर है। उन्होंने कहा कि इस घातक बीमारी से बचाव के लिए यह वैक्सीन बहुत जरूरी है और 14 से 15 वर्ष की आयु की लड़कियों को यह टीका मुफ्त लगाया जा रहा है।
स्वास्थ्य विभाग द्वारा सभी नागरिकों से अपील की गई है कि वे इस अभियान को सफल बनाने के लिए विभाग का पूरा सहयोग करें, ताकि एक स्वस्थ और सुरक्षित समाज का निर्माण सुनिश्चित किया जा सके।









