
चंडीगढ़, 20 अप्रैल –
एक रणनीतिक समझौते के तहत, जो किसानों की तकदीर बदलने में अहम साबित होगा, राज्य सरकार वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर इकोसिस्टम की तर्ज पर पंजाब में एक समर्पित बागवानी अनुभव एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित करने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह फसली विविधीकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों का हिस्सा होगा।
आज नीदरलैंड में निवेश प्रोत्साहन आउटरीच दौरे के दौरान मुख्यमंत्री ने टिकाऊ कृषि, फूलों की खेती और उच्च दक्षता वाली कृषि प्रणालियों के श्रेष्ठ तरीकों का अध्ययन करने के लिए वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर (डब्ल्यूएचसी), वेस्टलैंड और विश्व प्रसिद्ध केयूकनहॉफ, लिसे सहित प्रमुख बागवानी संस्थानों का दौरा किया। उन्होंने पंजाब में ऐसा ही केंद्र स्थापित करने का विचार रखा और कहा कि प्रस्तावित केंद्र शोधकर्ताओं, शैक्षणिक संस्थानों, उद्योग और सरकारी भागीदारों को एकजुट कर राज्य में नवाचार, कौशल विकास और टिकाऊ कृषि समाधानों को अपनाने में मदद करेगा।
वर्ल्ड हॉर्टी सेंटर, जो ग्रीनहाउस हॉर्टिकल्चर नवाचार का एक वैश्विक केंद्र है, में सीईओ पक वैन होलस्टाइन और मैनेजर इंटरनेशनल बिजनेस लैनी डिक्शूर्न ने भगवंत सिंह मान का स्वागत किया और उन्हें संस्था का विस्तृत दौरा करवाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक अनोखा अनुभव था, क्योंकि उन्हें नीदरलैंड के ग्रीनहाउस और नियंत्रित वातावरण कृषि के विश्व प्रसिद्ध इकोसिस्टम से परिचित करवाया गया, जहां तकनीक, शोध, शिक्षा, उद्योग और सरकार के संयुक्त प्रयासों ने पारंपरिक खेती को उच्च उत्पादकता और टिकाऊ कृषि में बदल दिया है। उन्होंने कहा कि इसकी मुख्य विशेषताओं में ग्रीनहाउस और उन्नत इंडोर खेती प्रणालियों की प्रभावशीलता शामिल है, जो पानी के कुशल उपयोग को सुनिश्चित करते हुए फसल उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि करती हैं, कीटनाशकों पर निर्भरता घटाती हैं और पारंपरिक खुले खेतों की खेती की तुलना में किसानों की आय बढ़ाती हैं।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पंजाब के लिए फसली विविधीकरण को बड़ा बढ़ावा देने और किसानों को पानी अधिक खपत वाली फसलों के चक्र से बाहर निकालने में मददगार साबित हो सकता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पौधों की वृद्धि और संसाधन दक्षता को बेहतर बनाने में ऑटोमेशन, रोबोटिक्स, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और आधुनिक सिंचाई प्रणालियों की महत्वपूर्ण भूमिका है। इसके साथ ही वर्षा जल संरक्षण, सिंचाई जल के पुनः उपयोग और नियंत्रित पोषक तत्व आपूर्ति जैसी नवाचारी जल प्रबंधन प्रणालियां जलवायु अनुकूल कृषि उत्पादन सुनिश्चित करने में अहम हैं। उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों ने जानकारी के आदान-प्रदान और तकनीकी साझेदारी सहित सहयोग की संभावनाओं पर सिद्धांततः सहमति जताई है।
इससे पहले भगवंत सिंह मान ने दुनिया के सबसे प्रसिद्ध फूल उत्पादक स्थलों में से एक केयूकनहॉफ का दौरा किया, जहां उन्हें एक अनोखे संचालन मॉडल से अवगत कराया गया। यहां हर वर्ष लगभग 70 लाख फूलों के बल्ब अक्टूबर से शुरू होने वाली शरद ऋतु में लगाए जाते हैं और मार्च में 7-8 सप्ताह तक खिलते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लगभग 32 हेक्टेयर क्षेत्र में फैला केयूकनहॉफ एक अत्यंत संगठित, निर्यात उन्मुख बागवानी मॉडल है, जो उत्पादन, पर्यटन और वैश्विक विपणन को एकीकृत करता है। उन्होंने कहा कि इस दौरे ने पंजाब को फूलों की खेती के क्लस्टर विकसित करने, निर्यात संबंध मजबूत करने और कृषि-पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी दी है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि इन दोनों दौरों से मिली सीख पंजाब को मूल्य आधारित, तकनीक संचालित कृषि की ओर ले जाएगी, जिसमें स्थिरता, उत्पादकता वृद्धि और कृषि अर्थव्यवस्था के विविधीकरण पर विशेष ध्यान होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह दौरा आर्थिक सहयोग को मजबूत करने और पंजाब को एक पसंदीदा निवेश स्थल के रूप में स्थापित करने में सहायक होगा। राज्य की औद्योगिक एवं व्यापार विकास नीति (आईबीडीपी) 2026 का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह क्षेत्र विशेष नीतियों और कारोबार सुगमता से समर्थित एक व्यापक एवं लचीला प्रोत्साहन ढांचा प्रदान करती है।
भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब का उद्देश्य दीर्घकालिक तकनीक आधारित साझेदारी बनाना, ज्ञान आदान-प्रदान को बढ़ावा देना और टिकाऊ कृषि के लिए एक प्रगतिशील, नवाचार आधारित तथा वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी केंद्र के रूप में स्थापित होना है।









