
चंडीगढ़/अमृतसर, 27 मार्च:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों के तहत पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रही मुहिम के दौरान बड़ी सफलता हासिल करते हुए काउंटर इंटेलिजेंस (सीआई) अमृतसर ने सीमा पार से संचालित अवैध हथियार तस्करी मॉड्यूल से जुड़े दो आरोपियों को 10 विदेशी आधुनिक पिस्तौलों सहित गिरफ्तार कर इस मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। यह जानकारी आज यहां पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने दी।
गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान रेशम सिंह निवासी खुशूपुरा, अमृतसर और मनप्रीत सिंह निवासी खवासपुर, तरनतारन के रूप में हुई है। बरामद पिस्तौलों में एक तुर्की निर्मित जिगाना पिस्तौल, एक ऑस्ट्रिया निर्मित ग्लॉक पिस्तौल, दो अमेरिका निर्मित बेरेटा पिस्तौल, पांच पीएक्स-5 पिस्तौल और एक चीन निर्मित नोरिन्को पिस्तौल शामिल हैं। पुलिस टीमों ने उनका काले रंग का प्लेटिना मोटरसाइकिल (PB 63 D 3668), जिसका उपयोग खेप की डिलीवरी के लिए किया जाता था, भी जब्त कर लिया है।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के साथ तालमेल में विदेशी गैंगस्टर के इशारे पर काम कर रहे थे और भारत में अवैध हथियारों की तस्करी में सहायता कर रहे थे। उन्होंने कहा कि यह खेप राज्य भर में आपराधिक तत्वों को पहुंचाई जानी थी।
इस ऑपरेशन के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि सीआई अमृतसर को एक विश्वसनीय सूचना मिली थी कि एक विदेशी गैंगस्टर अपने पंजाब स्थित साथियों की मदद से पाकिस्तान से भारत में ड्रोन के माध्यम से अवैध हथियार और गोला-बारूद की तस्करी कर रहा है।
डीजीपी ने कहा कि मिली सूचना के अनुसार उनके पंजाब स्थित सहयोगी रेशम सिंह ने हथियारों की खेप प्राप्त कर ली थी और पाकिस्तानी तस्करों के निर्देशों के अनुसार उसे अमृतसर से चोगावां रोड पर नहर पुल के पास गांव कोहाली के नजदीक संदिग्ध मनप्रीत सिंह को सौंपा जाना था। इस पर त्वरित कार्रवाई करते हुए पुलिस टीमों ने नाका लगाकर दोनों आरोपियों को हथियारों की खेप सहित गिरफ्तार कर लिया।
डीजीपी गौरव यादव ने बताया कि मामले के आगे-पीछे के संबंधों को स्थापित करने के लिए आगे की जांच जारी है, ताकि पूरे तस्करी नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।
इस संबंध में एफआईआर नंबर 20 दिनांक 27-03-2026 को थाना स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल, अमृतसर में आर्म्स एक्ट की धारा 25, 25(1) ए और 25(1) बी तथा भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है।









