
सनौर (पटियाला), 30 मार्च 2026:
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पटियाला के सनौर हलके में व्यापक बुनियादी ढांचा और सिंचाई परियोजनाओं की शुरुआत कर पंजाब के विकास को जमीनी स्तर पर तेज किया। इस मौके पर उन्होंने 87 करोड़ रुपये के सड़क नवीनीकरण कार्यों के साथ-साथ 27 करोड़ रुपये के नहरी लाइनिंग प्रोजेक्ट्स का ऐलान किया, जिससे 83 गांवों में 40,066 एकड़ क्षेत्र को सिंचाई के लिए पानी मिलेगा।
पिछली सरकारों के मुकाबले मौजूदा समय के बदलाव पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले भ्रष्टाचार के कारण सड़कें जल्दी खराब हो जाती थीं, लेकिन अब ठेकेदारों के लिए पांच साल का अनिवार्य रखरखाव लागू किया गया है, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि ‘आप’ सरकार ने सिंचाई क्षेत्र को 21,050 एकड़ से बढ़ाकर काफी विस्तार किया है और कानूनी लड़ाई के जरिए भाखड़ा नहर के पानी में पंजाब का 25% हिस्सा भी सुनिश्चित किया है।
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की तेज प्रगति से पारंपरिक पार्टियां असहज हैं और लगातार बेबुनियाद बयान दे रही हैं। उन्होंने कहा कि अब विकास की गति तेज हो चुकी है और हर दिन इसमें वृद्धि हो रही है।
सनौर हलके में विकास कार्यों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 49.60 करोड़ रुपये की लागत से नई लिंक सड़कें बनाई जाएंगी और मौजूदा सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा। पटियाला-पिहोवा सड़क को आधुनिक बनाया जाएगा और इसे जल्द ही चार लेन में बदला जाएगा ताकि दिल्ली की यात्रा आसान हो सके।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अब सड़क निर्माण में गुणवत्ता से समझौता नहीं होगा, क्योंकि ठेकेदारों को पांच साल तक रखरखाव की जिम्मेदारी दी गई है। खराब काम पर भुगतान रोका जा सकता है और ब्लैकलिस्ट भी किया जा सकता है।
उन्होंने बताया कि राज्य में 16,209 करोड़ रुपये की लागत से 44,920 किलोमीटर सड़कों के निर्माण का लक्ष्य रखा गया है, जो पंजाब के इतिहास का सबसे बड़ा सड़क निर्माण कार्यक्रम है।
पानी संरक्षण पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हर बूंद बचाने के लिए प्रतिबद्ध है। राज्य में 6900 किलोमीटर लंबे 18,349 खालों को बहाल किया गया है और 6500 करोड़ रुपये खर्च कर नहरी प्रणाली को मजबूत किया गया है। पहली बार 1444 गांवों तक नहरी पानी पहुंचा है।
शिक्षा क्षेत्र में उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब ने नेशनल अचीवमेंट सर्वे 2024 में पहला स्थान हासिल किया और केरल को भी पीछे छोड़ा। पिछले वर्षों में 740 छात्रों ने JEE और 1,284 ने NEET परीक्षा पास की है। 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस खोले जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले ही शुरू हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि शिक्षा ही समाज की बुराइयों को खत्म करने का सबसे प्रभावी माध्यम है और सरकार इस क्षेत्र को प्राथमिकता दे रही है। 24 लाख अभिभावकों ने मेगा पीटीएम में भाग लिया, जो एक रिकॉर्ड है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत हर परिवार को 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज दिया जा रहा है और 30 लाख से अधिक लोगों को हेल्थ कार्ड जारी किए जा चुके हैं।
बिजली सुधारों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों को अब दिन में बिजली मिल रही है और धान सीजन में 8 घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई है।
महिलाओं के लिए “मां-धियां सत्कार योजना” के तहत अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये और अन्य वर्गों की महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे।
सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में उन्होंने बताया कि राज्य में विशेष “रोड सेफ्टी फोर्स” बनाई गई है, जिसने सड़क हादसों में मौतों को 48% तक कम किया है। 1597 कर्मियों और 144 वाहनों के साथ यह फोर्स 4200 किलोमीटर हाईवे पर तैनात है।
प्रशासनिक सुधारों में “ईजी रजिस्ट्री” परियोजना को सफलतापूर्वक लागू किया गया है, जिससे पारदर्शी और आसान संपत्ति पंजीकरण संभव हुआ है। साथ ही 19 टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे लोगों को रोजाना 64 लाख रुपये की बचत हो रही है।
नशों के खिलाफ अभियान पर उन्होंने कहा कि सरकार ने सप्लाई चेन तोड़ दी है और तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। अवैध संपत्तियों को जब्त किया जा रहा है और युवाओं को रोजगार देकर नशों से दूर रखने की कोशिश की जा रही है।
खेल और संस्कृति पर उन्होंने कहा कि पंजाब लंबे समय बाद एशिया कप हॉकी की मेजबानी करेगा, जिसके मैच जालंधर और मोहाली में होंगे। गुरु रविदास जी का 650वां प्रकाश पर्व भी धूमधाम से मनाया जाएगा।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार जनता के पैसे का उपयोग पूरी जिम्मेदारी के साथ कर रही है और विकास कार्यों के जरिए इसे जनता तक वापस पहुंचा रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि पंजाब की प्रगति का यह सिलसिला आगे भी जारी रहेगा।









