
नई दिल्ली, 03 अप्रैल 2026
आम आदमी पार्टी ने पंजाब से राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा को उप-नेता पद से हटाए जाने को एक सामान्य प्रक्रिया बताते हुए उनके बयान पर पलटवार किया है। पार्टी ने उनसे सवाल किया कि वे देश और पार्टी से जुड़े मुद्दों पर नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ बोलने से क्यों डर रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि वे लगातार पार्टी लाइन के खिलाफ काम कर रहे थे और कई मौकों पर पार्टी व्हिप का उल्लंघन किया।
पार्टी के अनुसार, मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव पर हस्ताक्षर करने से इनकार करना और एलपीजी संकट जैसे मुद्दों पर सदन में न बोलना, उनके ऐसे कदम रहे हैं जो पार्टी के रुख के विपरीत थे। लंबे समय से उन्होंने संसद में ऐसा कोई मुद्दा नहीं उठाया जिसमें मोदी सरकार से सीधे सवाल किए गए हों।
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह पूरी तरह से पार्टी का फैसला है और इस तरह के निर्णय राजनीतिक दलों में होते रहते हैं। उन्होंने कहा कि जो भी पार्टी के सामूहिक फैसलों के खिलाफ जाता है, उसके खिलाफ कार्रवाई होना स्वाभाविक है।
पार्टी के वरिष्ठ नेता संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने अरविंद केजरीवाल से निडर होकर संघर्ष करना सीखा है, लेकिन राघव चड्ढा कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चुप रहे। उन्होंने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में मतदान अधिकारों के हनन, गुजरात में पार्टी कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई और पंजाब के अधिकारों जैसे मुद्दों पर भी उन्होंने आवाज नहीं उठाई।
दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने कहा कि संसद में सीमित समय का उपयोग बड़े जनहित मुद्दों के लिए होना चाहिए, न कि “सॉफ्ट पीआर” के लिए। उन्होंने आरोप लगाया कि जो भी सरकार के खिलाफ बोलता है, उसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर दबाया जा रहा है और उसके खिलाफ केस दर्ज किए जा रहे हैं।
दिल्ली विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष आतिशी ने भी राघव चड्ढा से सवाल करते हुए कहा कि वे भाजपा और प्रधानमंत्री से सवाल पूछने से क्यों डरते हैं। उन्होंने कहा कि देश में लोकतंत्र और संविधान पर खतरा है, लेकिन वे इस पर भी चुप्पी साधे हुए हैं।
आतिशी ने एलपीजी गैस संकट का जिक्र करते हुए कहा कि आम जनता इससे परेशान है, लेकिन इस मुद्दे पर भी राघव चड्ढा ने संसद में आवाज नहीं उठाई। उन्होंने कहा कि आज हर नेता को यह तय करना होगा कि वह संविधान और लोकतंत्र के साथ है या सरकार के साथ।
वहीं, पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि “निडरता ही हमारी पहचान है” और जो नेता डर जाता है, वह जनता के लिए संघर्ष नहीं कर सकता। उन्होंने भी आरोप लगाया कि राघव चड्ढा महत्वपूर्ण मुद्दों पर बोलने से बचते रहे हैं।









