
चंडीगढ़, 5 अप्रैल:
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ पंजाब में स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच को नया रूप दे रही है, जिससे इलाज अब किसी परिवार की आर्थिक क्षमता तक सीमित नहीं रहा बल्कि हर व्यक्ति तक पहुंच रहा है। नवजात शिशुओं की गंभीर देखभाल से लेकर जटिल सर्जरी और लंबे समय तक चलने वाली बीमारियों के इलाज तक, यह योजना राज्यभर में लाखों परिवारों को समय पर और कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान कर रही है।
AIIMS Bathinda में एक समय से पहले जन्मे और 1.5 किलो से कम वजन वाले नवजात को बचाने के लिए 4.35 लाख रुपये का पूरा खर्च पंजाब सरकार ने उठाया, जिससे परिवार को आर्थिक चिंता से राहत मिली। पूरे राज्य में 2 लाख से अधिक परिवारों को इसी तरह का लाभ मिला है, जहां बिना कर्ज या गहने गिरवी रखे इलाज संभव हुआ।
इस योजना के तहत 900 से अधिक सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों के नेटवर्क के जरिए 2 लाख से अधिक इलाज और 40,000 से ज्यादा सर्जरी प्रक्रियाएं पूरी की गई हैं, जिन पर 300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं। यह हर उस परिवार की कहानी है जिसे स्वास्थ्य और आर्थिक संकट में से एक चुनने की मजबूरी नहीं झेलनी पड़ी।
सबसे अधिक किए जाने वाले इलाजों में डायलिसिस, हृदय रोग, ऑर्थोपेडिक सर्जरी, कैंसर उपचार, मधुमेह से जुड़ी जटिलताएं और श्वसन रोग शामिल हैं, जो इस योजना के व्यापक दायरे को दर्शाते हैं।
एक उदाहरण में नवदीप खान, जिन्हें गुइलेन-बैरे सिंड्रोम (एक दुर्लभ न्यूरोलॉजिकल बीमारी) का निदान हुआ, ने बठिंडा के अस्पताल में 4.6 लाख रुपये का इलाज बिना किसी भुगतान के प्राप्त किया। यह दर्शाता है कि योजना गंभीर और आकस्मिक चिकित्सा स्थितियों को भी कवर करती है।
गुर्दे की पुरानी बीमारी से जूझ रहे मरीजों के लिए यह योजना वरदान साबित हो रही है। पूरे पंजाब में 68,000 से अधिक मरीजों को नियमित डायलिसिस सुविधा दी जा रही है, जिस पर 14 करोड़ रुपये से अधिक खर्च हुआ है।
कैंसर देखभाल के तहत कीमोथेरेपी, रेडिएशन और सर्जिकल उपचार सहित 14,000 से अधिक इलाज 35 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किए गए हैं, जिससे मरीजों को इलाज के हर चरण में निरंतर सहायता मिल रही है।
हृदय रोगों के इलाज में भी योजना ने बड़ी राहत दी है। PGIMER Chandigarh में जटिल ‘डबल-स्विच’ कार्डियक ऑपरेशन सहित कई उन्नत सर्जरी पूरी तरह कवर की गई हैं। अब तक 5,700 से अधिक हृदय रोग उपचार, जिनमें एंजियोप्लास्टी और पेसमेकर इंप्लांट शामिल हैं, 47 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से किए गए हैं।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा, “डायलिसिस, हृदय रोग और कैंसर जैसे मामलों में इंतजार की गुंजाइश नहीं होती। इस योजना के तहत हजारों मरीजों को समय पर इलाज मिला है। हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि इलाज मरीज की जरूरत के आधार पर हो, न कि उसकी आर्थिक स्थिति के अनुसार।”
इस योजना का एक महत्वपूर्ण प्रभाव यह भी है कि अब लोग केवल आपातकाल में ही नहीं, बल्कि नियमित और समय पर इलाज के लिए भी आगे आ रहे हैं। इससे स्वास्थ्य के प्रति व्यवहार में सकारात्मक बदलाव देखने को मिल रहा है।
सरकार लोगों को स्वास्थ्य कार्ड के लिए पंजीकरण कराने हेतु प्रेरित कर रही है, ताकि अधिक से अधिक लोग इस कैशलेस उपचार सुविधा का लाभ उठा सकें।









