
हलवारा, 20 मई: हलवारा एयरपोर्ट से उड़ानों की शुरुआत पंजाब के लिए आर्थिक विकास, कनेक्टिविटी और प्रगति के नए युग की शुरुआत है। Bhagwant Mann ने कहा कि पंजाब सरकार के दृढ़ प्रयासों और वित्तीय प्रतिबद्धता के कारण पूरा हुआ यह लंबे समय से लंबित प्रोजेक्ट पूरे क्षेत्र में व्यापार, उद्योग, निवेश और रोजगार को बढ़ावा देगा। उड़ानें शुरू होने के बाद पहली बार ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक Arvind Kejriwal के साथ एयरपोर्ट टर्मिनल का दौरा करते हुए मुख्यमंत्री ने लोगों से बातचीत की और कहा कि इस हवाई अड्डे की शुरुआत बुनियादी ढांचे को मजबूत करने और राज्य में विश्वस्तरीय सुविधाएं लाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।
पंजाब सरकार द्वारा एयरपोर्ट के विकास पर लगभग 54.67 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हलवारा से नियमित उड़ानें शुरू होने से न केवल पंजाब के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी, बल्कि राज्य में औद्योगिक निवेश और व्यावसायिक गतिविधियों के लिए भी नए रास्ते खुलेंगे। स्वतंत्रता सेनानियों और महान संतों की विरासत का सम्मान करने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा कि अथक प्रयासों से मोहाली एयरपोर्ट का नाम Shaheed Bhagat Singh और आदमपुर एयरपोर्ट का नाम Guru Ravidas के नाम पर रखे जाने के बाद अब हलवारा एयरपोर्ट का नाम Kartar Singh Sarabha के नाम पर रखा जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि वह इस मामले को केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे।
एयरपोर्ट के दौरे के दौरान लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार के प्रयासों से यह एयरपोर्ट अब शुरू हो गया है। इस कदम के पीछे एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के लोगों को सुरक्षित, किफायती और आरामदायक हवाई यात्रा की सुविधा मिल सके।”
उन्होंने आगे कहा, “यह एयरपोर्ट इस क्षेत्र के साथ-साथ देश के अन्य हिस्सों के उद्यमियों, व्यापारियों और उद्योगपतियों को पंजाब आने-जाने में मदद करेगा, जिससे व्यापार, कारोबार और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा।”
पहले आने वाली समस्याओं का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “दिल्ली-एनसीआर के लिए सीधी उड़ानें न होने के कारण लोगों, खासकर उद्योगपतियों को सड़क मार्ग से देश की राजधानी जाने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। इससे न केवल अनावश्यक परेशानी होती थी, बल्कि समय, पैसे और ऊर्जा का भी बड़ा नुकसान होता था।”
उन्होंने कहा, “इस एयरपोर्ट के शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को बड़ी सुविधा मिलेगी और दुनिया भर के प्रमुख उद्यमी पंजाब में बड़े निवेश के लिए आकर्षित होंगे।”
एयरपोर्ट के आर्थिक प्रभाव पर विश्वास जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह एयरपोर्ट पंजाब में औद्योगिकीकरण को तेज करने में मददगार साबित होगा और राज्य को पसंदीदा निवेश स्थल के रूप में और मजबूत करेगा।”
कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए पंजाब सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए उन्होंने कहा, “यात्रियों की सुविधा के लिए जल्द ही हलवारा एयरपोर्ट से और उड़ानें शुरू की जाएंगी। बेहतर हवाई संपर्क पंजाब में आर्थिक गतिविधियों को और मजबूत करेगा तथा राज्य की प्रगति और लोगों की खुशहाली में अहम भूमिका निभाएगा।”
इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार हलवारा एयरपोर्ट का नाम महान शहीद Kartar Singh Sarabha के नाम पर रखने की मांग भारत सरकार के समक्ष जोरदार ढंग से उठाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा, “शहीद करतार सिंह सराभा ने मात्र 19 वर्ष की आयु में देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए थे। उनकी अद्वितीय कुर्बानी ने लाखों लोगों को ब्रिटिश साम्राज्यवाद के खिलाफ लड़ने के लिए प्रेरित किया।”
उन्होंने कहा, “शहीद-ए-आजम Bhagat Singh भी शहीद करतार सिंह सराभा को अपना आदर्श मानते थे। हलवारा एयरपोर्ट का नाम उनके नाम पर रखना उस महान शहीद को सच्ची श्रद्धांजलि होगी, जो इस क्षेत्र से संबंध रखते थे और जिन्होंने पहले विमानन की पढ़ाई के लिए University of California, Berkeley में प्रवेश लिया तथा बाद में भारत के स्वतंत्रता संग्राम में भाग लेने के लिए लौट आए।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब महान गुरुओं, संतों, पीरों और शहीदों की पवित्र धरती है और इस मिट्टी के हर कण में उनकी महान विरासत समाई हुई है। पंजाब विधानसभा ने 22 मार्च 2023 को सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित किया था, जिसमें भारत सरकार से इंडियन एयर फोर्स स्टेशन हलवारा, लुधियाना स्थित अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम शहीद करतार सिंह सराभा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट रखने का अनुरोध किया गया था।”
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा, “शहीद करतार सिंह सराभा ने देश को विदेशी साम्राज्यवाद से मुक्त कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। Ghadar Party के नेता के रूप में उन्होंने देश-विदेश में भारत की आजादी के लिए अथक प्रयास किए।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “पहले पंजाब सरकार के निरंतर प्रयासों से मोहाली अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखा गया था। हलवारा एयरपोर्ट का नाम शहीद करतार सिंह सराभा के नाम पर रखना हमारे शहीदों के प्रति एक और विनम्र श्रद्धांजलि होगी।”
उन्होंने कहा, “शहीदों की गौरवशाली विरासत को सहेजने के लिए एयरपोर्ट, विश्वविद्यालयों और संस्थानों का नाम महान शहीदों और हस्तियों के नाम पर रखना हमारी सरकार की महत्वपूर्ण पहल रही है। आदमपुर एयरपोर्ट का नाम भी श्री गुरु रविदास महाराज जी के नाम पर रखा गया है।”
विमानन प्रशिक्षण संस्थान के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार द्वारा युवा पायलटों को प्रशिक्षण देने के लिए साहनेवाल एयरपोर्ट की इमारत के उपयोग संबंधी ठोस प्रयास किए जाएंगे। युवाओं को पहले ही किफायती दरों पर विमानन प्रशिक्षण दिया जा रहा है। पंजाब सरकार जनहित में हलवारा एयरपोर्ट से उड़ानों के समय में बदलाव का मुद्दा भी केंद्र सरकार के समक्ष उठाएगी।”
पंजाब और उसके लोगों की भलाई के प्रति अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “राज्य के हितों की रक्षा और उसकी निरंतर प्रगति तथा खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।”









