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कभी घाटे में चलने वाला बिजली विभाग पिछले 4 सालों से पंजाब के 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली देने के बावजूद भी मुनाफा कमा रहा है:

चंडीगढ़, 6 अप्रैल:

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जोर देते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी (आप) सरकार के नेतृत्व में राज्य के बिजली क्षेत्र में बड़ा ढांचागत परिवर्तन आया है। जो विभाग कभी घाटे में था, वह अब 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली देने के बावजूद मुनाफा कमा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार ने 600 यूनिट मुफ्त बिजली देकर अधिकांश परिवारों के लिए शून्य बिजली बिल सुनिश्चित किए हैं और पिछली सरकारों द्वारा सार्वजनिक संपत्तियां बेचने की प्रवृत्ति को बदलते हुए 540 मेगावाट का गोइंदवाल थर्मल पावर प्लांट खरीदकर बिजली उपलब्धता में बड़ा सुधार किया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि व्यावसायिक और औद्योगिक उपभोक्ताओं के लिए टैरिफ कम किए गए हैं, किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है और नए सबस्टेशन व ट्रांसफार्मरों के माध्यम से बुनियादी ढांचा मजबूत किया गया है। रोजगार सृजन पर जोर देते हुए उन्होंने बताया कि बिजली क्षेत्र में 9593 युवाओं को नौकरी दी गई है और 1750 अन्य पदों पर भर्ती जारी है। पंजाब बिजली विभाग (PSPCL) को A+ रेटिंग मिलना और राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान हासिल करना राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता और 24 घंटे बिजली आपूर्ति के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आप सरकार ने हर क्षेत्र को सस्ती और निर्बाध बिजली देकर नया रिकॉर्ड बनाया है। पहली बार लोगों को बिना अतिरिक्त आर्थिक बोझ के निरंतर बिजली मिल रही है।” उन्होंने बताया कि पहले सिंचाई के लिए केवल 22 प्रतिशत नहर जल का उपयोग होता था, जो अब बढ़कर 78 प्रतिशत हो गया है और आने वाले धान सीजन तक इसे 90 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य है।

सिंचाई सुधारों पर उन्होंने कहा कि भाखड़ा नहर की क्षमता 9500 क्यूसेक है, लेकिन अब किसानों को 11,000 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जो बिना अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण के एक नई नहर के बराबर है। उन्होंने कहा कि पानी की हर बूंद का हिसाब रखा जा रहा है, जिससे उत्पादन बढ़ेगा और कृषि क्षेत्र को मुफ्त बिजली जारी रहेगी।

बिजली आपूर्ति पर उन्होंने कहा कि धान सीजन के दौरान किसानों को 8 घंटे से अधिक बिजली दी गई और दिन के समय 95 प्रतिशत आपूर्ति सुनिश्चित की गई। घरेलू उपभोक्ताओं को प्रति माह 300 यूनिट मुफ्त बिजली दी जा रही है, जिससे लगभग 90 प्रतिशत घरों के बिल शून्य हो गए हैं।

रोजगार के बारे में उन्होंने बताया कि अप्रैल 2022 से PSPCL और PSTCL में लगभग 9593 कर्मचारियों की भर्ती की गई है, जिसमें 8014 सीधी भर्ती और 1579 सहानुभूति के आधार पर दी गई नौकरियां शामिल हैं। PSPCL में 1181 और PSTCL में 569 पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है, जो जून 2026 तक पूरी हो जाएगी।

रिकॉर्ड उपलब्धियों का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि 5 जून 2025 को 16,670 मेगावाट की अब तक की सबसे अधिक बिजली मांग को पूरा किया गया, जो 29 जून 2024 के 16,058 मेगावाट के पिछले रिकॉर्ड से अधिक है। उन्होंने बताया कि सरकार ने 1080 करोड़ रुपये की लागत से निजी थर्मल प्लांट खरीदकर एक नई मिसाल कायम की है, जबकि इसी क्षमता के नए प्लांट की लागत 4320 करोड़ रुपये होती।

उन्होंने बताया कि पहले जीकेवी थर्मल पावर प्लांट के नाम से जाने जाने वाले इस प्लांट का नाम बदलकर श्री गुरु अमरदास जी के नाम पर रखा गया है। फरवरी 2024 में अधिग्रहण के बाद इसकी कार्यक्षमता में सुधार हुआ है और PLF 34 प्रतिशत से बढ़कर 65 प्रतिशत हो गया है, जो जुलाई 2024 में 90 प्रतिशत और जुलाई 2025 में 82 प्रतिशत तक पहुंचा।

बुनियादी ढांचे और ईंधन आपूर्ति पर उन्होंने कहा कि ट्रांसमिशन क्षमता 7400/8000 मेगावाट से बढ़कर 10400/10900 मेगावाट हो गई है। पचवाड़ा कोयला खान से आपूर्ति बहाल होने से 2024-25 में 70 लाख मीट्रिक टन कोयला मिला और अक्टूबर 2022 से अब तक 1462 करोड़ रुपये की बचत हुई है।

उन्होंने कहा कि किसी भी थर्मल प्लांट में कोयले की कमी नहीं है—रोपड़ में 41 दिन, लेहरा मोहब्बत में 37 दिन और गोइंदवाल साहिब में 32 दिन का स्टॉक उपलब्ध है। 206 मेगावाट शाहपुर कंडी हाइडल प्रोजेक्ट मई 2027 तक शुरू होने की उम्मीद है, जिस पर सितंबर 2025 तक 5192.51 करोड़ रुपये खर्च हो चुके हैं।

स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देते हुए उन्होंने कहा कि अगले छह वर्षों में ग्रीन एनर्जी का हिस्सा 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 80 प्रतिशत किया जाएगा। 2720 मेगावाट सौर ऊर्जा 2.33–2.97 रुपये प्रति यूनिट की दर से जोड़ी गई है, जबकि पहले यह दर 15.20 रुपये थी। वर्तमान में 2062 मेगावाट परियोजनाएं प्रगति पर हैं, 658 मेगावाट चालू हो चुका है और 581 मेगावाट रूफटॉप सोलर स्थापित किया गया है।

नेटवर्क सुदृढ़ीकरण पर उन्होंने कहा कि 26 नए 66 केवी सबस्टेशन स्थापित किए गए हैं, 194 ट्रांसफार्मर अपग्रेड किए गए हैं और 2738 एमवीए क्षमता वृद्धि के साथ 337 सर्किट किलोमीटर नई लाइनें बिछाई गई हैं।

एक नई पहल की घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि किसानों के खेतों से गुजरने वाली हाई-टेंशन तारों को भूमिगत करने की योजना जल्द शुरू की जाएगी, जिसकी शुरुआत उनके पैतृक गांव से होगी, जहां 413 ट्यूबवेल और 1100 बिजली खंभे 2000 एकड़ क्षेत्र में फैले हैं।

कानून-व्यवस्था पर उन्होंने कहा कि साइबर अपराध से निपटने के लिए पंजाब पुलिस को आधुनिक बनाया जा रहा है और नशा तस्करों से मिलीभगत रखने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।

किसानों की चिंताओं पर उन्होंने बताया कि हालिया मौसम के कारण गेहूं की फसल के नुकसान का आकलन करने के लिए विशेष गिरदावरी के आदेश दिए गए हैं और रिपोर्ट के आधार पर मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने आश्वासन दिया कि सरकार किसानों के हितों की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा और अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।

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