
तलवंडी साबो, 12 अप्रैल – पवित्र नगरी तलवंडी साबो में बड़ा प्रशासनिक सुधार करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज अत्याधुनिक सब-डिविजनल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। यह कॉम्प्लेक्स 40 साल पुरानी असुरक्षित इमारत की जगह लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से बनाया गया है, जो आधुनिक और नागरिक-केंद्रित सुविधाओं से लैस है। तख्त श्री दमदमा साहिब में नतमस्तक होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तीन मंजिला कॉम्प्लेक्स लोगों को समर्पित किया और कहा कि इस नई इमारत में रजिस्ट्री से लेकर रिकॉर्ड रूम तक सभी जरूरी सरकारी सेवाएं हाई-स्पीड डिजिटल कनेक्टिविटी के साथ एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी।
इस कॉम्प्लेक्स में 28 कमरे बनाए गए हैं, जिनमें आसान रजिस्ट्री, एसडीएम और तहसीलदार अदालतें, फर्द केंद्र, खजाना कार्यालय, रिकॉर्ड रूम और अन्य मुख्य सुविधाएं शामिल हैं। इसके साथ ही एक लिफ्ट और आधुनिक बुनियादी ढांचा सुनिश्चित किया गया है ताकि दक्षता के साथ-साथ बेहतर जन सुविधाएं प्रदान की जा सकें। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुरानी इमारत पूरी तरह जर्जर हो चुकी थी और लोगों के लिए खतरा बनी हुई थी। नया कॉम्प्लेक्स तलवंडी साबो और आसपास के गांवों के लोगों को सेवाओं में पारदर्शिता और तेजी प्रदान करेगा।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज तलवंडी साबो की पवित्र धरती पर नए सब-डिविजनल कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन कर इसे लोगों को समर्पित किया गया है। 40 साल पुरानी जर्जर इमारत की जगह लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से यह आधुनिक कॉम्प्लेक्स बनाया गया है।”
उन्होंने कहा, “इस तीन मंजिला इमारत में 28 कमरे हैं, जहां सभी जरूरी सुविधाएं जैसे एसडीएम अदालत, तहसीलदार अदालत, फर्द केंद्र, रिकॉर्ड रूम, खजाना कार्यालय और कैंटीन एक ही छत के नीचे उपलब्ध हैं। सभी कार्यालयों को हाई-स्पीड इंटरनेट से लैस किया गया है और लोगों की सुविधा के लिए लिफ्ट की व्यवस्था भी की गई है।”
उन्होंने कहा कि यह कॉम्प्लेक्स तलवंडी साबो और आसपास के गांवों के लोगों के लिए वरदान साबित होगा, जिससे सरकारी सेवाओं में तेजी, पारदर्शिता और पहुंच में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस तरह के आधुनिक तहसील कॉम्प्लेक्स पूरे पंजाब में बनाए जा रहे हैं ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें। उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने ऐसे जन-केंद्रित प्रयासों पर ध्यान नहीं दिया, लेकिन उनकी सरकार जनता के हितों को प्राथमिकता दे रही है।
तख्त श्री दमदमा साहिब में मत्था टेकने के बाद मुख्यमंत्री ने पंजाब में शांति, प्रगति और खुशहाली के लिए अरदास की। उन्होंने कहा कि यह पवित्र स्थान गुरु गोबिंद सिंह जी की चरण छोह से धन्य है और यहां आना उनके लिए सौभाग्य की बात है।
वैसाखी के पावन अवसर पर शुभकामनाएं देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह त्योहार पंजाबी संस्कृति, एकता और भाईचारे का प्रतीक है। उन्होंने याद किया कि 13 अप्रैल 1699 को गुरु गोबिंद सिंह जी ने श्री आनंदपुर साहिब में खालसा पंथ की स्थापना की थी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस दिन ‘पंज प्यारों’ को अमृत छकाया गया और एक समानता वाले समाज की नींव रखी गई, जिसने प्रेम, करुणा और भाईचारे का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि वैसाखी फसल के मौसम की शुरुआत का भी प्रतीक है और यह किसानों, मजदूरों और मेहनतकश लोगों का त्योहार है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह दिन केवल सिखों या पंजाबियों के लिए ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए विशेष महत्व रखता है। उन्होंने कहा कि खालसा पंथ की स्थापना ने समाज में नई ऊर्जा का संचार किया और लोगों को अन्याय के खिलाफ खड़े होने की ताकत दी।
उन्होंने कहा कि वैसाखी का यह पावन दिन हमें सामाजिक समानता, भाईचारे और शोषण मुक्त समाज के निर्माण के लिए प्रेरित करता है।
विधायी मोर्चे पर मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि पंजाब सरकार 13 अप्रैल को पंजाब विधानसभा के विशेष सत्र में ‘जगत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) बिल, 2026’ पेश करेगी। उन्होंने कहा कि पवित्र ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं ने लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई है और सामाजिक सद्भावना को प्रभावित किया है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धाराओं 298, 299 और 300 के तहत ऐसे मामलों का प्रावधान है, लेकिन कड़ी सजा का अभाव है। उन्होंने कहा कि सरकार ने गहन विचार के बाद कड़े कानूनी प्रावधान लाने का निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि यह प्रस्तावित बिल दोषियों के लिए आजीवन कारावास सहित कड़ी सजा का प्रावधान करता है और राज्य में शांति व सद्भाव बनाए रखने में सहायक सिद्ध होगा।









