
आदमपुर (जालंधर), 14 अप्रैल:
बाबा साहेब अंबेडकर के जन्म दिवस के अवसर पर एक निर्णायक कल्याण अभियान की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पंजाब में लगभग हर महिला के सशक्तिकरण के लिए एक योजना शुरू की है, जिसके तहत राज्यभर की महिलाओं को 1000 से 1500 रुपये तक की मासिक वित्तीय सहायता दी जाएगी। इस योजना को बाबा साहेब अंबेडकर के सामाजिक न्याय और समानता के दृष्टिकोण के प्रति सच्ची श्रद्धांजलि बताते हुए मुख्यमंत्री ने पंजीकरण प्रक्रिया की शुरुआत की। इसके तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाएं केवल तीन दस्तावेजों के साथ इस योजना का लाभ ले सकती हैं, जबकि कैंपों और सहायक स्टाफ के एक व्यापक नेटवर्क के माध्यम से महिलाओं को उनके घर पर ही सुविधा प्रदान करने का प्रबंध किया गया है।
यह योजना पहले 9 विधानसभा क्षेत्रों में शुरू की जाएगी और 15 मई से इसे बाकी 108 क्षेत्रों में विस्तारित किया जाएगा। योजना का भुगतान जुलाई से शुरू होगा और पंजीकरण के लिए कोई समय सीमा नहीं होगी। इससे हर पात्र महिला को लाभ की गारंटी दी गई है, चाहे वह किसी भी समय पंजीकरण करवाए। 26,000 पंजीकरण केंद्रों और हर गांव व वार्ड में तैनात समर्पित महिला सम्मान सखियों के साथ इस योजना को बड़े स्तर पर लागू करने, बेहतर पहुंच सुनिश्चित करने और पारदर्शिता के लिए तैयार किया गया है, जो इसे देश की सबसे व्यापक प्रत्यक्ष वित्तीय सहायता पहलों में से एक बनाता है।
सीनियर ‘आप’ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया के साथ मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने घोषणा की कि यह योजना पायलट आधार पर आदमपुर, मलोट, श्री आनंदपुर साहिब, दिड़बा, सुनाम, मोगा, कोटकपूरा, बटाला और पटियाला देहाती सहित 9 क्षेत्रों में शुरू की गई है। उन्होंने कहा, “बाकी 108 क्षेत्रों में महिलाओं के लिए पंजीकरण 15 मई से शुरू होगा। जुलाई 2026 से 1000 या 1500 रुपये के मासिक भुगतान शुरू हो जाएंगे।”
महिलाओं को सुविधा के बारे में आश्वस्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजीकरण के लिए कोई समय सीमा नहीं है और महिलाओं को चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने कहा कि देर से पंजीकरण करवाने पर भी लाभ में कोई कमी नहीं आएगी। “अगर कोई महिला सितंबर के अंत में भी पंजीकरण करवाती है, तो उसे जुलाई, अगस्त और सितंबर तीनों महीनों का पूरा भुगतान मिलेगा।”
दस्तावेज प्रक्रिया के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने कहा कि पंजीकरण के लिए केवल तीन दस्तावेज आवश्यक हैं—पंजाब के पते वाला आधार कार्ड, पंजाब का वोटर आईडी और बैंक पासबुक। अनुसूचित जाति की महिलाओं के लिए जाति प्रमाण पत्र भी आवश्यक है। जिन महिलाओं के पास फिलहाल जाति प्रमाण पत्र नहीं है, वे बिना प्रमाण पत्र के भी पंजीकरण कर सकती हैं और 1000 रुपये मासिक प्राप्त करना शुरू कर सकती हैं। प्रमाण पत्र जारी होने के बाद उन्हें शेष 500 रुपये प्रति माह का बकाया भी दे दिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बताया कि 18 वर्ष से अधिक आयु की सभी महिलाओं की 100 प्रतिशत कवरेज सुनिश्चित करने के लिए राज्य के हर गांव और वार्ड में महिला सम्मान सखियां तैनात की जाएंगी। ये सखियां घर-घर जाकर महिलाओं को योजना की जानकारी देंगी, उनके संदेह दूर करेंगी, फॉर्म भरने में मदद करेंगी और आवश्यक दस्तावेज तैयार करवाने में सहयोग देंगी।
उन्होंने कहा कि यदि किसी महिला के पास वोटर आईडी या बैंक खाता नहीं है, तो सखियां उसे बनवाने में भी मदद करेंगी और पूरी प्रक्रिया में मार्गदर्शन करेंगी।
पहुंच को आसान बनाने के लिए राज्यभर में 26,000 से अधिक स्थानों पर पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जिनमें आंगनवाड़ी केंद्र, सेवा केंद्र और शहरी क्षेत्रों में नगर निगम/कमेटी कार्यालय शामिल हैं।
योजना के लाभों का विवरण देते हुए उन्होंने कहा कि सामान्य वर्ग की महिलाओं को 1000 रुपये प्रति माह और अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1500 रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह योजना महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वतंत्र और सशक्त बनाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि यह योजना महिलाओं को वित्तीय साक्षरता से जोड़ते हुए बचत, किफायत और निवेश को बढ़ावा देगी तथा उन्हें अपनी छोटी-छोटी इच्छाएं पूरी करने में सक्षम बनाएगी।
महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि घरेलू कल्याण सुधारने, लैंगिक समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक-आर्थिक निर्णयों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए यह बेहद जरूरी है।
उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 18 वर्ष से अधिक आयु की लगभग 97 प्रतिशत महिलाओं को कवर करने का लक्ष्य है, जिससे यह देश की सबसे बड़ी महिला-केन्द्रित सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में से एक बनेगी।
वित्तीय प्रतिबद्धता पर उन्होंने कहा कि वित्त वर्ष 2026-27 के बजट में 9300 करोड़ रुपये पहले ही स्वीकृत किए जा चुके हैं।
अंत में उन्होंने कहा कि यह पहल बाबा साहेब बी.आर. अंबेडकर को सच्ची श्रद्धांजलि है, जो महिलाओं के सशक्तिकरण के समर्थक थे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री ने तीन लाभार्थियों—हरबंस कौर, दीक्षा और सिमरन—को पंजीकरण प्रमाण पत्र भी सौंपे। लाभार्थियों ने इस योजना का स्वागत करते हुए कहा कि यह उनकी आर्थिक स्वतंत्रता को मजबूत करेगी।
मुख्य बिंदु:
- 1000–1500 रुपये मासिक सहायता योजना की शुरुआत
- 26,000 पंजीकरण केंद्र स्थापित
- 15 अप्रैल से पायलट और 15 मई से राज्यभर में विस्तार
- जुलाई 2026 से भुगतान शुरू
- पंजीकरण के लिए केवल तीन दस्तावेज आवश्यक
यह “मां-धियां सम्मान योजना” महिलाओं की आर्थिक स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।








