
चंडीगढ़/लहरागागा, 15 अप्रैल: पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, डॉ. बलबीर सिंह और बरिंदर कुमार गोयल द्वारा लहरागागा में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल खोलने के पंजाब सरकार के ऐतिहासिक फैसले के पहले कदम के रूप में तथा लोगों को तुरंत मेडिकल सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए लहरागागा स्थित कम्युनिटी हेल्थ सेंटर (सीएचसी) में विशेषज्ञ डॉक्टरों की सेवाओं सहित ओपीडी और आईपीडी सेवाएं शुरू करवाई गई हैं। इस कम्युनिटी हेल्थ सेंटर, जो पहले काफी जर्जर हालत में था, का पूरी तरह कायाकल्प किया गया है। इससे लहरागागा सहित इसके 50 किलोमीटर के दायरे में आने वाले गांवों और कस्बों को लाभ मिलेगा।
सीएचसी लहरागागा में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि ये मेडिकल सेवाएं जनहित ट्रस्ट के यूनिट, आचार्य विद्यानंद जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च द्वारा संचालित की जाएंगी। इस पहल से लहरागागा की पहचान अब केवल संगरूर तक ही सीमित नहीं रहेगी, बल्कि पूरी दुनिया में स्थापित होगी।
इस मौके पर स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने स्पष्ट किया कि इस स्वास्थ्य संस्था को किसी भी रूप में निजी हाथों में नहीं दिया जा रहा। सरकार का कर्तव्य है कि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं प्रदान की जाएं, इसी के तहत जनहित ट्रस्ट के यूनिट, आचार्य विद्यानंद जैन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च को जिम्मेदारी सौंपी गई है, जिनका उद्देश्य केवल मानव सेवा है, न कि मुनाफा कमाना।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि पंजाब सरकार के निरंतर प्रयासों के चलते बंद पड़े बाबा हीरा सिंह भट्ठल इंस्टीट्यूट ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी को मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के रूप में दोबारा शुरू किया जा रहा है। यह मेडिकल कॉलेज मूनक और खनौरी दोनों क्षेत्रों को कवर करेगा और वहां के अस्पताल भी इसी कॉलेज के माध्यम से संचालित होंगे।
उन्होंने कहा कि पहले इस क्षेत्र में विशेषज्ञ डॉक्टरों और स्वास्थ्य सुविधाओं की भारी कमी थी, लेकिन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार अब इस क्षेत्र में मेडिकल कॉलेज और अस्पताल स्थापित कर रही है। इससे न केवल बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि क्षेत्र का आर्थिक विकास होगा और बड़े स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। इस दौरान सीएचसी में सेवाएं देने वाले विशेषज्ञ डॉक्टरों का सम्मान भी किया गया।
कैबिनेट मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने बताया कि इस मेडिकल कॉलेज परियोजना को यहां तक पहुंचाने में वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा और स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह का विशेष योगदान रहा है। उन्होंने कहा कि अगले वर्ष मेडिकल कॉलेज में नर्सिंग की कक्षाएं शुरू होंगी और इसके साथ ही एमडी और एमएस की पढ़ाई भी शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि पहले इस क्षेत्र के कई प्रतिभाशाली विद्यार्थी सुविधाओं की कमी के कारण डॉक्टर नहीं बन पाते थे, लेकिन अब वे अपने सपनों को साकार कर सकेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले आपातकालीन सेवाओं की कमी के कारण कई बार लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ती थी, क्योंकि बेहतर इलाज के लिए संगरूर या पटियाला जाना पड़ता था। समय पर वहां न पहुंच पाने के कारण जान-माल का नुकसान हो जाता था, लेकिन अब ऐसी स्थिति नहीं रहेगी।
उन्होंने कहा कि जैन समुदाय द्वारा स्थापित किए जाने वाले इस मेडिकल कॉलेज में प्रवेश और सीटों का वितरण राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों और नोटिफिकेशन के अनुसार ही होगा तथा फीस ढांचा भी सरकार के नियमों के अनुसार ही लागू किया जाएगा।
मेडिकल कॉलेज की स्थापना 100 एमबीबीएस सीटों और कम से कम 440 बिस्तरों की क्षमता के साथ की जाएगी। इसका उद्देश्य राज्य के निवासियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना और पंजाब को मेडिकल शिक्षा का केंद्र बनाना है।
इस अवसर पर जनहित ट्रस्ट के चेयरमैन डॉ. धर्मपाल जैन, ट्रस्ट सदस्य डॉ. रजनीश जैन, एसडीएम राकेश प्रकाश गर्ग, सिविल सर्जन डॉ. अमरजीत कौर, नगर काउंसिल अध्यक्ष श्रीमती कांता गोयल, श्री गौरव गोयल सहित विभिन्न गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में शहर एवं गांवों के लोग उपस्थित थे।








