
लुधियाना, 02 मई 2026 – आम आदमी पार्टी की ट्रेड विंग द्वारा आज लुधियाना के घंटाघर में मोदी सरकार द्वारा गैस सिलेंडरों की कीमतों में किए गए भारी बढ़ोतरी के विरोध में धरना-प्रदर्शन किया गया और भाजपा पर तीखे निशाने साधे गए।
इस मौके पर विधायक अशोक पराशर पप्पी, विधायक दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, चेयरमैन अनिल ठाकुर, साहिल अग्रवाल, जिला इंचार्ज जतिंदर खंगूड़ा, मीडियम सीनियर वाइस इंडस्ट्री चेयरमैन शरणपाल सिंह मक्कड़, महिला आयोग की सदस्य अजिंदरपाल कौर सहित सैकड़ों ‘आप’ वॉलंटियर्स मौजूद रहे।
उन्होंने एक स्वर में कहा कि भाजपा की अगुवाई वाली केंद्र सरकार आम आदमी के लिए लाचार और रसोई के लिए जिम्मेदार साबित हो रही है।
गौरतलब है कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर अब 993 रुपये महंगा हो गया है। पश्चिम एशिया संकट के कारण वैश्विक स्तर पर ऊर्जा कीमतों में उछाल के चलते यह अब तक का सबसे बड़ा और लगातार तीसरा मासिक बढ़ोतरी है। 19 किलोग्राम वाला वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडर आमतौर पर होटलों और रेस्टोरेंट्स में इस्तेमाल होता है।
इससे पहले 1 अप्रैल को 195.50 रुपये प्रति सिलेंडर और 1 मार्च को 114.5 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी हुई थी। इन तीनों बढ़ोतरी के बाद कुल मिलाकर कमर्शियल एलपीजी की कीमतों में 1303 रुपये का इजाफा हुआ है। हालांकि घरेलू रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 7 मार्च को 14.2 किलोग्राम वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की बढ़ोतरी की गई थी। दिल्ली में घरेलू एलपीजी सिलेंडर 913 रुपये का है। सरकारी तेल कंपनियां—इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन (IOC), भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम—हर महीने की पहली तारीख को अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क और विनिमय दरों के आधार पर एटीएफ और एलपीजी कीमतों की समीक्षा करती हैं। पश्चिम एशिया में युद्ध के कारण ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला में बाधाओं के चलते वैश्विक तेल कीमतों में लगभग 50 प्रतिशत तक उछाल आया है।
‘आप’ नेताओं ने भारतीय जनता पार्टी को घेरते हुए कहा कि केंद्र सरकार को चुनावों के समय ही आम लोगों की परेशानियों की चिंता होती है और बाद में उन्हें उनके हाल पर छोड़ दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ईरान युद्ध को तीन महीने हो चुके हैं, लेकिन सरकार ने आम लोगों को राहत देने के लिए कोई ठोस योजना नहीं बनाई, बल्कि सिलेंडर की कीमतों में भारी वृद्धि कर लोगों पर अतिरिक्त बोझ डाल दिया है।
इस विरोध प्रदर्शन में मनप्रीत बंटी, काका माछीवाड़ा, विपुल सेठी, राकेश कुमार, राज कुमार अग्रवाल (जीएसटी सदस्य), रविंदर पाल सिंह पाली, देविंदर वर्मा, अजिंदर पाल कौर सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।









