आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति को शासन ने दिए 8.99 करोंड रुपए
आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति को शासन ने दिए 8.99 करोंड रुपए
आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति को शासन ने दिए 8.99 करोंड रुपए
ब्यूरो रिपोर्ट जी पी गुप्ता
वाराणसी शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में प्रवेश सुचारू रूप से होने की उम्मीद है। शासन ने स्कूलों को कई साल से लंबित शुल्क प्रतिपूर्ति देने का फैसला किया है ।बनारस के स्कूलों के लिए शासन की तरफ से भेजें गये विभाग को कुल 8.99 करोंड.दे दिए गए हैं।
बताते चले शुल्क निपटारे के लिए अभी करीब लगभग₹46 करोंड और चाहिए ।आरटीई में अलाभीत व दुर्बल आय समूह के बच्चों का प्रवेश लेने में निजी स्कूलों द्वारा आनाकानी की शिकायतें लगातार आ रही थी ।निजी स्कूलों के संगठनों ने कई बार इस बारे में विरोध प्रदर्शन भी किया था। जिससे शिक्षा विभाग के अधिकारियों की काफी किरकिरी हुई थी। और शासन तक गुहार लगाई गई थी। उन लोगों का कहना है कि वर्ष 2019-20 से स्कूलों को क्षतिपूर्ति अभी तक नहीं मिली है ।और जो भी कुछ स्कूलों को धनराशि मिली वह ऊट के मुँह में जीरा साबित हुई।
अब तो नीजि स्कूल प्रबंधकों ने आरटीई के अंतर्गत प्रवेश लेने का बहिष्कार करने का भी ऐलान गर्मजोशी से किया है।
वाराणसी के बीएसए डॉ अरविंद कुमार पाठक ने बताया कि पहले चरण में स्कूलों की शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए शासन से ₹8.99 करोड आ चुके है । जिसमें 1204 स्कूलो को धनराशि प्रतिपूर्ति दी जाएगी।









