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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए वचनबद्ध

चंडीगढ़, 24 अप्रैल

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों अनुसार पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए पंजाब पुलिस ने वीरवार को राज्य के सभी 28 पुलिस जिलों में स्पा सेंटरों, बारों, सैलून, सट्टा प्वाइंटों और सरायों सहित अन्य संवेदनशील स्थानों पर घेराबंदी और तलाशी ऑपरेशन (कासो) चलाया। यह ऑपरेशन डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव के निर्देश पर चलाया गया।

इस तलाशी अभियान को अंजाम देने के लिए 2500 से अधिक पुलिसकर्मियों ने राज्य भर में दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक जांच की। इस कार्रवाई को सफल बनाने के लिए सभी सीपी/एसएसपी को अधिकतम पुलिस बल तैनात करने के लिए कहा गया था।

अतिरिक्त डायरैक्टर जनरल ऑफ पुलिस (एडीजीपी) मानवाधिकार एवं कानून व्यवस्था नरेश अरोड़ा ने कहा कि इस बात को ध्यान में रखते हुए कि ऐसी संवेदनशील जगहें गैर-कानूनी गतिविधियों को अंजाम देने के लिए इस्तेमाल की जा सकती हैं, पंजाब पुलिस ने पूरे प्रदेश में यह ऑपरेशन चलाया है। उन्होंने कहा, ‘हमने सभी पुलिस कर्मचारियों को इस कार्रवाई के दौरान हर व्यक्ति के साथ दोस्ताना और विनम्रता से पेश आने के सख्त निर्देश दिए थे।’

उन्होंने कहा कि पुलिस टीमों ने राज्य में 87 स्पा सेंटरों, 24 बारों, 666 सैलूनों, 25 सट्टा प्वाइंटों और 111 सरायों पर तलाशी ली।

इसके अलावा, पुलिस टीमों ने नशों के खिलाफ अपनी मुहिम ‘युद्ध नशों विरूद्ध’ जारी रखते हुए वीरवार को 448 जगहों पर छापेमारी की है, जिससे प्रदेश भर में 89 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया और 71 एफआईआर दर्ज की गईं। इस प्रकार, 55 दिनों के भीतर गिरफ्तार किए गए कुल नशा तस्करों की संख्या 7295 हो गई है।

एडीजीपी ने कहा कि छापेमारियों के नतीजे के तौर पर गिरफ्तार किए गए नशा तस्करों के कब्जे से 2.8 किलो हीरोइन, 3.5 किलो अफीम और 1.08 लाख रुपये की ड्रग मनी बरामद की गई है।

उन्होंने बताया कि 77 गज़टिड अधिकारियों की निगरानी में 1500 से अधिक पुलिस कर्मचारियों वाली 200 से अधिक पुलिस टीमों ने राज्य भर में छापेमारी की और दिनभर चले इस ऑपरेशन के दौरान 498 संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई।

उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस ने व्यापक रणनीति तैयार की है और ऐसे ऑपरेशन राज्य में नशों के पूर्ण खात्मे तक जारी रहेंगे।

एडीजीपी ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा राज्य में नशों के खात्मे के लिए तीन-आयामी रणनीति – इन्फोर्समेंट, डी-अडिक्शन और प्रिवेंशन (ईडीपी) – लागू की गई है, जिसके तहत पंजाब पुलिस ने ‘नशा मुक्ति’ के हिस्से के रूप में पांच व्यक्तियों को नशा मुक्ति और पुनर्वास के इलाज के लिए राज़ी किया है।
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