अंतिम विदाई पर छलकी आंखें…, पहलगाम के मृतकों का राजकीय सम्मान से अंतिम संस्कार

जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में जान गंवाने वाले मृतकों की गुरुवार को राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। हमले में मारे गए गुजरात के पिता-पुत्र की अर्थियां एक साथ उठीं, तो पूरे शहर की आंखें नम हो गईं। गुजरात के भावनगर में मृतक पिता यतीशभाई सुधीरभाई परमार और बेटे स्मित यतीशभाई परमार का अंतिम संस्कार किया गया। सूरत में मृतक शैलेशभाई कलथिया को बेटे ने मुखाग्नि दी। वहीं पुणे में एक बेटी ने अपने पिता को मुखाग्नि दी। पुणे में मृतक संतोष जगदाले को बेटी असावरी ने अंतिम विदाई दी। इनके अलावा, बंगलुरु के मंजूनाथ और भारत भूषण, पुणे के कौस्तुभ गणबोटे, ओडिशा के प्रशांत सतपथी और आंध्र प्रदेश के मधुसूदन राव की अंतिम यात्रा में भारी भीड़ जुटी। वहीं, जयपुर में सीए नीरज उधवानी के पार्थिव शव के पास पत्नी आयुषी रोती रहीं। रायपुर में बेटे शौर्य ने मृतक पिता दिनेश मिरानिया के अंतिम संस्कार की रस्में निभाई। इंदौर के सुशील नथानियल को ईसाई रीति-रिवाज से अंतिम विदाई दी गई। बिहार के आईबी ऑफिसर मनीष रंजन का बंगाल के झालदा में अंतिम संस्कार हुआ।
अब मैं किसके लिए जिंदा रहूं…

दो दिन तक पहने रखी पति की शर्ट
कानपुर। पहलगाम आतंकी हमले में मारे गए कानपुर के शुभम द्विवेदी का राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। चाचा नरेंद्र ने मुखाग्नि दी। पिता बगल में खड़े होकर रोते रहे। गुरुवार सुबह 11 बजे जब घर से ड्योढ़ी घाट के लिए शव यात्रा निकली, तो पत्नी ऐशन्या चीख पड़ीं। पत्नी ने दो दिन से अपने पति की शर्ट पहन रखी थी, जब शव यात्रा उठी तो उन्होंने वह शर्ट उतारी, उसे सीने से लगाया, फिर फूट-फूटकर रोने लगीं। यह देखकर वहां मौजूद लोगों की आंखें भर आईं। वह कहती रही, मुझे गोली क्यों नहीं मारी। अब मैं किसके लिए जिंदा रहूं। पहलगाम आतंकी हमले में पहली गोली कानपुर के शुभम द्विवेदी को मारी गई थी। शुभम की 68 दिन पहले शादी हुई थी। पत्नी की आंखों के सामने उनका सिंदूर उजड़ गया। हत्या के 48 घंटे बाद कानपुर में शुभम का अंतिम संस्कार किया गया। सुबह जब पार्थिव शरीर घर लाया गया, तो बगल में शुभम की तस्वीर रखी गई। इस दौरान ऐशन्या पति की फोटो को एकटक देखती रहीं। वह बार-बार तस्वीर पर हाथ फेरती रहीं।
सीएम योगी की दोटूक, पहलगाम हमला आतंकवाद के ताबूत में आखिरी कील होगा
सीएम योगी अदित्यनाथ ने शुभम द्विवेदी को श्रद्धांजलि दी और घरवालों से बातचीत कर उन्हें ढांढस बंधाया। इस दौरान शुभम की पत्नी ने मुख्यमंत्री से कहा कि आतंकियों ने मेरे सामने ही मेरे पति को गोली मारी। योगी जी, हमें कड़ा बदला चाहिए। आप इसका बदला लो। यह कहते हुए वह रोने लगीं। सीएम योगी ने कहा कि यह पहलगाम हमला आतंकवाद के ताबूत पर आखिरी कील होगा। आतंकवादियों और उनके आकाओं को उसकी सजा जरूर मिलेगी। जो लोग साजिश में शामिल हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाएगा। अब इस घटना के जो परिणाम आएंगे, वो देश देखेगा।
संतोष जगदाले की बेटी ने खून से सने कपड़े पहनकर दिया पिता की अर्थी को कंधा
पुणे। पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले ने पूरे देश को झकझोर दिया है। इस हमले में अपनी जान गवाने वाले लोगों में शामिल पुणे निवासी संतोष जगदाले की बेटी ने खून से सने वही कपड़े पहनकर गुरुवार को अपने पिता की अर्थी को कंधा दिया, जो उन्होंने हमले के समय पहन रखे थे। यह देख वहां मौजूद लोगों की आंखें नम हो गई। संतोष की अंतिम यात्रा में हजारों लोग शामिल हुए और उन्होंने पाकिस्तान विरोधी नारे लगाए। जगदाले और उनके बचपन के दोस्त कौस्तुभ गणबोटे के पार्थिव शरीर गुरुवार सुबह पुणे लाए गए। पुणे के इन दो लोगों का अंतिम संस्कार नवी पेठ क्षेत्र के वैकुंठ में विद्युत शवदाह गृह में किया गया।
जयपुर के नीरज की चिता के पास बिलखती रही पत्नी
मुझे अकेला क्यों छोड़ गए…

जयपुर। पहलगाम में हुए आतंकी हमले में शिकार हुए जयपुर निवासी नीरज उधवानी (33) को गुरुवार को जयपुर के झालाना स्थित मोक्षधाम में अंतिम विदाई दी गई। जैसे ही चिता को अग्नि दी गई, वहां खड़े सभी लोगों में आक्रोश और दर्द की चुप्पी छा गई। नीरज को बड़े भाई किशोर उधवानी ने मुखाग्नि दी। झालाना स्थित मोक्षधाम में पत्नी आयुषी, मां ज्योति और परिजन रोते-बिलखते चिता के पास खड़े रहे। पत्नी आयुषी नीरज की पार्थिव देह के पास हाथ जोडक़र बिलखती रही। परिवार वालों के बार-बार संभालने के बावजूद उसकी आंखों के आंसू रुकने का नाम नहीं ले रहे थे। आयुषी बार-बार पति की ओर देखती रही और कहती रही कि नीरज… मुझे अकेला क्यों छोड़ गए? इससे पहलेसीएम भजनलाल शर्मा गुरुवार सुबह मॉडल टाउन (मालवीय नगर) स्थित फॉरेस्ट व्यू अपार्टमेंट पहुंचे और नीरज को श्रद्धांजलि दी। सीएम नीरज की मां ज्योति से भी मिले। सीएम को देखते ही ज्योति फूट-फूटकर रोने लगी। सीएम ने उनके आंसू पोंछे और सांत्वना दी।
छत्तीसगढ़ के कारोबारी दिनेश को बेटे ने दी मुखाग्नि
रायपुर। पहलगाम में मारे गए छत्तीसगढ़ के कारोबारी दिनेश मिरानिया का रायपुर में अंतिम संस्कार किया गया। कारोबारी के बेटे शौर्य ने मुखाग्नि दी। सीएम साय, डिप्टी सीएम विजय शर्मा ने शव को कंधा दिया। आतंकी हमले को लेकर शहर में आक्रोश है। सडक़ों पर पाकिस्तान के झंडे चिपका दिए हैं, आतंकियों की तस्वीरें लगा दी हैं, उसके ऊपर से लोग गुजर रहे हैं, थूक रहे हैं, गाली दे रहे हैं। वहीं अंतिम विदाई से पहले कारोबारी की पत्नी नेहा घर पर बेहोश हो गर्ईं थी, फिलहाल उनकी हालत ठीक है। अंतिम यात्रा में राज्यपाल रामेन डेका, रमन सिंह भी मौजूद रहे।
ताबूत से लिपटकर रोई पत्नी
इंदौर। पहलगाम आतंकी हमले में जान गंवाने वाले इंदौर के सुशील नथानियल का अंतिम संस्कार जूनी इंदौर कब्रिस्तान में ईसाई रीति रिवाज से किया गया। यहां परिजन, रिश्तेदार और दोस्तों के अलावा मंत्री तुलसी सिलावट, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी, जिला अध्यक्ष सदाशिव यादव समेत कई लोग मौजूद रहे। पार्थिव शरीर विशेष वाहन में नंदा नगर चर्च पहुंचाया गया। यहां प्रार्थना के बाद कब्रिस्तान के लिए रवाना हुआ। अंतिम यात्रा से पहले सुशील के घर पर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। पत्नी जेनिफर उनके ताबूत से लिपटकर रोईं। पिता बदहवास नजर आए। सुशील की छोटी बुआ इंदु डावर की आंखों से आंसू रुक नहीं रहे थे। कांपती आवाज में बस एक ही सवाल बार-बार पूछ रही थीं, अब किसका
इंतजार करूंगी मैं, बता मुझे। ये दृश्य देखकर मौके पर मौजूद हर किसी की आंखें नम हो गईं।








