ट्रेन का डिब्बा बन गया आरक्षण, सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट की रिजर्वेशन पर तीखी टिप्पणी

नई दिल्ली
सुप्रीम कोर्ट ने महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव से जुड़ी याचिका पर सुनवाई के दौरान आरक्षण को लेकर अहम टिप्पणी की है। कोर्ट ने देश में आरक्षण प्रणाली की तुलना रेलवे से की, जहां पहले से सीट सुरक्षित कर चुके लोग नहीं चाहते कि अन्य लोग उसी डिब्बे में प्रवेश करें। सुनवाई जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एनके सिंह की पीठ ने की। मामले में कोर्ट ने महाराष्ट्र राज्य निर्वाचन आयोग को राज्य में स्थानीय निकाय चुनाव की अधिसूचना चार सप्ताह के भीतर जारी करने का भी निर्देश दिया है।
याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता गोपाल शंकरनारायणन ने दलील दी कि राज्य के बंठिया आयोग ने स्थानीय निकाय चुनावों में ओबीसी को यह पता लगाए बिना आरक्षण दे दिया कि वे राजनीतिक रूप से पिछड़े हैं या नहीं। इस पर जस्टिस सूर्यकांत ने टिप्पणी की कि बात यह है कि इस देश में आरक्षण का कारोबार रेलवे की तरह हो गया है। जो लोग बोगी में चढ़े हैं, वे नहीं चाहते कि कोई और घुसे। यही पूरा खेल है।








