
चंडीगढ़/देहरादून, 26 दिसंबर:
उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह ने आज छोटे साहिबजादे बाबा ज़ोरावर सिंह जी और बाबा फतह सिंह जी तथा गुरु गोबिंद सिंह जी की आदरणीय माता माता गुजरी जी की महान शहादत की पवित्र स्मृति में लोक भवन, देहरादून में आयोजित वीर बाल दिवस समारोह के दौरान वीर बाल दिवस को समर्पित साहित्यिक-चित्रकारी ब्रोशर का लोकार्पण किया।
यह ब्रोशर राज्य सूचना आयुक्त, पंजाब हरप्रीत संधू द्वारा तैयार किया गया है, जिसमें तीन गुरधामों की पवित्रता और ऐतिहासिक महत्व को दर्शाया गया है। इस ब्रोशर में तीन प्रमुख गुरधामों को प्रस्तुत किया गया है:
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गुरुद्वारा ठंडा बुर्ज: जहाँ माता गुजरी जी और साहिबजादों को उनकी शहादत से पहले 1705 में कठोर शीत में रखा गया था।
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गुरुद्वारा फतहगढ़ साहिब: जहाँ छोटे साहिबजादे बाबा ज़ोरावर सिंह जी और बाबा फतह सिंह जी को जिंदा दीवार में चढ़ा कर शहीद कर दिया गया था।
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गुरुद्वारा ज्योति स्वरूप: जहाँ छोटे साहिबजादे और माता गुजरी जी का उनके शहादत के बाद संस्कार किया गया।
यह तीनों गुरधाम फतहगढ़ साहिब, पंजाब में सुसज्जित और पवित्र रूप से संरक्षित हैं।
समारोह के दौरान उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह को राज्य सूचना आयुक्त पंजाब हरप्रीत संधू द्वारा “गुरु तेग़ बहादुर साहिब की आध्यात्मिक यात्रा” शीर्षक वाली धार्मिक विरासत पुस्तक भेंट की गई। इसके साथ ही गुरु तेग़ बहादुर साहिब के 350वें शहादती वर्ष को समर्पित एक डॉक्यूमेंट्री फिल्म दिखाई गई, जिसमें नवें सिख गुरु साहिब के जन्म से लेकर शहादत तक की यात्रा को दर्शाया गया।
उत्तराखंड के राज्यपाल ने पंजाब राज्य सूचना आयुक्त हरप्रीत संधू की इस नेक और दूरदर्शी पहल की प्रशंसा की, जिसने विभिन्न समुदायों को छोटे साहिबजादों और गुरु तेग़ बहादुर साहिब की शहादत से जुड़ी ऐतिहासिक और धार्मिक विरासत से रूबरू कराया।









