
चंडीगढ़, 4 जनवरी:
पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए लगातार दृढ़ संकल्प के साथ काम कर रही है। उन्होंने कहा कि इस दिशा में सरकार द्वारा महत्वपूर्ण और ठोस कदम उठाए गए हैं, जिनके परिणाम जमीनी स्तर पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। नशा मुक्ति अभियान को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने के लिए सरकार द्वारा कुल 467.49 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य में नशे के खिलाफ जागरूकता फैलाने, लोगों को संवेदनशील बनाने और सामाजिक भागीदारी को मजबूत करने के लिए पंजाब सरकार के विभिन्न विभागों द्वारा आपसी तालमेल से विस्तृत योजना के तहत कई कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। उन्होंने कहा कि विशेष रूप से बच्चों और शिक्षकों को नशा मुक्ति अभियान के प्रति जागरूक करने के लिए स्कूलों और शैक्षणिक संस्थानों में विभिन्न जागरूकता कार्यक्रम तैयार कर लागू किए गए हैं, जिनके लिए वित्तीय संसाधन भी उपलब्ध कराए गए हैं।
उन्होंने जानकारी देते हुए बताया कि स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग द्वारा नशा मुक्ति अभियान के तहत 107.22 लाख रुपये, सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा व्यापक जन-जागरूकता गतिविधियों के लिए 202.99 लाख रुपये, जबकि सामाजिक सुरक्षा विभाग द्वारा राज्य के सभी जिलों में जागरूकता शिविर लगाने के लिए 109.12 लाख रुपये खर्च किए गए हैं।
डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि नशे की सबसे बड़ी मार राज्य के युवाओं और उनके परिवारों पर पड़ती है। कई माताएं अपने बेटों के भविष्य के लिए रोज़ दुआएं करती हैं, कई बच्चे अपने पिता की आंखों में उम्मीद को खत्म होते देखते हैं और कई घरों की खुशियां नशे की भेंट चढ़ चुकी हैं। उन्होंने कहा कि मान सरकार इस दर्द को गहराई से समझती है और नशा मुक्त पंजाब की लड़ाई को केवल प्रशासनिक ही नहीं, बल्कि मानवीय और संवेदनशील दृष्टिकोण से आगे बढ़ा रही है।
कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल नशे को जड़ से खत्म करना ही नहीं है, बल्कि हर युवा को फिर से सपने देखने का हौसला देना, हर मां के आंसू पोंछना और हर परिवार में खुशहाली वापस लाना है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान का दृढ़ संकल्प है कि पंजाब का हर युवा नशे से दूर रहकर तरक्की और सम्मानपूर्ण जीवन जीते हुए आगे बढ़े।
इस अवसर पर हुई बैठक में सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव श्री विकास प्रताप, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण विभाग के प्रमुख सचिव श्री कुमार राहुल, सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के विशेष सचिव श्री केशव हिंगोनियां, निदेशक डॉ. शैना अग्रवाल, संयुक्त सचिव श्री आनंद सागर शर्मा तथा विभाग के अन्य वरिष्ठ अधिकारी विशेष रूप से उपस्थित थे।






