अंतर्राष्ट्रीय

पंजाब के सभी नागरिकों को हर साल 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा मिलेगा – विधायक शैरी कलसी

बटाला, 5 जनवरी:
पंजाब के कार्यकारी अध्यक्ष एवं विधायक शैरी कलसी ने कहा कि पंजाब सरकार ने जनहित में एक बड़ा फैसला लिया है, जिसके तहत पंजाब के सभी नागरिकों को हर साल 10 लाख रुपये का स्वास्थ्य बीमा प्रदान किया जाएगा। इस योजना की शुरुआत 15 जनवरी को आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा की जाएगी।
विधायक शैरी कलसी ने बताया कि इस संबंध में यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी के साथ समझौता किया गया है, जिसके तहत पंजाब के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये का कैशलेस स्वास्थ्य बीमा उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत पहले दी जा रही 5 लाख रुपये की स्वास्थ्य कवरेज, जो कुछ विशेष श्रेणियों तक सीमित थी, को अब दोगुना कर दिया गया है। नई योजना का उद्देश्य सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों सहित पंजाब के सभी निवासियों को प्रति परिवार प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज प्रदान करना है।
विधायक शैरी कलसी ने कहा कि यह योजना पूर्ण समानता के सिद्धांत पर आधारित है, जिसमें कोई आय सीमा नहीं है और न ही किसी को योजना के दायरे से बाहर रखने का कोई मानदंड है। केवल आधार कार्ड और वोटर आईडी के माध्यम से कॉमन सर्विस सेंटरों (CSC) पर पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और सुलभ बनाया गया है। इसके बाद लाभार्थियों को समर्पित एम.एम.एस.वाई. हेल्थ कार्ड प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि प्रक्रिया को और सुचारू बनाने के लिए जल्द ही एक हेल्पलाइन भी शुरू की जाएगी।
योजना के कार्यान्वयन ढांचे के बारे में बताते हुए उन्होंने कहा कि यूनाइटेड इंडिया इंश्योरेंस कंपनी—जिसे तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों में सफल स्वास्थ्य बीमा योजनाएं लागू करने के बेहतरीन ट्रैक रिकॉर्ड के आधार पर चुना गया है—राज्य के सभी 65 लाख परिवारों को प्रति परिवार 1 लाख रुपये का स्वास्थ्य कवर प्रदान करेगी। उन्होंने बताया कि 1 लाख से 10 लाख रुपये तक के इलाज की जरूरतों के लिए स्टेट हेल्थ एजेंसी (SHA), पंजाब द्वारा ट्रस्ट मॉडल के तहत बीमा कवर उपलब्ध कराया जाएगा।
उन्होंने आगे बताया कि यह योजना नवीन स्वास्थ्य लाभ पैकेज (HBP 2.2) को अपनाती है, जिसके तहत 2000 से अधिक चयनित उपचार पैकेजों के माध्यम से व्यापक कवरेज सुनिश्चित की गई है।
इस योजना के अंतर्गत लाभार्थी 824 सूचीबद्ध अस्पतालों के मजबूत नेटवर्क के माध्यम से द्वितीयक और तृतीयक स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त कर सकेंगे। इनमें वर्तमान में 212 सरकारी अस्पताल, भारत सरकार के अधीन 8 अस्पताल और 600 से अधिक निजी अस्पताल शामिल हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध अस्पतालों की संख्या में और वृद्धि होने की संभावना है।

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