
चंडीगढ़, 5 जनवरी:
पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने आज राज्य सरकार की कर्मचारियों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार कर्मचारियों के मुद्दों को हल करने के लिए पूरी तरह गंभीर है। उन्होंने बताया कि कच्चे कर्मचारियों सहित कर्मचारियों से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दे पहले ही हल किए जा चुके हैं और शेष जायज़ मांगों पर भी सरकार सक्रियता से विचार कर रही है।
पंजाब सिविल सचिवालय में अपने कार्यालय में उच्च स्तरीय बैठकों की अध्यक्षता करते हुए वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने शिक्षा विभाग तथा गुरु अंगद देव वेटरनरी एंड एनिमल साइंसेज यूनिवर्सिटी से संबंधित मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की। इस अवसर पर सचिव व्यय डॉ. वी.एन. जादे, सचिव शिक्षा अनिंदिता मित्रा, विशेष सचिव पर्सोनल उपकार सिंह, विशेष सचिव वित्त अजय अरोड़ा तथा गुरु अंगद देव वेटरनरी यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. जतिंदर पाल सिंह गिल सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।
बैठक के दौरान वित्त मंत्री चीमा ने एक्स-इम्प्लॉइज विंग आम आदमी पार्टी, पंजाब तथा ई.टी.टी. टेट पास अध्यापक यूनियन (जय सिंह वाला) के प्रतिनिधियों से बातचीत की। अध्यापक संगठन के प्रतिनिधियों से संवाद करते हुए वित्त मंत्री ने आश्वासन दिया कि उनकी जायज़ मांगें प्रक्रिया के अधीन हैं। उन्होंने संगठन को सलाह दी कि भविष्य में किसी एकल प्रतिनिधि के स्थान पर उच्च स्तरीय विचार-विमर्श के लिए चार–पांच नेताओं का प्रतिनिधिमंडल बैठक में शामिल हो, ताकि किसी भी मुद्दे पर अधिक सार्थक चर्चा हो सके और सहमति बन सके।
इसके अलावा, पूर्व कर्मचारियों के विंग के नेताओं के साथ बैठक करते हुए वित्त मंत्री ने वित्त विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों को जायज़ मांगों पर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने दोहराया कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार कर्मचारी-पक्षीय सरकार है और सभी सार्वजनिक सेवकों के लिए सहायक वातावरण तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।
इन बैठकों में एक्स-इम्प्लॉइज विंग आम आदमी पार्टी, पंजाब के अध्यक्ष गुरमेल सिंह सिद्धू, जिला सचिव खुशविंदर कपिला, सलाहकार दर्शन सिंह, मखन सिंह, गुरदेव सिंह पटियाला तथा ई.टी.टी. टेट पास अध्यापक यूनियन (जय सिंह वाला) के अध्यक्ष कमल ठाकुर ने अपनी मांगें और मुद्दे साझा किए।






