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बाल श्रम को रोकने के लिए जिला बाल संरक्षण इकाई द्वारा की गई जांच

 

 

तपा, 12 फरवरी:

 

जिला बाल संरक्षण इकाई बरनाला द्वारा बाल श्रम को रोकने के लिए विशेष जांच अभियान चलाकर बच्चों के अधिकारों के प्रति जागरूक किया गया।

 

डिप्टी कमिश्नर बरनाला श्री हरप्रीत सिंह के निर्देशों पर पैन इंडिया रेस्क्यू एवं रिहैबिलिटेशन प्रोग्राम के तहत जिला कार्यक्रम अधिकारी रतिंदर पाल कौर धारीवाल और जिला बाल संरक्षण अधिकारी गुरजीत कौर के नेतृत्व में जिला बाल संरक्षण इकाई बरनाला द्वारा तपा में श्रम विभाग और पुलिस प्रशासन के सहयोग से बाल श्रम रोकने के लिए एक विशेष रेस्क्यू अभियान चलाया गया।

 

इस संबंध में जिला कार्यक्रम अधिकारी ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बच्चों को बाल श्रम और हर प्रकार के शोषण से बचाना है। अभियान के दौरान टीम द्वारा दुकानों, होटलों और रेहड़ियों पर विशेष रूप से जांच की गई तथा बाल श्रम में लगे बच्चों की तलाश की गई। इस जांच अभियान के दौरान दो नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू किया गया।

 

उन्होंने बताया कि रेस्क्यू के बाद बच्चों की सुरक्षा और भलाई को ध्यान में रखते हुए उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई और पुनर्वास के लिए चाइल्ड वेलफेयर कमेटी के समक्ष पेश किया गया। इस कार्रवाई का उद्देश्य बच्चों को श्रम जैसी अवैध और अनैतिक प्रथाओं से बचाना है।

 

उन्होंने आम जनता से अपील की कि बच्चों से बाल श्रम न करवाया जाए। यदि कोई ऐसा करता पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। साथ ही यदि कहीं भी कोई बच्चा बाल श्रम करता दिखाई दे तो तुरंत चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 या संबंधित विभाग को सूचित किया जाए, ताकि बच्चों को सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य प्रदान किया जा सके।

 

इस अवसर पर जिला बाल संरक्षण कार्यालय से हरपाल सिंह (डीईओ), इंदरप्रीत कौर (लेबर इंस्पेक्टर), बूटा सिंह (शिक्षा विभाग), गगनदीप सिंह और मंगत सिंह (स्वास्थ्य विभाग), पुलिस अधिकारी गुरजीत सिंह (कांस्टेबल) तथा परमजीत सिंह (जिला कानूनी प्राधिकरण) उपस्थित थे।

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