
जालंधर, 12 फरवरी
आम लोगों से सीधे संपर्क बनाए रखने से जुड़ी अपनी गतिविधियों को जारी रखते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जालंधर में अपने निवास स्थान पर लोक मिलनी कार्यक्रम आयोजित कर शहर के नागरिकों से मुलाकात की और उनकी शिकायतों का मौके पर ही निपटारा किया। इस पहल को एक ही मंच पर लोगों की शिकायतें हल करने का सबसे प्रभावी माध्यम बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब देश का एकमात्र राज्य है, जहां राज्य का मुखिया स्वयं लोगों से व्यक्तिगत रूप से मिलकर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान सुनिश्चित करता है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार पूरी ईमानदारी और जवाबदेही के साथ जनता की हर समस्या के समाधान के लिए प्रतिबद्ध है। लोक मिलनी कार्यक्रम सरकार और जनता के बीच एक सशक्त सेतु के रूप में काम करता है, जो जवाबदेह और पारदर्शी शासन को सुनिश्चित करता है, और इसे आगे भी इसी तरह जारी रखा जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक मिलनी एक ही मंच पर शिकायतों के समाधान और सुशासन पर जनता से फीडबैक लेने का सबसे बेहतर तरीका है। उन्होंने कहा कि देश में शायद ही कहीं ऐसी नागरिक-केंद्रित पहल देखने को मिलती हो। यह रिकॉर्ड पर है कि लोक मिलनी कार्यक्रम समाज के हर वर्ग की शिकायतों के समाधान में बेहद लाभकारी सिद्ध हो रहा है। यह वास्तव में एक अनूठी पहल है, जिसमें सरकार योजनाबद्ध तरीके से लोगों से व्यक्तिगत संपर्क कर उनकी समस्याओं का समाधान करती है।
इस पहल को पंजाब के लिए गर्व की बात बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत संतोषजनक है कि पंजाब देश का एकमात्र राज्य है, जहां राज्य का मुखिया जनता की भलाई सुनिश्चित करने के लिए स्वयं इस तरह के अभियानों में भाग लेता है। लोक मिलनी जहां एक ओर राज्य के सर्वांगीण विकास और जनकल्याण को सुनिश्चित करती है, वहीं दूसरी ओर सरकार को अपने अधिकारियों की कार्यप्रणाली समझने का अवसर भी देती है। उन्होंने कहा कि यह पूरे देश में अपनी तरह का पहला कार्यक्रम है।
मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह पहल राजनीति से परे है और लोक मिलनी का किसी भी तरह से राजनीतिक उद्देश्य नहीं है। राज्य सरकार का एकमात्र लक्ष्य राज्य और उसके लोगों का विकास और खुशहाली सुनिश्चित करना है। लोक मिलनी सरकार और जनता के बीच संचार की खाई को पाटकर लोकतांत्रिक ढांचे के सुदृढ़ीकरण का प्रभावी माध्यम है।
युवाओं के सशक्तिकरण पर सरकार के फोकस को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार का दायित्व युवाओं के सपनों को पंख देना होता है। उन्होंने बताया कि बिना भ्रष्टाचार और सिफारिश के 63,000 से अधिक नौकरियां प्रदान की गई हैं और सरकार का हर निर्णय राज्य की प्रगति और जनता की खुशहाली की दिशा में होता है।
शिक्षा सुधारों पर बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए राज्यभर में स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए गए हैं, जहां स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक प्रयोगशालाएं और खेल मैदान उपलब्ध हैं। शिक्षकों और प्राचार्यों को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों से परिचित कराने के लिए विदेश प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया गया है। उन्होंने गर्व के साथ बताया कि राष्ट्रीय उपलब्धि सर्वेक्षण में पंजाब ने केरल को भी पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया है।
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि छात्रों को सशस्त्र बलों की परीक्षाओं के साथ-साथ नीट, जेईई, क्लैट और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग दी जा रही है। सरकारी स्कूलों और स्कूल ऑफ एमिनेंस के छात्रों ने जेईई मेन्स, जेईई एडवांस्ड और नीट में सफलता प्राप्त की है। इसके अलावा राज्य के सभी 65 लाख परिवारों के लिए 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की सुविधा के साथ मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना शुरू की गई है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में आय की कोई शर्त नहीं है और सरकारी कर्मचारियों व पेंशनभोगियों को भी इसमें शामिल किया गया है, जिससे पंजाब मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने वाला पहला राज्य बन गया है। 881 आम आदमी क्लीनिकों में रोजाना मुफ्त इलाज उपलब्ध है और 2022 से अब तक लगभग 90 प्रतिशत परिवारों को मुफ्त बिजली दी जा रही है।
किसानों के लिए सुविधाओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि पहली बार धान के सीजन में ट्यूबवेलों को दिन में भी आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई। 6,900 किलोमीटर लंबाई की 18,349 जलधाराओं के पुनर्जीवन से नहरों के अंतिम छोर तक पानी पहुंचाया गया है। छात्रों के लिए सरकारी पुस्तकालय भी खोले गए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब आज हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और अन्य क्षेत्रों में ऐतिहासिक पहलें की गई हैं। 49,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है।
जनता को राहत देते हुए उन्होंने बताया कि राज्य में 19 टोल प्लाजा बंद किए गए हैं, जिससे रोजाना 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। 881 आम आदमी क्लीनिक मुफ्त इलाज और दवाइयां प्रदान कर रहे हैं। सरकार ने जनता से किया हर वादा पूरा किया है।
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य की हर महिला को 1,000 रुपये देने की योजना जल्द लागू की जाएगी, जिसके लिए आगामी बजट में प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र एजेंडा राज्य की प्रगति और जनता की खुशहाली सुनिश्चित करना है।









