
चंडीगढ़, 7 जनवरी:
पंजाब के कंडी क्षेत्र में पिछले चार दशकों से चले आ रहे सूखे को समाप्त करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने टेलों (आखिरी छोर) तक स्थित खेतों तक नहरी पानी की आपूर्ति सफलतापूर्वक बहाल कर दी है। इससे अर्ध-पहाड़ी और सूखा प्रभावित क्षेत्रों के किसानों को लंबे समय से प्रतीक्षित बड़ी राहत मिली है। 238.90 करोड़ रुपये की लागत से कंडी नहर नेटवर्क के नवीनीकरण के पूरा होने के साथ अब इस क्षेत्र के 433 गांवों की लगभग 1.25 लाख एकड़ कृषि भूमि को सिंचाई के लिए नहरी पानी मिल रहा है। इस उपलब्धि से पंजाब की सिंचाई व्यवस्था में एक निर्णायक बदलाव आया है।
इस उपलब्धि के संबंध में जानकारी साझा करते हुए जल संसाधन तथा भूमि एवं जल संरक्षण मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि मान सरकार ने सिंचाई के लिए नहर नेटवर्क की बहाली को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है, जिसके लिए भारी धनराशि खर्च की गई है। उन्होंने बताया कि सिंचाई ढांचे के विकास पर 2022 से 2025 के दौरान 4557 करोड़ रुपये से अधिक खर्च किए गए हैं, जो कि पिछली कांग्रेस सरकार द्वारा 2019 से 2022 के बीच खर्च की गई लगभग 2046 करोड़ रुपये की राशि से करीब 2.5 गुना अधिक है।
इस परियोजना के किसानों पर पड़े प्रत्यक्ष प्रभाव के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार के ईमानदार प्रयासों के सकारात्मक परिणाम ज़मीन पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा, “कई क्षेत्रों में किसानों को लगभग 40 वर्षों के बाद नहरी पानी मिला है, जबकि पिछली सरकारों की गलत नीतियों के कारण किसानों ने इसकी उम्मीद ही छोड़ दी थी।”
उन्होंने आगे बताया कि कंडी क्षेत्र में नहरी पानी की कमी अब दूर हो गई है। मुकेरियां हाइडल चैनल से निकलने वाली 463 क्यूसेक क्षमता की कंडी नहर (तलवाड़ा से बलाचौर), जिसकी लंबाई 129.035 किलोमीटर है, की स्टेज-1 का निर्माण वर्ष 1998 में पूरा हुआ था और स्टेज-2 (होशियारपुर से बलाचौर) का निर्माण कार्य 2016 में पूरा हुआ था। लेकिन नहरों की जर्जर हालत के कारण लीकेज और सीपेज की समस्या बनी रहती थी और पानी टेलों तक नहीं पहुंच पाता था। उन्होंने विशेष रूप से बताया कि भगवंत मान सरकार ने इस लंबे समय से चली आ रही समस्या को प्राथमिकता देते हुए 238.90 करोड़ रुपये का निवेश किया और अब तलवाड़ा से बलाचौर तक नहरी पानी सुचारू रूप से पहुंच रहा है, जो लगभग 40 वर्षों बाद टेलों तक पहुंचा है।
कैबिनेट मंत्री ने बताया कि इससे होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर जिलों के कुल 433 गांवों को लाभ हुआ है। दासूया, मुकेरियां, टांडा-उड़मुड़, शाम चौरासी, होशियारपुर, चब्बेवाल, गढ़शंकर और बलाचौर क्षेत्रों की लगभग 1.25 लाख एकड़ भूमि को नहरी पानी मिल रहा है। कंडी नहर स्टेज-1 के अंतर्गत तलवाड़ा से होशियारपुर तक 120 करोड़ रुपये की लागत से कंक्रीट लाइनिंग पूरी की गई है। साथ ही, नहर की बेहतर कार्यक्षमता के लिए कच्चे खालों की बहाली और 61 किलोमीटर लंबी 11 डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों का नवीनीकरण किया गया, जिससे होशियारपुर के 203 गांवों की 28,500 एकड़ भूमि को लाभ मिला। इसके अतिरिक्त, 417.52 किलोमीटर क्षेत्र को कवर करने वाली 58.78 करोड़ रुपये की अंडरग्राउंड पाइपलाइन परियोजना इस माह पूरी होने का लक्ष्य है।
कंडी नहर स्टेज-2 के तहत होशियारपुर से बलाचौर तक लगभग 42 किलोमीटर लंबी 6 फ्लो डिस्ट्रीब्यूटरी नहरों को बहाल किया गया है, जिससे होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर के 72 गांवों की 18,800 एकड़ भूमि को सिंचाई सुविधा मिल रही है। इसके साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्रों को पानी पहुंचाने के लिए बनी 5 लिफ्ट योजनाओं को 34 करोड़ रुपये की लागत से पूरी तरह चालू किया गया, जिससे 38 गांवों की लगभग 11,576 एकड़ बरानी भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
नई पहलों के बारे में बताते हुए मंत्री ने कहा कि कंडी नहर पर 11.62 करोड़ रुपये की लागत से 5 नई लिफ्ट योजनाएं स्थापित की गई हैं, जिससे लगभग 1500 एकड़ नई भूमि को नहरी पानी मिल रहा है। इसके अलावा, भूजल स्तर बढ़ाने के लिए 5 बंद सरकारी ट्यूबवेलों पर 20 लाख रुपये की लागत से रिचार्ज संरचनाएं बनाई गई हैं तथा 5.16 करोड़ रुपये की लागत से 24 तालाबों का निर्माण किया गया है, जिन्हें समय-समय पर नहर के पानी से भरा जा रहा है।
पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम के तहत 4.18 करोड़ रुपये की लागत से 18 चोओं (बरसाती नालों) को नहर से जोड़ा गया है, जिससे भूजल स्तर में वृद्धि होगी। मंत्री ने बताया कि उद्योगों को भी नहर के माध्यम से पानी उपलब्ध कराया जा रहा है, जिससे भूमिगत जल पर निर्भरता कम हो रही है और सरकारी राजस्व में भी वृद्धि हो रही है।
उन्होंने यह भी बताया कि कंडी क्षेत्र में विभिन्न चोओं पर बने 13 लो-अर्थन डैम और उनसे जुड़े पाइपलाइन सिस्टम लंबे समय से जर्जर थे, जिन्हें 11.50 करोड़ रुपये की लागत से पुनः कार्यशील किया गया है।
भविष्य की योजनाओं के बारे में जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि काठगढ़ लिफ्ट योजना का कार्य तीन चरणों में पूरा किया जाएगा। पहला चरण अगले महीने शुरू होगा, जिससे काठगढ़, मालेवाल, बाघोवाल, पनियाली कलां, पनियाली खुर्द, सूरापुर, चहल, सुधा माजरा, कमालपुर, टंडोह, बचवान आदि गांवों की लगभग 5,000 एकड़ भूमि को पानी मिलेगा। अगले वर्ष दूसरे और तीसरे चरण के पूरा होने से कोलार, बल्लोवाल, सौंकड़ी, माजरा जट्टां, टौंसा आदि गांवों की अतिरिक्त 9,000 एकड़ भूमि को भी नहरी पानी उपलब्ध कराया जाएगा।
जल संसाधन मंत्री बरिंदर कुमार गोयल ने कहा कि चार दशकों बाद कंडी क्षेत्र की टेलों तक नहरी पानी पहुंचने से मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार ने पंजाब की सिंचाई व्यवस्था से जुड़ी एक पुरानी समस्या का स्थायी समाधान कर दिया है। इससे किसानों के कल्याण, जल सुरक्षा और टिकाऊ कृषि के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता और अधिक सुदृढ़ हुई है।






