
चंडीगढ़, 8 जनवरी :
पंजाब विजिलेंस ब्यूरो ने राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ चल रही अपनी मुहिम के तहत नगर निगम, जालंधर की जल आपूर्ति एवं सीवरेज शाखा में तैनात क्लर्क करुण धीर को 2000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इसके अलावा आरोपी के घर की तलाशी के दौरान विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने 2.72 लाख रुपये भी बरामद किए हैं।
यह जानकारी आज यहां देते हुए राज्य विजिलेंस ब्यूरो के प्रवक्ता ने बताया कि उक्त आरोपी को राम नगर, जालंधर के एक निवासी द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के आधार पर गिरफ्तार किया गया है।
प्रवक्ता ने बताया कि शिकायतकर्ता पिछले पंद्रह महीनों से जालंधर के दोआबा चौक के पास एक अहाता चला रहा है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आरोपी करुण धीर उसके अहाते पर आया था और उसने कथित तौर पर अवैध कनेक्शन इस्तेमाल करने तथा गंदा पानी सीवरेज में डालने के बहाने उसका पानी और सीवरेज कनेक्शन काटने की धमकी दी थी।
शिकायतकर्ता द्वारा यह बताने के बावजूद कि कनेक्शन लगभग 15 वर्षों से चल रहा है, आरोपी अधिकारी उसे धमकाता रहा और रिश्वत की मांग करता रहा।
प्रवक्ता ने आगे बताया कि शिकायतकर्ता ने विजिलेंस ब्यूरो से संपर्क किया और आरोप लगाया कि आरोपी करुण धीर ने पानी और सीवरेज कनेक्शन न काटने के बदले 2000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। शिकायतकर्ता ने रिश्वत मांगने से संबंधित पूरी बातचीत सबूत के तौर पर रिकॉर्ड कर ली थी।
प्रवक्ता ने आगे कहा कि शिकायत पर की गई प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि आरोपी उन लोगों से छोटी-छोटी रिश्वतें लेता था जो अपना काम करवाना चाहते थे। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने दो सरकारी गवाहों की मौजूदगी में आरोपी को शिकायतकर्ता से 2000 रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार कर लिया। इस संबंध में विजिलेंस ब्यूरो के थाना जालंधर में आरोपी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है और मामले की आगे की जांच जारी है।






