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पिडिलाइट इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड द्वारा पंजाब में 300 करोड़ रुपये की लागत से एडहेसिव और वॉटरप्रूफिंग निर्माण सुविधा की जाएगी स्थापित: संजीव अरोड़ा

चंडीगढ़, 7 जनवरी 2026:
पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन, बिजली और प्रवासी भारतीय मामलों के कैबिनेट मंत्री श्री संजीव अरोड़ा ने आज घोषणा की कि एडहेसिव और निर्माण से संबंधित रसायनों के उत्पादन में अग्रणी कंपनी पिडिलाइट इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड द्वारा 300 करोड़ रुपये के प्रस्तावित निवेश से पंजाब में एक नई निर्माण इकाई स्थापित की जाएगी।
यह प्रस्तावित परियोजना गांव माजरी फकीरां और गांव सोहणे माजरा, उप-तहसील घनौर, राजपुरा, जिला पटियाला में 31 एकड़ भूमि पर स्थापित की जाएगी।
श्री संजीव अरोड़ा ने बताया कि यह इकाई पानी-आधारित एडहेसिव पदार्थों और वॉटरप्रूफिंग उत्पादों के मिश्रण और ब्लेंडिंग पर केंद्रित होगी। इसकी कुल प्रस्तावित क्षमता सालाना 2,00,000 मीट्रिक टन होगी, जिसमें 1,40,000 मीट्रिक टन पानी-आधारित एडहेसिव और 60,000 मीट्रिक टन वॉटरप्रूफिंग उत्पाद शामिल होंगे। यह इकाई मुख्य रूप से घरेलू बाजार की जरूरतों को पूरा करेगी और भविष्य में आसपास के बाजारों में निर्यात की संभावनाएं भी बढ़ेंगी।
इस परियोजना से उत्पन्न होने वाले रोजगार के अवसरों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि इससे लगभग 300 रोजगार के अवसर सृजित होने की उम्मीद है, जिनमें कुशल, अर्ध-कुशल और पर्यवेक्षण श्रेणियों में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष नौकरियां शामिल होंगी। उन्होंने आगे कहा कि यह इकाई सर्वोत्तम औद्योगिक प्रथाओं को ध्यान में रखते हुए आधुनिक उपकरणों, उपयोगिताओं और अनुकूल वातावरण के साथ स्वास्थ्य एवं सुरक्षा (ईएचएस) प्रणालियों से सुसज्जित होगी।
उल्लेखनीय है कि पिडिलाइट इंडस्ट्रीज़ लिमिटेड की स्थापना वर्ष 1969 में हुई थी और यह भारत में उपभोक्ता तथा विशेष रसायनों के निर्माण में एक अग्रणी और बाजार नेतृत्व करने वाली कंपनी है। यह कंपनी एडहेसिव और सीलेंट, निर्माण से संबंधित रसायन, औद्योगिक रेज़िन, पिगमेंट तथा कला एवं शिल्प सामग्री के निर्माण में अग्रणी है। इसका प्रमुख ब्रांड फेविकोल देश के सबसे भरोसेमंद ब्रांडों में से एक है।
श्री संजीव अरोड़ा ने कहा कि पिडिलाइट द्वारा उत्तर भारत में अपने निर्माण आधार को मजबूत करने और बढ़ती क्षेत्रीय मांग को पूरा करने की रणनीति के तहत यह प्रस्तावित इकाई पंजाब में स्थापित की जा रही है। इस परियोजना का वित्तपोषण पूरी तरह आंतरिक संसाधनों से किया जाएगा और इसे दिसंबर 2027 तक वाणिज्यिक उत्पादन के लिए चालू करने का लक्ष्य रखा गया है।
कैबिनेट मंत्री ने आगे कहा कि यह महत्वपूर्ण निवेश एक बार फिर बड़े पैमाने पर निर्माण इकाइयों की स्थापना के लिए पसंदीदा गंतव्य के रूप में पंजाब की बढ़ती पहचान को दर्शाता है, जो मजबूत औद्योगिक बुनियादी ढांचे, उत्कृष्ट संपर्क व्यवस्था, कुशल मानव संसाधन और सरकार की प्रगतिशील, निवेशक-हितैषी नीतिगत रूपरेखा का परिणाम है।

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