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पंजाब को रक्षा निर्माण क्षेत्र के प्रमुख केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा: अमन अरोड़ा

चंडीगढ़, 10 जनवरी:
पंजाब को भारत के रक्षा निर्माण क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने और राज्य की असीम क्षमताओं को देश की रक्षा आवश्यकताओं के साथ जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज मुख्यमंत्री श्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार द्वारा उच्च-स्तरीय डिफेंस स्किल्स कनक्लेव (रक्षा कौशल सम्मेलन) आयोजित किया गया, जिसमें रक्षा, एयरोस्पेस और रणनीतिक क्षेत्रों के लिए कौशल विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया। पंजाब के रोजगार उत्पादन, कौशल विकास और प्रशिक्षण मंत्री श्री अमन अरोड़ा की अध्यक्षता में आयोजित इस सम्मेलन ने रक्षा निर्माण क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए राज्य को एक महत्वपूर्ण संसाधन के रूप में प्रस्तुत किया।
इस सम्मेलन में रक्षा सचिव (भारत सरकार) श्री राजेश कुमार सिंह, पंजाब के मुख्य सचिव श्री के.ए.पी. सिन्हा, प्रमुख सचिव रोजगार उत्पादन, कौशल विकास और प्रशिक्षण श्रीमती अलकनंदा दियाल, वरिष्ठ नीति निर्माताओं, प्रमुख डिफेंस पी.एस.यू. और मूल उपकरण निर्माताओं (OEM) के उच्च पदस्थ उद्योगपति, प्रमुख शैक्षणिक संस्थानों के प्रमुख और कौशल विशेषज्ञों ने विशेष रूप से भाग लिया। सम्मेलन का उद्देश्य एक ऐसा उद्योग-आधारित कौशल विकास इकोसिस्टम तैयार करना था जो आधुनिक युद्ध और एयरोस्पेस से संबंधित उभरती तकनीकी मांगों को पूरा कर सके।
श्री अमन अरोड़ा ने मुगल युग से लेकर अब तक भारत की रक्षा में पंजाब के योगदान का हवाला देते हुए राज्य की समृद्ध विरासत पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि आज के युग की तकनीक को देखते हुए बहादुरी को अत्याधुनिक कौशलों से लैस किया जाना चाहिए। यह सम्मेलन मुख्यमंत्री मान की अगुवाई वाली पंजाब सरकार की राज्य को एक ऐसा हब बनाने की प्रतिबद्धता को दोहराता है, जिसके तहत राज्य न केवल सैनिक तैयार करे बल्कि देश को रक्षा निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने के लिए कुशल तकनीकविद और इंजीनियर भी तैयार करे।
उन्होंने कहा कि पंजाब देश की आबादी का केवल 2 प्रतिशत है, इसके बावजूद सेना में राज्य का योगदान 12 प्रतिशत से अधिक है। उन्होंने कहा कि रक्षा क्षेत्र में पंजाब की एक विशेष पहचान है और रक्षा उद्योग में निवेश को आकर्षित करने की असीम क्षमताएं हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के मोहाली और अमृतसर में अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और भारत के सबसे बड़े एयर फोर्स बेसों में से एक आदमपुर में स्थित है। इसके अलावा, राज्य में व्यवसायिक नीतियां और अनुकूल माहौल मौजूद है। उन्होंने कहा कि सरकार रक्षा क्षेत्र के लिए कौशल के पायदान की पहचान करने और लक्ष्य-निर्दिष्ट प्रशिक्षण कार्यक्रम विकसित करने के लिए उद्योगपतियों, शैक्षणिक संस्थानों और समुदायों के साथ मिलकर काम कर रही है।
भारत के रक्षा कौशल विकास प्रयासों में पंजाब के महत्वपूर्ण योगदान की संभावना को उजागर करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि भविष्य में रक्षा क्षेत्र में कौशल विकास संबंधी देश की डिजिटल, मनोवैज्ञानिक और भावनात्मक जरूरतों को पूरा करने की सबसे अधिक क्षमता पंजाब के पास ही है। उन्होंने इन संभावनाओं का भरपूर लाभ उठाने और पंजाब को देश की मजबूत ढाल के रूप में स्थापित करने के लिए उद्योग जगत और केंद्र सरकार के बीच सहयोगात्मक नीतियों के निर्माण पर जोर दिया।
पंजाब सरकार की रक्षा कौशल सम्मेलन आयोजित करने की सराहना करते हुए भारत सरकार के रक्षा सचिव श्री राजेश कुमार सिंह ने इस पहल को भारत को वैश्विक स्तर पर रक्षा निर्माण केंद्र के रूप में उभारने की दिशा में विशेष कदम बताया। उन्होंने कौशल इको-सिस्टम को और मजबूत करने और एक विशिष्ट औद्योगिक आधार तैयार करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब के रक्षा निर्माण क्षेत्र में असीम संभावनाएं हैं क्योंकि राज्य के पास समृद्ध सैनिक परंपरा और संस्कृति है।
मुख्य सचिव श्री के.ए.पी. सिन्हा और श्रीमती अलकनंदा दियाल ने राज्य में रक्षा निर्माण क्षेत्र में आने वाले निवेशकों को निर्बाध सुविधा और पूर्ण समर्थन का भरोसा दिया। साथ ही उन्होंने राष्ट्रीय सुरक्षा सुनिश्चित करने और आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करने में रक्षा, एयरोस्पेस और रणनीतिक क्षेत्रों के महत्व पर जोर देते हुए कहा कि इससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे। मुख्य सचिव श्री सिन्हा ने कहा कि यह सम्मेलन भारत के रक्षा क्षेत्र में नवाचार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने में सहायक होगा।
इस दौरान राज्य सरकार ने सोसाइटी ऑफ़ इंडियन डिफेंस मैन्युफैक्चरर्स (SIDM), NASSCOM, माइक्रोसॉफ्ट, IBM और 1M1B जैसी प्रमुख संस्थाओं के साथ समझौते भी किए, जिसका उद्देश्य रक्षा और एयरोस्पेस में उच्च-मूल्य वाली भूमिकाओं के लिए पंजाब के युवाओं की रोजगारयोग्यता और तकनीकी दक्षता बढ़ाना है।
इस सम्मेलन में IIT दिल्ली, IIT रोपड़, IIT इंदौर, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज और चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों के साथ-साथ भारत फोर्ज लिमिटेड, महिंद्रा डिफेंस सिस्टम्स, L&T डिफेंस, टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स लिमिटेड और सफरान इंडिया सहित रक्षा उद्योग के कई दिग्गजों ने भाग लिया। इस कार्यक्रम में विशेष रूप से हरियाणा, गुजरात, तेलंगाना, तमिलनाडु, कर्नाटक और यूपी डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर समेत अन्य राज्यों के प्रतिनिधियों ने भी भागीदारी की।
यह डिफेंस स्किल्स कनक्लेव पंजाब के विकास में एक बड़ा परिवर्तन लाने वाला कदम है, जो राज्य की कुशल, नवाचारशील और टिकाऊ कार्यबल पर केंद्रित है और भारत के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए तैयार किया गया है।

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