
अबोहर/फाजिल्का, 12 फरवरी:
माननीय पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाब चंद कटारिया के नेतृत्व में राज्य के सीमावर्ती जिलों में निकाली जा रही 4 दिवसीय नशा-मुक्त पैदल यात्रा का समापन अबोहर के डी.ए.वी. कॉलेज में हुआ। आज इस अंतिम दिन नशों के खिलाफ रेलवे स्टेशन अबोहर से डी.ए.वी. कॉलेज अबोहर तक पैदल यात्रा निकाली गई। इस पैदल यात्रा में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, स्कूलों और कॉलेजों के प्रमुख, एनजीओ, सामाजिक संस्थाओं के प्रतिनिधि और कई गणमान्य व्यक्तियों ने बड़ी संख्या में भाग लेते हुए नशा-मुक्त पंजाब बनाने का संकल्प लिया।
इस अवसर पर माननीय राज्यपाल पंजाब ने अपने संबोधन में कहा कि नशों का खात्मा केवल सरकार की ही नहीं, बल्कि हम सभी की साझा जिम्मेदारी है, तभी पंजाब फिर से पहले जैसा रंगीन और खुशहाल पंजाब बन सकेगा। उन्होंने कहा कि इस बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए निरंतर प्रयास आवश्यक हैं।
उन्होंने कहा कि हमें अपने गुरुओं के बलिदानों से सीख लेनी चाहिए। हमारी बहादुर सेना के जवानों ने देश की रक्षा के लिए अपने प्राणों तक की आहुति दे दी, और हम इस छोटी-सी नशे की लत को भी समाप्त नहीं कर पा रहे। उन्होंने कहा कि इस बीमारी को जड़ से मिटाना हमारा धार्मिक और नैतिक कर्तव्य है।
उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा नशों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है, जिसे सफल बनाने के लिए शिक्षा संस्थानों, धार्मिक संस्थाओं, सामाजिक संगठनों, सभी राजनीतिक दलों, पंचायतों और आम लोगों को एकजुट होकर यह लड़ाई लड़नी होगी।
आगे उन्होंने कहा कि हमारा पड़ोसी दुश्मन देश ड्रोन के माध्यम से नशों की आपूर्ति कर हमारी युवा पीढ़ी को कमजोर करने की कोशिश कर रहा है, लेकिन सरकार द्वारा एंटी-ड्रोन सिस्टम सहित कई कड़े कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि इस साजिश को नाकाम किया जा सके।
अंत में माननीय राज्यपाल ने कहा कि नशों के खिलाफ यह लड़ाई सामूहिक रूप से ही जीती जा सकती है और समूचे पंजाबवासियों के सहयोग से इस मिशन में जल्द सफलता मिलेगी। इसके उपरांत उन्होंने डी.ए.वी. कॉलेज के ऑडिटोरियम में विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए शिक्षा को प्राथमिकता देने और नशों के खात्मे के लिए सभी के संयुक्त सहयोग की आवश्यकता पर जोर दिया।









