जालंधर

लोगों से सीधा संवाद पारदर्शी और जवाबदेह शासन की कुंजी है: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

जालंधर, 12 जनवरी:
कड़ाके की ठंड के बावजूद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जालंधर में लोक मिलनी के माध्यम से विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लोगों से सीधा संवाद किया और उनकी शिकायतों को धैर्यपूर्वक सुना। इस तरह के सीधे संवाद को पारदर्शी और जवाबदेह शासन की धुरी बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि मुफ्त बिजली और बड़े पैमाने पर रोजगार उपलब्ध कराने से लेकर स्वास्थ्य सेवाओं और शिक्षा सुधारों तक लगातार जन-हितैषी पहल आम परिवारों पर बोझ को निरंतर कम कर रही हैं और पंजाब को देश के अग्रणी राज्यों में फिर से स्थापित करने की दिशा में मजबूती से आगे बढ़ा रही हैं।
जालंधर के विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों के लोगों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोक मिलनियां शासन का एक नियमित हिस्सा होंगी, क्योंकि ये सरकार को जमीनी हकीकत समझने और जन शिकायतों का प्रभावी समाधान करने में मदद करती हैं। मुख्यमंत्री ने कहा,
“इन लोक मिलनियों का मूल उद्देश्य पूरी प्रक्रिया को सरल बनाकर लोगों की समस्याओं का समाधान करना है, जिससे राज्य के समग्र विकास को गति मिलेगी। हमारी सरकार हर नागरिक को पारदर्शी, प्रभावी और जवाबदेह शासन प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार राज्य की प्रगति और लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा,
“हम पंजाब की प्राचीन शान को बहाल करने के लिए निरंतर काम कर रहे हैं। वह दिन दूर नहीं जब इन सतत प्रयासों के कारण पंजाब एक बार फिर देश में अग्रणी राज्य के रूप में उभरेगा।”
अपनी सरकार के दीर्घकालिक दृष्टिकोण का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए ‘रंगला पंजाब’ बनाने की व्यापक योजना पहले ही तैयार की जा चुकी है। उन्होंने कहा,
“पिछले मुख्यमंत्री अपने महलों तक सीमित रहे, लेकिन मैं शांति, प्रगति और खुशहाली के नए युग की शुरुआत करने के लिए राज्य के हर कोने का दौरा कर रहा हूं। यह अभियान आने वाले दिनों में भी जारी रहेगा ताकि विकास और समृद्धि को और गति मिल सके।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक मिलनियों का मुख्य उद्देश्य लोगों से सीधा संपर्क स्थापित करना और समग्र विकास के लिए रणनीति तैयार करना है। उन्होंने कहा,
“इस कार्यक्रम का देश भर में कोई सानी नहीं है। कोई अन्य राज्य सरकार लोगों की समस्याओं को उनके दरवाजे पर जाकर हल करने के लिए इतना समय नहीं निकालती। लोक मिलनियां न केवल जन समस्याओं के त्वरित समाधान को सुनिश्चित करती हैं, बल्कि सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों की कार्यप्रणाली का मूल्यांकन करने में भी सहायक हैं।”
इसे वर्तमान जरूरतों के अनुरूप एक जन-हितैषी पहल बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि लोक मिलनी नागरिकों को उनके रोजमर्रा के कार्य आसानी से निपटाने में सहायता करती है और सुशासन को मजबूत बनाती है। उन्होंने कहा,
“यह दफ्तरों के कामकाज को बेहतर बनाने में मददगार है और प्रशासन को जमीनी हकीकत की स्पष्ट समझ प्रदान करती है। हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों के दरवाजे तक पहुंचे। हम विकास को तेज करने और खुशहाली बढ़ाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रहे हैं।”
मुख्य जन-हितैषी पहलों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, जिससे परिवारों पर वित्तीय दबाव काफी हद तक कम हुआ है। उन्होंने कहा,
“63,000 से अधिक युवाओं को बिना किसी सिफारिश या भ्रष्टाचार के, पूरी तरह पारदर्शी तरीके से सरकारी नौकरियां दी गई हैं।”
उन्होंने यह भी बताया कि सरकार ने 17 टोल प्लाजा बंद किए हैं, जिससे आम आदमी को टोल शुल्क में प्रतिदिन लगभग 64 लाख रुपये की बचत हो रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पूरे पंजाब में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जहां मुफ्त इलाज और दवाइयां उपलब्ध कराई जा रही हैं। उन्होंने कहा,
“मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना जल्द शुरू की जाएगी, जिसके तहत 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज संभव हो सकेगा। शिक्षा क्षेत्र में भी क्रांतिकारी कदम उठाए गए हैं, जिनकी राष्ट्रीय स्तर पर सराहना हुई है।”
उन्होंने आगे कहा कि 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जो गरीब बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा,
“विद्यार्थियों को मुफ्त यूनिफॉर्म दी जा रही हैं और लड़कियों के लिए मुफ्त बस सेवा यह सुनिश्चित करती है कि कोई भी लड़की शिक्षा से वंचित न रहे। सशस्त्र बलों में भर्ती तथा नीट, जेईई, सीएलएटी और एनआईएफटी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए विशेष कोचिंग भी प्रदान की जा रही है।”
शिक्षा क्षेत्र की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों के 265 विद्यार्थियों ने जेईई मेन्स के लिए क्वालिफाई किया, जबकि 44 विद्यार्थियों ने जेईई एडवांस्ड और 848 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की। उन्होंने आगे कहा,
“अध्यापकों और प्राचार्यों को उनके शिक्षण कौशल को उन्नत करने के लिए विश्व प्रसिद्ध संस्थानों में भेजा गया है। हमारी सरकार द्वारा गठित सड़क सुरक्षा फोर्स की देश भर में और संसद में भी सराहना हुई है।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

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