
रूपनगर, 20 जनवरी:
नाबार्ड के अंतर्गत चल रहे विभिन्न विकास परियोजनाओं की समीक्षा के लिए डॉ. अजय कुमार सूद, डिप्टी मैनेजिंग डायरेक्टर (डीएमडी), नाबार्ड ने श्री विनोद कुमार आर्य, सीजीएम/ओआईसी नाबार्ड पंजाब तथा श्री रमेश बाबू बोरिगड्डा, सीजीएम नाबार्ड पंजाब के साथ रूपनगर जिले के गांवों में स्थित विकास परियोजनाओं का दौरा किया।
दौरे के दौरान डॉ. सूद ने अंबुजा फाउंडेशन द्वारा लागू नाबार्ड वाटरशेड विकास परियोजना के तहत किए गए कार्यों की समीक्षा की। टीम ने खाद बनाने वाली परियोजनाओं सहित फार्म पोंड आदि का निरीक्षण किया और लाभार्थियों से बातचीत कर कृषि क्षेत्रों पर पड़े प्रभाव के बारे में जानकारी प्राप्त की। इस अवसर पर डीएमडी और सीजीएम द्वारा वाटरशेड क्षेत्र में चल रही गतिविधियों का निरीक्षण किया गया।
इसके पश्चात डॉ. सूद ने लगभग 80 भागीदारों को संबोधित किया, जिनमें एलडीएम रूपनगर, निदेशक आरएसईटीआई रूपनगर, वाटरशेड समिति के सदस्य, ग्राम पंचायत के प्रतिनिधि, एसएचजी सदस्य तथा गांववासी शामिल थे। ग्राम वाटरशेड समिति द्वारा परियोजना की शुरुआत से अब तक किए गए कार्यों की जानकारी साझा की गई और मिट्टी में सुधार तथा फसल विविधीकरण के लिए प्रोत्साहन जैसे लाभों को उजागर किया गया। समिति के अध्यक्ष ने वाटरशेड परियोजना को गांवों के लिए जीवन रेखा बताया।
इस कार्यक्रम में उपस्थित श्री अभिमन्यु मल्लिक, सहायक आयुक्त एवं सीएमएफओ रूपनगर, पंजाब ने गांववासियों को उनके गांव में फ्लैगशिप वाटरशेड परियोजना होने पर बधाई दी और परियोजना के प्रति उत्साह बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।
अपने संबोधन में डीएमडी डॉ. ए. के. सूद ने वैश्विक स्तर पर बढ़ती जलवायु परिवर्तन की चुनौती पर प्रकाश डाला। उन्होंने वाटरशेड गतिविधियों में स्थानीय लोगों की मजबूत भागीदारी की सराहना की।
इसके बाद टीम ने पुरखाली पैक्स का भी दौरा किया, जहां डीएमडी और नाबार्ड के वरिष्ठ अधिकारियों ने डीआर पंजाब, एमडी रोपड़ सीसीबी तथा पैक्स सचिवों के साथ बातचीत की। डॉ. सूद ने पैक्स के कंप्यूटरीकरण और आधुनिक तकनीक अपनाने की आवश्यकता पर जोर दिया और बताया कि किस प्रकार वाणिज्यिक बैंक, एनबीएफसी तथा छोटे वित्त बैंक इस क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़े हैं।
- इस दौरे में नाबार्ड के अधिकारी श्रीमती अंबिका जोती (जीएम), श्री आर. के. जोहरी (डीजीएम), श्रीमती सिमरन सेठी (डीडीएम, रूपनगर) तथा नाबार्ड पंजाब क्षेत्रीय कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे। इसके अतिरिक्त अंबुजा सीमेंट फाउंडेशन के प्रतिनिधि, जिनमें रोपड़ प्लांट हेड और पंजाब स्टेट हेड शामिल थे, भी मौजूद रहे।









